हरियाणा रोडवेज कर्मचारियों ने बढ़ाया आंदोलन, 1 नहीं अब 2 दिन चक्का जाम; 5-6 सितंबर को थम सकते हैं पहिए
हरियाणा रोडवेज कर्मचारियों ने आंदोलन बढ़ाकर 5 और 6 सितंबर को दो दिन चक्का जाम का ऐलान किया है। जानें 26 अगस्त को क्या होगा और यात्रियों पर कितना असर पड़ सकता है।
हरियाणा में रोडवेज कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर आंदोलन तेज करने का फैसला किया है। पहले 5 सितंबर को एक दिन की राज्यव्यापी हड़ताल प्रस्तावित थी, लेकिन अब कर्मचारी संगठनों के साझा मोर्चा ने 5 और 6 सितंबर को दो दिन चक्का जाम करने का ऐलान किया है। इससे पहले 26 अगस्त को प्रदेश के सभी रोडवेज डिपो पर दो घंटे का सांकेतिक प्रदर्शन किया जाएगा।
सिरसा के नाथूसरी चौपटा बस स्टैंड पर हुई साझा मोर्चा की बैठक में आंदोलन का नया कार्यक्रम तय किया गया। कर्मचारी नेताओं का कहना है कि सरकार और परिवहन विभाग के सामने मांगें लंबे समय से रखी जा रही हैं, लेकिन समाधान नहीं निकलने के कारण आंदोलन को आगे बढ़ाया गया है। इससे पहले अगस्त के दूसरे सप्ताह तक कर्मचारी 5 सितंबर को एक दिन की राज्यव्यापी हड़ताल की घोषणा कर रहे थे।
एक दिन की हड़ताल को अब दो दिन क्यों किया गया?
रोडवेज कर्मचारियों और सरकार के बीच मांगों को लेकर विवाद नया नहीं है। 25 जुलाई को कर्मचारी साझा मोर्चा ने अंबाला में परिवहन मंत्री अनिल विज के आवास के पास प्रदर्शन किया था। उस दौरान खाली पद भरने, वेतन और भत्तों से जुड़ी मांगों के साथ रोडवेज बेड़े और अन्य कर्मचारी मुद्दे उठाए गए थे।
इसके बाद अगस्त में अलग-अलग डिपो पर प्रदर्शन हुए। 13 अगस्त तक साझा मोर्चा की ओर से 5 सितंबर को प्रदेशव्यापी हड़ताल का कार्यक्रम बताया जा रहा था। कर्मचारी नेताओं का आरोप था कि आश्वासन के बावजूद लंबित मांगों पर निर्णायक वार्ता नहीं हो सकी।
अब नाथूसरी चौपटा की बैठक में इसी आंदोलन को आगे बढ़ाते हुए हड़ताल को दो दिन करने का फैसला लिया गया है।
आंदोलन का कार्यक्रम इस प्रकार रहेगा:
| तारीख | कर्मचारियों का कार्यक्रम |
|---|---|
| 26 अगस्त | सभी डिपो पर सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक प्रदर्शन और मांगपत्र |
| 5 सितंबर | प्रस्तावित राज्यव्यापी चक्का जाम |
| 6 सितंबर | चक्का जाम का दूसरा दिन |
क्या 26 अगस्त को भी रोडवेज बसें बंद रहेंगी?
26 अगस्त के कार्यक्रम को लेकर यात्रियों के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि कर्मचारियों ने उस दिन दो घंटे के सांकेतिक प्रदर्शन का ऐलान किया है।
सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक कर्मचारी डिपो स्तर पर प्रदर्शन करेंगे और महाप्रबंधकों को मांगपत्र सौंपेंगे। अभी घोषित कार्यक्रम में 26 अगस्त को पूरे दिन बसों का चक्का जाम करने की बात नहीं कही गई है।
इसलिए 26 अगस्त और 5-6 सितंबर के कार्यक्रम को अलग-अलग समझना जरूरी है। बड़ा चक्का जाम 5 और 6 सितंबर के लिए प्रस्तावित है।
5-6 सितंबर को यात्रियों पर कितना असर पड़ सकता है?
यदि साझा मोर्चा तय कार्यक्रम के अनुसार दो दिन की हड़ताल करता है तो हरियाणा रोडवेज की बस सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। इसका असर जिले के अंदर चलने वाली बसों के साथ लंबी दूरी और अंतरराज्यीय मार्गों पर भी पड़ सकता है।
हालांकि अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि दोनों दिन प्रदेश की सभी सरकारी बसें पूरी तरह बंद रहेंगी। हड़ताल से पहले सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच बातचीत हो सकती है या परिवहन विभाग यात्रियों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था कर सकता है।
इसलिए 5-6 सितंबर को सफर करने वाले यात्रियों के लिए हड़ताल की तारीख नजदीक आने पर अपने संबंधित डिपो और Haryana Roadways की ताजा जानकारी देखना ज्यादा उपयोगी रहेगा।
जुलाई में हिसार और हांसी में हुए दो दिवसीय रोडवेज आंदोलन के दौरान बस संचालन प्रभावित हुआ था और यात्रियों को परेशानी हुई थी, इसलिए आगामी राज्यव्यापी आंदोलन का असर भी यात्रियों के लिए अहम रहेगा।
आखिर किन मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं कर्मचारी?
रोडवेज कर्मचारियों की मांगें केवल वेतन बढ़ाने तक सीमित नहीं हैं। साझा मोर्चा ने भर्ती, नियमितीकरण, पदोन्नति और रोडवेज बसों के संचालन से जुड़े कई मुद्दे उठाए हैं।
वेतन और पदोन्नति: परिचालकों का पे-ग्रेड बढ़ाने और लिपिकों की तरह तीन वेतन वृद्धि देने की मांग है। चालकों के लिए हैवी पे-ग्रेड, समयबद्ध promotion policy और stand in-charge का अलग पद बनाने की मांग भी उठाई गई है।
भर्ती और नियमितीकरण: चालक और परिचालकों के खाली पदों पर नई भर्ती के साथ 2016 की भर्ती प्रक्रिया पूरी करने वाले चालकों को नियुक्ति तिथि से नियमित करने की मांग की गई है। HKRN के तहत लगे परिचालकों और helpers तथा दादरी डिपो के 52 helpers को भी पक्का करने की मांग है।
कर्मचारी सुविधाएं: चालक, परिचालक, उप निरीक्षक, निरीक्षक और workshop कर्मचारियों के लिए पहले की तरह earned leave बहाल करने तथा 2018 में भर्ती workshop कर्मचारियों को तकनीकी पदों पर promotion देने की मांग शामिल है।
बस संचालन और निजीकरण: कर्मचारी संगठन निजीकरण पर रोक लगाने, योजना के तहत चल रही electric buses को पूरी तरह सरकारी बेड़े में शामिल करने और घाटे में चल रही kilometre scheme की बसों के contracts खत्म करने की मांग कर रहे हैं।
रोडवेज विभाग में खाली पदों का मुद्दा भी लगातार उठता रहा है। इसी बीच विभाग ने हाल में 700 conductors की भर्ती और passenger app शुरू करने की योजना की जानकारी दी है।
आंदोलन का अगला पड़ाव 26 अगस्त का दो घंटे का प्रदर्शन होगा। इस दौरान कर्मचारी सभी रोडवेज डिपो पर महाप्रबंधकों को मांगपत्र देंगे।
इसके बाद नजर सरकार और साझा मोर्चा के बीच संभावित बातचीत पर रहेगी। अगर 5 सितंबर से पहले मांगों पर कोई समझौता नहीं होता और हड़ताल वापस नहीं ली जाती तो कर्मचारियों का घोषित कार्यक्रम 5 और 6 सितंबर को दो दिवसीय चक्का जाम का है।
यात्रियों के लिए इसलिए अभी सबसे महत्वपूर्ण तारीखें 26 अगस्त और 5-6 सितंबर हैं। इनमें 26 अगस्त विरोध का अगला चरण है, जबकि 5-6 सितंबर का कार्यक्रम सीधे बस सेवाओं को प्रभावित कर सकता है।








