हरियाणा विधानसभा में 4 बड़े बिल पास, मीट शॉप के डबल लाइसेंस से राहत; चुलकाना धाम के लिए भी नया कानून
हरियाणा विधानसभा में 4 बिल पास हुए। मीट शॉप के डबल लाइसेंस से राहत और चुलकाना धाम के प्रबंधन के लिए नया बिल पारित हुआ।

लोकल हरियाणा, चंडीगढ़। हरियाणा विधानसभा के मानसून सत्र में सोमवार को चार अहम बिल चर्चा के बाद पास कर दिए गए। इनमें मीट शॉप और बूचड़खानों को डबल लाइसेंस की व्यवस्था से राहत देने वाले नगरपालिका और नगर निगम संशोधन बिल के साथ पानीपत के चुलकाना स्थित बाबा श्री खाटू श्याम धाम के प्रबंधन के लिए नया बिल शामिल है। हरियाणा न्यायालय कानून में भी पुराने कानूनी प्रावधानों को बदलने वाला संशोधन बिल पास किया गया है। इन चारों बिल को 27 अगस्त को विधानसभा में पेश किया गया था।
पास किए गए चार बिलों में हरियाणा न्यायालय (संशोधन) बिल-2026, हरियाणा नगरपालिका (संशोधन) बिल-2026, हरियाणा नगर निगम (संशोधन) बिल-2026 और हरियाणा बाबा श्री खाटू श्याम चुलकाना धाम पूजास्थल बिल-2026 शामिल हैं।
मीट शॉप के लिए नहीं लेना पड़ेगा डबल लाइसेंस
हरियाणा नगरपालिका और नगर निगम संशोधन बिल का सीधा असर मीट शॉप और बूचड़खाना चलाने वालों पर पड़ेगा। अभी तक इस तरह के कारोबार के लिए शहरी स्थानीय निकाय से ट्रेड लाइसेंस लेने के साथ फूड एंड ड्रग्स एडमिनिस्ट्रेशन से संबंधित मंजूरी भी लेनी पड़ती थी।
केंद्र सरकार के रेगुलेशन सेल ने एक ही काम के लिए डबल लाइसेंस की जरूरत कम करने को कहा था। इसके बाद हरियाणा सरकार ने नगरपालिका और नगर निगम कानून में बदलाव का फैसला लिया। दोनों संशोधन बिल पास होने से नगर पालिका और नगर निगम से अलग ट्रेड लाइसेंस लेने की बाध्यता खत्म करने का रास्ता साफ हो गया है।
हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि मीट शॉप या बूचड़खाना बिना किसी नियम के चल सकेगा। फूड सेफ्टी और फूड एंड ड्रग्स एडमिनिस्ट्रेशन से जुड़े नियम पहले की तरह लागू रहेंगे। राहत केवल एक ही कारोबार के लिए अलग-अलग विभागों से लिए जाने वाले डबल लाइसेंस को खत्म करने की है।
सरकार इस बदलाव को कारोबार से जुड़े गैरजरूरी नियम कम करने की बड़ी प्रक्रिया का हिस्सा मान रही है। प्रदेश में लाइसेंस, मंजूरी और दूसरे नियमों को सरल बनाने के लिए अलग-अलग विभागों के पुराने प्रावधानों की समीक्षा भी चल रही है।
चुलकाना खाटू श्याम धाम के लिए नया बिल पास
पानीपत जिले के समालखा क्षेत्र में स्थित बाबा श्री खाटू श्याम चुलकाना धाम के प्रबंधन के लिए भी विधानसभा ने अलग बिल पास कर दिया है।
इस बिल का उद्देश्य मंदिर, उससे जुड़ी भूमि और भवनों के साथ दान और दूसरी व्यवस्थाओं का बेहतर प्रबंधन करना है। धाम में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं, सुरक्षा और स्वास्थ्य से जुड़े इंतजाम भी नई व्यवस्था का हिस्सा होंगे।
हरियाणा सरकार ने मई में बाबा श्री खाटू श्याम श्राइन बोर्ड, चुलकाना धाम बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। इससे पहले मामला पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट तक भी पहुंचा था। इसके बाद सरकार ने प्रस्तावित श्राइन बोर्ड में श्री श्याम मंदिर सेवा समिति, चुलकाना धाम के एक प्रतिनिधि को सदस्य के रूप में शामिल करने का प्रावधान जोड़ा था।
विधानसभा से बिल पास होने के बाद धाम के प्रबंधन के लिए नई कानूनी व्यवस्था बनाने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
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हरियाणा न्यायालय कानून में भी हुआ बदलाव
विधानसभा ने हरियाणा न्यायालय (संशोधन) बिल-2026 भी पास कर दिया है। यह बदलाव आम लोगों के लिए किसी नई सुविधा या शुल्क से जुड़ा नहीं है, बल्कि पुराने कानून में मौजूद कानूनी संदर्भ को ठीक करने के लिए किया गया है।
पंजाब न्यायालय अधिनियम-1918, जो हरियाणा पर लागू है, उसमें भारतीय उत्तराधिकार अधिनियम-1865 और पुष्टि एवं प्रशासन अधिनियम-1881 का उल्लेख था। इन पुराने कानूनों को बाद में भारतीय उत्तराधिकार अधिनियम-1925 ने खत्म कर दिया था।
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल की सिफारिश के बाद पुराने नाम हटाकर उनकी जगह भारतीय उत्तराधिकार अधिनियम-1925 का उल्लेख करने के लिए संशोधन किया गया है। हरियाणा विधानसभा की वेबसाइट पर इसे बिल नंबर 10 ऑफ 2026 के रूप में दर्ज किया गया था।
27 अगस्त को विधानसभा में आए थे चारों बिल
ये चारों बिल मानसून सत्र के पहले दिन 27 अगस्त को विधानसभा में पेश किए गए थे। 31 अगस्त की कार्यवाही के एजेंडे में इन पर विचार कर इन्हें पास कराने की प्रक्रिया रखी गई थी।
इसी दिन सरकार ने दस अन्य बिल भी विधानसभा में पेश किए। इनमें हरियाणा राज्य अल्पसंख्यक आयोग बिल, ग्राम शामलात भूमि संशोधन बिल, स्थानीय लेखा-परीक्षा बिल, निजी विश्वविद्यालय संशोधन बिल, राज्य महिला आयोग संशोधन बिल, जीएसटी संशोधन बिल, पंचायती राज संशोधन बिल, राज्य भौतिक-चिकित्सा परिषद निरसन बिल, विधि अधिकारी संशोधन बिल और कारोबार का अधिकार बिल शामिल हैं।
इन नए बिलों पर विधानसभा की आगे की प्रक्रिया अलग से होगी।
बिल पास होने के बाद आगे क्या होगा?
विधानसभा से किसी बिल के पास होने के बाद आगे संवैधानिक प्रक्रिया पूरी की जाती है। जरूरी मंजूरी और अधिसूचना के बाद संबंधित बदलाव लागू होते हैं।
इसलिए मीट शॉप के डबल लाइसेंस की व्यवस्था खत्म करने और चुलकाना धाम की नई प्रबंधन व्यवस्था के मामले में भी संबंधित कानून और नोटिफिकेशन लागू होने के बाद प्रक्रिया पूरी तरह साफ होगी।








