हरियाणा के विद्यार्थियों के लिए विदेश में पढ़ाई का नया मौका, UK की यूनिवर्सिटी में जल्द शुरू होगा कार्यक्रम
चंडीगढ़। हरियाणा के विद्यार्थियों को विदेश में उच्च शिक्षा और शोध के अवसर देने की दिशा में राज्य सरकार एक नया कार्यक्रम शुरू करने की तैयारी कर रही है। इसके तहत प्रदेश के विद्यार्थी यूके की यूनिवर्सिटी में पढ़ाई के लिए जा सकेंगे। कार्यक्रम जल्द शुरू किया जाएगा।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बुधवार को संत कबीर कुटीर में हरियाणा के विभिन्न विश्वविद्यालयों में अध्ययन कर रहे 14 देशों के विद्यार्थियों से संवाद के दौरान यह जानकारी दी। सरकार के अनुसार इस पहल का उद्देश्य प्रदेश के युवाओं को वैश्विक शिक्षा, नई तकनीक और शोध के बेहतर अवसरों से जोड़ना है।
यूके में पढ़ाई के लिए क्या शुरू किया जाएगा?
मुख्यमंत्री ने बताया कि हरियाणा के विद्यार्थियों के लिए यूके की यूनिवर्सिटी में पढ़ाई का कार्यक्रम जल्द शुरू किया जाएगा।
हालांकि, इस चरण में सरकार की ओर से कार्यक्रम की किस यूनिवर्सिटी के साथ शुरुआत होगी, कितने विद्यार्थियों को भेजा जाएगा, कौन-कौन से पाठ्यक्रम शामिल होंगे और आवेदन की प्रक्रिया क्या होगी, इसकी विस्तृत जानकारी साझा नहीं की गई है।
इसलिए विद्यार्थियों को अभी किसी निश्चित विश्वविद्यालय, कोर्स, छात्रवृत्ति या आवेदन की तारीख को लेकर आधिकारिक घोषणा का इंतजार करना होगा।
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सरकार विदेश में पढ़ाई के अवसर क्यों बढ़ा रही है?
मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स और दूसरी आधुनिक तकनीकों ने शिक्षा, चिकित्सा, कृषि सहित कई क्षेत्रों में नए अवसर पैदा किए हैं।
ऐसे में युवाओं को केवल पारंपरिक शिक्षा तक सीमित रहने के बजाय नई तकनीकों को सीखने और बदलती जरूरतों के अनुसार अपने कौशल को विकसित करने की जरूरत है।
मुख्यमंत्री ने युवाओं से ‘गो ग्लोबल’ दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ने और दुनिया भर में उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाने का आह्वान किया।
क्या विदेशी विद्यार्थी भी हरियाणा में पढ़ रहे हैं?
हां। मुख्यमंत्री के साथ हुए संवाद में हरियाणा के विभिन्न विश्वविद्यालयों में पढ़ रहे 14 देशों के विद्यार्थी शामिल हुए।
इनमें:
- चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार
- कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय, कुरुक्षेत्र
- महर्षि मार्कंडेश्वर यूनिवर्सिटी, मुलाना
में अध्ययन कर रहे विदेशी विद्यार्थी शामिल थे।
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से उनके शोध और हरियाणा में शिक्षा के अनुभव के बारे में जानकारी ली।
विदेशी विद्यार्थियों ने हरियाणा के बारे में क्या बताया?
विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री के साथ हरियाणा में अपने शिक्षा और शोध के अनुभव साझा किए। उन्होंने यहां के विश्वविद्यालयों के शैक्षणिक वातावरण, शोध, संस्कृति और लोगों के बारे में अपने अनुभव बताए।
चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय में पीएचडी कर रही अफगानिस्तान की एक छात्रा ने हरियाणा में बिताए अपने सात साल के अनुभव को भी साझा किया।
पूरी बातचीत हिंदी में हुई।
विदेश में पढ़ाई से हरियाणा के युवाओं को क्या फायदा होगा?
विदेश सहयोग विभाग की प्रधान सचिव अमनीत पी. कुमार ने बताया कि इस पहल के माध्यम से हरियाणा के युवाओं को विदेश जाकर नई तकनीक, नए विषय और पढ़ाई के बेहतर तरीकों को सीखने का अवसर मिलेगा।
इससे विद्यार्थियों को आगे चलकर रोजगार और करियर के बेहतर अवसर मिल सकते हैं।
हालांकि, सरकार की ओर से अभी यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि प्रस्तावित यूके कार्यक्रम में सरकार फीस, यात्रा, रहने या छात्रवृत्ति के रूप में कोई आर्थिक सहायता देगी या नहीं। इसलिए इस संबंध में आधिकारिक विस्तृत दिशानिर्देश आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
विदेशी विद्यार्थियों को हरियाणा से जोड़ने पर सरकार का जोर
विदेश सहयोग विभाग में मुख्यमंत्री के सलाहकार पवन चौधरी ने कहा कि हरियाणा में पढ़ रहे विदेशी विद्यार्थी केवल शिक्षा हासिल करने वाले विद्यार्थी नहीं हैं, बल्कि वे भारत और अपने देशों के बीच शैक्षणिक, सांस्कृतिक और आर्थिक संबंधों को मजबूत करने में भी भूमिका निभा सकते हैं।
सरकार का मानना है कि ये विद्यार्थी अपने देश वापस जाकर हरियाणा में शिक्षा, कृषि, शोध, संस्कृति और विकास से जुड़े अनुभव साझा कर सकते हैं।
इससे अलग-अलग देशों में हरियाणा की सकारात्मक छवि बनाने में भी मदद मिल सकती है।
विद्यार्थियों के लिए अभी क्या जानना जरूरी है?
यूके में पढ़ाई के प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर फिलहाल सरकार ने कार्यक्रम शुरू करने की घोषणा की है। अभी आवेदन की तारीख, पात्रता, सीटों की संख्या, विषय, चयन प्रक्रिया, फीस और छात्रवृत्ति से जुड़ी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
इसलिए विद्यार्थियों को किसी सोशल मीडिया पोस्ट या अनधिकृत वेबसाइट पर प्रकाशित आवेदन संबंधी जानकारी पर भरोसा करने के बजाय हरियाणा सरकार या संबंधित विभाग की आधिकारिक घोषणा का इंतजार करना चाहिए।



