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नौकरी

हरियाणा विधानसभा में HKRN कर्मचारियों पर बड़ा बयान, रेगुलर भर्ती होते ही खाली करनी होगी पोस्ट

HKRN कर्मचारियों पर CM सैनी ने कहा कि रेगुलर कर्मचारी आने पर पोस्ट खाली करनी होगी। सेवा 31 अक्टूबर तक बढ़ी है और सर्विस सिक्योरिटी पर भी अपडेट आया।

हरियाणा विधानसभा में HKRN कर्मचारियों और रेगुलर भर्ती को लेकर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का बयान
हरियाणा विधानसभा में HKRN कर्मचारियों और रेगुलर भर्ती को लेकर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का बयान

लोकल हरियाणा, चण्डीगढ़। हरियाणा विधानसभा में HKRN कर्मचारियों को लेकर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बड़ा बयान दिया है। मुख्यमंत्री ने साफ किया कि हरियाणा कौशल रोजगार निगम यानी HKRN के जरिए दी गई नौकरी रेगुलर सरकारी नौकरी का विकल्प नहीं है। जिस पद पर बाद में रेगुलर कर्मचारी की नियुक्ति हो जाती है, उस पोस्ट को HKRN कर्मचारी को खाली करना होगा। सरकार ने कहा कि रेगुलर भर्ती पूरी होने तक जरूरी सेवाएं चलती रहें, इसके लिए HKRN को वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर यूज किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने 31 अगस्त को हरियाणा विधानसभा में HKRN से जुड़े ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान यह स्थिति साफ की। कांग्रेस के 17 विधायकों ने HKRN भर्ती, नौकरी की सुरक्षा, आरक्षण और भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर सवाल उठाए थे।

रेगुलर कर्मचारी आया तो HKRN कर्मचारी को खाली करनी होगी पोस्ट

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि HKRN के जरिए किसी पद पर की गई तैनाती स्थायी नहीं होती। निगम की पॉलिसी में ही यह व्यवस्था है कि जिस पद पर रेगुलर कर्मचारी नियुक्त हो जाएगा, वहां तैनात HKRN कर्मचारी को वह पोस्ट खाली करनी होगी।

यहां कर्मचारियों के लिए एक जरूरी बात है। सरकार ने पोस्ट खाली करने की बात कही है। उपलब्ध बयान में यह नहीं कहा गया कि ऐसी स्थिति में हर कर्मचारी की HKRN नौकरी अपने आप पूरी तरह खत्म हो जाएगी या उसे किसी दूसरी जगह जरूर तैनाती मिलेगी।

इसलिए HKRN कर्मचारियों की नौकरी पर असर संबंधित पद पर होने वाली रेगुलर नियुक्ति और उस समय लागू पॉलिसी के आधार पर होगा।

HKRN Regular Recruitment को लेकर सरकार ने क्या कहा?

HKRN Regular Recruitment को लेकर मुख्यमंत्री ने विधानसभा में कहा कि सरकारी विभाग अपने खाली पदों की जानकारी हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (HSSC) और हरियाणा लोक सेवा आयोग (HPSC) को भेजते हैं। इन पदों पर रेगुलर भर्ती की प्रक्रिया चलती रहती है।

इस बीच विभागों में काम प्रभावित न हो, इसलिए जरूरत के अनुसार HKRN के जरिए कर्मचारी लगाए जाते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि निगम को कभी भी रेगुलर सरकारी नौकरी देने वाली संस्था के रूप में पेश नहीं किया गया।

यानी किसी विभाग में खाली पद पर HKRN कर्मचारी काम कर रहा है तो उस पद पर HSSC, HPSC या दूसरी तय प्रक्रिया से रेगुलर नियुक्ति होने के बाद वर्तमान HKRN तैनाती जारी रहने की गारंटी नहीं है।

HKRN कर्मचारियों को 31 अक्टूबर तक मिला हुआ है एक्सटेंशन

यह बयान ऐसे समय आया है जब HKRN Haryana के तहत विभागों, बोर्डों और निगमों में लगे कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों की सेवा अवधि दो महीने बढ़ाई जा चुकी है।

इन कर्मचारियों की मौजूदा सेवा अवधि 31 अगस्त को खत्म होने वाली थी। हरियाणा सरकार ने इसे बढ़ाकर 31 अक्टूबर 2026 कर दिया है। यह आदेश सरकारी विभागों, बोर्डों, निगमों और दूसरी सरकारी संस्थाओं में HKRN के जरिए तैनात कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों पर लागू है।

हालांकि 31 अक्टूबर तक मिला एक्सटेंशन कर्मचारियों को रेगुलर कर्मचारी का दर्जा नहीं देता। दोनों व्यवस्थाएं अलग हैं।

सर्विस सिक्योरिटी पर भी आया बड़ा अपडेट

हरियाणा विधानसभा में HKRN कर्मचारियों की Service Security को लेकर भी सरकार ने आंकड़े रखे।

मुख्यमंत्री के अनुसार 31 अगस्त सुबह 10 बजे तक Service Security Portal पर 62,497 आवेदन आए थे। इनमें 55,077 आवेदन DDO स्तर पर मंजूर हो चुके थे, जबकि 27,896 को विभागाध्यक्ष स्तर पर मंजूरी मिली थी।

सरकार का कहना है कि पोर्टल पर पात्र कर्मचारियों को सर्विस सिक्योरिटी लेटर ऑनलाइन जारी किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने अगले दो महीने में सभी पात्र कर्मचारियों को इसका लाभ देने की बात कही है।

सर्विस सिक्योरिटी को रेगुलर सरकारी नौकरी नहीं माना जाएगा। रेगुलर नियुक्ति वाले पद को खाली करने की HKRN पॉलिसी अलग से लागू रहती है।

HKRN से लगाए गए 28,350 नए कर्मचारी

विधानसभा में सरकार ने HKRN के जरिए की गई नई तैनातियों का डेटा भी दिया।

सरकार के अनुसार निगम के जरिए 28,350 नए कर्मचारी लगाए गए। इनमें 4,548 Level-1, 9,577 Level-2 और 14,225 Level-3 में हैं। इनमें अनुसूचित जाति के 6,788 और पिछड़ा वर्ग के 8,128 कर्मचारी शामिल बताए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने विपक्ष के आरक्षण नहीं मिलने के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि HKRN की तैनाती प्रक्रिया में सरकारी आरक्षण नीति के प्रावधान शामिल किए गए हैं।

हरियाणा विधानसभा में HKRN पर क्यों हुई बहस?

कांग्रेस विधायकों ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव में आरोप लगाया कि सरकारी विभागों, बोर्डों और विश्वविद्यालयों में रेगुलर पदों के स्थान पर कॉन्ट्रैक्ट रोजगार बढ़ रहा है। विपक्ष ने भर्ती में पारदर्शिता, आरक्षण और नौकरी की सुरक्षा का मुद्दा भी उठाया।

सरकार ने इन आरोपों को खारिज किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि HKRN बनाने का उद्देश्य पुरानी ठेकेदार व्यवस्था और बिचौलियों को हटाकर कर्मचारियों की तैनाती को ऑनलाइन और पारदर्शी बनाना है।

फिलहाल HKRN कर्मचारियों के लिए दो अलग बातें महत्वपूर्ण हैं—सरकार ने मौजूदा कॉन्ट्रैक्ट अवधि 31 अक्टूबर तक बढ़ाई है, लेकिन जिस पोस्ट पर रेगुलर कर्मचारी की नियुक्ति होगी, वहां HKRN के जरिए तैनात कर्मचारी को वह पोस्ट खाली करनी होगी।

लेखक

Sandeep Kumar

संदीप कुमार LocalHaryana.com के संस्थापक और संपादक हैं। वे वर्ष 2020 से डिजिटल पत्रकारिता और ऑनलाइन समाचार प्रकाशन के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं। वे मुख्य रूप से हरियाणा समाचार, सरकारी योजनाएं, नौकरियां, शिक्षा, खेतीबाड़ी और मौसम से जुड़े विषयों पर लेखन और संपादन करते हैं। उनका प्रयास पाठकों तक तथ्य आधारित, स्पष्ट और उपयोगी जानकारी सरल हिंदी में पहुँचाना है। LocalHaryana.com पर प्रकाशित सामग्री उपलब्ध आधिकारिक सूचनाओं और विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर तैयार की जाती है।

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