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HTET को लेकर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, 7 साल की वैधता वाली शर्त खारिज; शिक्षकों पर क्या होगा असर?

HTET वैधता को लेकर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट का बड़ा फैसला आया है। कोर्ट ने lifetime validity को 6 अगस…

HTET को लेकर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, 7 साल की वैधता वाली शर्त खारिज
HTET को लेकर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, 7 साल की वैधता वाली शर्त खारिज

हरियाणा में शिक्षक भर्ती के लिए जरूरी HTET प्रमाणपत्र की वैधता को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने उन आदेशों को रद्द कर दिया है, जिनके जरिए HTET प्रमाणपत्र की लाइफटाइम वैधता का लाभ केवल 6 अगस्त 2024 के बाद जारी शिक्षक भर्ती विज्ञापनों तक सीमित किया गया था।

हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि HTET की वैधता से जुड़े मामलों का आकलन राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) की 9 जून 2021 की अधिसूचना के अनुसार किया जाना चाहिए। यह फैसला उन याचिकाकर्ताओं और समान स्थिति वाले उम्मीदवारों के लिए महत्वपूर्ण है, जिनके HTET प्रमाणपत्र को सात साल की अवधि पूरी होने के आधार पर भर्ती में मान्य नहीं माना गया था।

क्या है पूरा मामला?

मामला PGT भर्ती से जुड़ा है। याचिकाकर्ताओं ने हरियाणा लोक सेवा आयोग (HPSC) के माध्यम से निकाली गई शिक्षक भर्ती में आवेदन किया था।

कुछ उम्मीदवारों की HTET प्रमाणपत्र की सात साल की अवधि पूरी हो चुकी थी। इसी आधार पर उनकी उम्मीदवारी पर आपत्ति लगाई गई थी।

मामले में विवाद इसलिए पैदा हुआ क्योंकि हरियाणा सरकार के निर्देशों में HTET प्रमाणपत्र की वैधता सात साल रखी गई थी, जबकि बाद में NCTE ने 9 जून 2021 की अधिसूचना के जरिए TET प्रमाणपत्र की वैधता को लाइफटाइम करने का प्रावधान किया था।

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हाईकोर्ट ने अब क्या फैसला दिया?

जस्टिस हरप्रीत सिंह बराड़ की पीठ ने 12 अगस्त 2026 को इन जुड़े हुए मामलों पर फैसला सुनाया।

कोर्ट ने कहा कि संबंधित अधिकारियों ने HTET की लाइफटाइम वैधता को 6 अगस्त 2024 से prospective यानी आगे की तारीख से लागू करके गलती की।

फैसले में 6 अगस्त 2024 के उस आदेश और 7 अगस्त 2024 की HPSC घोषणा को उस सीमा तक रद्द कर दिया गया, जिसमें HTET/STET की लाइफटाइम वैधता को केवल 6 अगस्त 2024 के बाद जारी विज्ञापनों तक सीमित किया गया था।

कोर्ट ने किस आधार पर फैसला दिया?

हाईकोर्ट ने NCTE की 9 जून 2021 की अधिसूचना को महत्वपूर्ण माना। कोर्ट के अनुसार इस अधिसूचना में TET की लाइफटाइम वैधता का लाभ 11 फरवरी 2011 से retrospective यानी पिछली तारीख से लागू करने का प्रावधान था।

इसलिए राज्य स्तर पर इसे केवल 6 अगस्त 2024 के बाद के भर्ती विज्ञापनों तक सीमित करना NCTE की अधिसूचना के अनुरूप नहीं था।

पुराने HTET प्रमाणपत्र वालों को क्या फायदा होगा?

यह इस फैसले का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है।

कोर्ट ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि याचिकाकर्ताओं और समान स्थिति वाले उम्मीदवारों के HTET प्रमाणपत्र की वैधता का आकलन NCTE की 9 जून 2021 की अधिसूचना के अनुसार किया जाए।

इसका मतलब यह है कि जिन उम्मीदवारों का HTET प्रमाणपत्र केवल सात साल की अवधि पूरी होने के कारण भर्ती प्रक्रिया में मान्य नहीं माना गया था, उनकी पात्रता को अब इस फैसले के अनुसार दोबारा देखा जा सकता है, बशर्ते वे अन्य सभी भर्ती शर्तें पूरी करते हों।

हालांकि इसका अर्थ यह नहीं है कि हर पुराने HTET प्रमाणपत्र वाले उम्मीदवार को स्वतः सरकारी नौकरी मिल जाएगी। अन्य शैक्षणिक योग्यता, आयु, भर्ती की अन्य शर्तें और मेरिट जैसी आवश्यकताओं को पूरा करना फिर भी जरूरी रहेगा।

जिन उम्मीदवारों का इंटरव्यू हो चुका है, उनके लिए क्या निर्देश?

कोर्ट ने उन याचिकाकर्ताओं को भी राहत दी है, जिन्होंने हाईकोर्ट के अंतरिम आदेशों के आधार पर इंटरव्यू में हिस्सा लिया था।

ऐसे उम्मीदवार संबंधित अधिकारियों के सामने अपनी उम्मीदवारी पर विचार करने के लिए प्रतिनिधित्व (representation) दे सकते हैं।

अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि यदि उम्मीदवार अन्य सभी मामलों में पात्र पाया जाता है तो उसकी नियुक्ति पर विचार करें और प्रतिनिधित्व मिलने के चार सप्ताह के भीतर speaking order पारित करें।

क्या हरियाणा में HTET अब हमेशा के लिए वैध हो गया?

फैसले का मुख्य असर यह है कि 9 जून 2021 की NCTE अधिसूचना के तहत दी गई lifetime validity को केवल 6 अगस्त 2024 के बाद के भर्ती विज्ञापनों तक सीमित करने वाली व्यवस्था को हाईकोर्ट ने स्वीकार नहीं किया।

इसलिए पुराने प्रमाणपत्रों की पात्रता का मामला भी संबंधित नियमों और NCTE की अधिसूचना के अनुसार देखा जाएगा।

शिक्षकों के लिए इस फैसले का क्या मतलब है?

इस फैसले से उन HTET अभ्यर्थियों को सबसे ज्यादा राहत मिल सकती है, जिनका प्रमाणपत्र सात साल की अवधि पूरी होने के कारण भर्ती प्रक्रिया में अमान्य माना गया था, जबकि वे NCTE की बाद की lifetime validity व्यवस्था के दायरे में आते हैं।

विशेष रूप से पुरानी HTET योग्यता के आधार पर शिक्षक भर्ती में शामिल होने वाले उम्मीदवारों के लिए यह फैसला महत्वपूर्ण हो सकता है।

लेकिन उम्मीदवारों को अपनी स्थिति का फैसला केवल इस खबर के आधार पर नहीं करना चाहिए। संबंधित भर्ती विज्ञापन, HTET प्रमाणपत्र और अन्य पात्रता शर्तों के आधार पर संबंधित विभाग/आयोग के निर्देश देखना जरूरी होगा।

लेखक

Kuldeep Singh

कुलदीप सिंह LocalHaryana.com पर लेखक के रुप में कार्यरत हैं। वे वर्ष 2021 से डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं। वे मुख्य रूप से हरियाणा समाचार, सरकारी योजनाएं, नौकरियां, शिक्षा, खेतीबाड़ी और मौसम से जुड़े विषयों पर लेखन करते हैं। उनका प्रयास पाठकों तक तथ्य आधारित, स्पष्ट और उपयोगी जानकारी सरल हिंदी में पहुँचाना है। LocalHaryana.com पर प्रकाशित सामग्री उपलब्ध आधिकारिक सूचनाओं और विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर तैयार की जाती है।

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