हरियाणा के सरकारी स्कूलों में बाहरी एंट्री पर बढ़ी सख्ती, बिना अनुमति नहीं जा सकेंगे अंदर; जानें नया नियम
हरियाणा में सरकारी स्कूलों की बाहरी एंट्री पर सख्ती बढ़ी है। जानें अभिभावक, मीडिया और YouTubers स्कूल जा सकेंगे या नहीं, अनुमति किससे लेनी होगी और कार्रवाई किस पर होगी।
हरियाणा के सरकारी स्कूलों में बाहरी और अनधिकृत लोगों की एंट्री को लेकर सख्ती बढ़ा दी गई है। हांसी जिला प्रशासन ने सरकारी स्कूलों में बिना उचित अनुमति किसी बाहरी व्यक्ति के प्रवेश पर रोक लगाते हुए स्कूल प्रमुखों को सुरक्षा और अनुशासन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
आदेश के अनुसार स्कूल में आने वाले व्यक्ति के पास वैध कारण होना जरूरी होगा। बिना अनुमति कक्षा में प्रवेश करने या पढ़ाई, परीक्षा और दूसरी शैक्षणिक गतिविधियों में बाधा डालने की इजाजत नहीं होगी।
अभिभावक स्कूल जा सकेंगे, लेकिन सीधे कक्षा में प्रवेश नहीं
नए निर्देशों का मतलब यह नहीं है कि अभिभावकों की स्कूल में एंट्री पूरी तरह बंद कर दी गई है। बच्चे की पढ़ाई, शिक्षक से मुलाकात, दस्तावेज या दूसरे जरूरी काम से आने वाले अभिभावक स्कूल प्रशासन से संपर्क कर सकेंगे।
हालांकि परिसर या कक्षा में सीधे जाने के बजाय उन्हें पहले अपना उद्देश्य बताना होगा और संबंधित स्कूल प्रशासन से अनुमति लेनी होगी। आदेश में अभिभावकों के लिए किसी अलग online pass या application system का उल्लेख नहीं किया गया है।
बाहरी व्यक्ति किसे माना जाएगा?
आदेश में बाहरी व्यक्ति की कोई अलग नामवार सूची नहीं दी गई है। इसका मुख्य उद्देश्य ऐसे लोगों की uncontrolled entry रोकना है, जो बिना किसी आधिकारिक काम या अनुमति के स्कूल परिसर में पहुंच जाते हैं।
स्कूल के विद्यार्थी, शिक्षक, कर्मचारी और आधिकारिक ड्यूटी पर आने वाले अधिकारियों से अलग किसी visitor की एंट्री स्कूल प्रशासन की अनुमति के आधार पर नियंत्रित की जाएगी।
मीडिया और YouTubers के लिए भी जरूरी होगी अनुमति
मीडिया प्रतिनिधि, YouTubers या किसी अन्य visitor को भी बिना अनुमति सीधे स्कूल या classroom में प्रवेश की खुली छूट नहीं होगी।
हांसी के उपलब्ध आदेश में मीडिया या यूट्यूबर्स के लिए अलग से पूर्ण प्रतिबंध का उल्लेख नहीं है। इसी तरह photo-video बनाने को लेकर भी इस आदेश में कोई अलग विस्तृत प्रावधान सामने नहीं आया है। ऐसे मामलों में स्कूल प्रशासन की अनुमति और बच्चों की सुरक्षा से जुड़े नियम अहम रहेंगे।
अंबेडकर स्कॉलरशिप हरियाणा 2026: पात्रता, कितने अंक जरूरी, राशि और आवेदन की पूरी जानकारी
किससे लेनी होगी अनुमति?
स्कूल परिसर में सुरक्षा, अनुशासन और visitor entry की जिम्मेदारी संबंधित principal, headmaster या institution head की रहेगी।
इसलिए किसी अभिभावक, ग्रामीण, सामाजिक कार्यकर्ता या अन्य visitor को स्कूल के अंदर किसी विशेष हिस्से में जाने से पहले संबंधित स्कूल प्रशासन से अनुमति लेनी होगी।
जिला शिक्षा अधिकारी, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी और खंड शिक्षा अधिकारियों को भी इन निर्देशों की पालना सुनिश्चित कराने को कहा गया है।
नियम लागू नहीं किए तो स्कूल प्रशासन पर हो सकती है कार्रवाई
नए आदेश में स्कूल प्रमुखों और संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी भी तय की गई है। यदि unauthorized entry को रोकने या निर्देश लागू करने में लापरवाही मिलती है तो जिम्मेदार अधिकारी या संस्था प्रमुख के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जा सकती है।
यहां यह समझना जरूरी है कि आदेश का मुख्य फोकस school administration की accountability पर भी है। सिर्फ किसी visitor के स्कूल पहुंच जाने को अपने आप आपराधिक मामला मान लेना सही नहीं होगा।
क्या यह नियम पूरे हरियाणा में लागू है?
फिलहाल हांसी जिले का आदेश स्पष्ट रूप से सामने आया है। वहीं कुछ reports में इसे Haryana Government schools के लिए व्यापक व्यवस्था के रूप में भी बताया गया है।
लेकिन पूरे प्रदेश के लिए visitor register, written permission, photo-video ban और अलग कानूनी धाराओं वाला detailed statewide circular सार्वजनिक रूप से स्पष्ट नहीं है।
इसलिए अभी सबसे factual स्थिति यही है कि हांसी जिले में बिना अनुमति बाहरी लोगों की entry को लेकर सख्त आदेश लागू है, जबकि पूरे Haryana में एक समान विस्तृत नियम की स्थिति School Education Department के अलग statewide order से पूरी तरह स्पष्ट होगी।




