अंबाला में 3 अक्टूबर को विशेष लोक अदालत, चेक बाउंस केस में समझौते का मौका; नहीं लगेगी अतिरिक्त कोर्ट फीस
लोकल हरियाणा, अंबाला। जिला में शनिवार, 3 अक्टूबर 2026 को जिला न्यायालय परिसर में चेक बाउंस से जुड़े लंबित मामलों के लिए विशेष लोक अदालत लगाई जाएगी। हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, पंचकूला और जिला विधिक सेवा प्राधिकर…

- 3 अक्टूबर को लगेगी विशेष लोक अदालत
- चेक बाउंस के लंबित मामलों पर रहेगा फोकस
- समझौते पर अतिरिक्त कोर्ट फीस नहीं
लोकल हरियाणा, अंबाला। जिला में शनिवार, 3 अक्टूबर 2026 को जिला न्यायालय परिसर में चेक बाउंस से जुड़े लंबित मामलों के लिए विशेष लोक अदालत लगाई जाएगी। हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, पंचकूला और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अंबाला के निर्देश पर लगने वाली इस लोक अदालत में एनआई एक्ट की धारा 138 के मामलों को आपसी सहमति से निपटाने का प्रयास किया जाएगा।
ऐसे मामलों के निपटारे के लिए कोई अतिरिक्त कोर्ट फीस नहीं देनी होगी। समझौता होने पर लोक अदालत का अवार्ड अंतिम और दोनों पक्षों पर बाध्यकारी होगा। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण भी लोक अदालत को आपसी समझौते से मामलों के त्वरित निपटारे का माध्यम बताता है।
क्या हर चेक बाउंस केस लोक अदालत में निपटाया जा सकता है?
3 अक्टूबर की यह विशेष लोक अदालत खास तौर पर धारा 138 एनआई एक्ट के लंबित चेक बाउंस मामलों के लिए रखी गई है।
लोक अदालत में मामला आने का मतलब यह नहीं है कि किसी एक पक्ष पर समझौता थोपा जाएगा। निपटारा तभी होगा जब दोनों पक्ष आपसी सहमति से किसी समाधान पर पहुंचें। हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के मुताबिक लोक अदालत का काम पक्षकारों को समझौते तक पहुंचने में मदद करना है।
अगर दोनों पक्ष समझौते पर सहमत नहीं होते तो पहले से अदालत में चल रहा मामला सामान्य न्यायिक प्रक्रिया में आगे चलता रहेगा।
समझौता होने पर क्या कोर्ट फीस देनी होगी?
विशेष लोक अदालत में मामले के निपटारे के लिए कोई अलग या अतिरिक्त कोर्ट फीस नहीं देनी होगी।
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के अनुसार अगर कोई मामला पहले से कोर्ट में लंबित है और लोक अदालत में समझौते से निपट जाता है तो पहले जमा की गई कोर्ट फीस की वापसी का भी कानूनी प्रावधान है।
इससे चेक बाउंस के ऐसे मामलों में पक्षकारों को लंबे समय तक कोर्ट की तारीखों और अतिरिक्त खर्च से बचने का मौका मिल सकता है।
लोक अदालत का फैसला अंतिम होगा, सामान्य अपील का प्रावधान नहीं
लोक अदालत में दोनों पक्षों के समझौते के आधार पर पारित अवार्ड को सिविल कोर्ट की डिक्री के बराबर माना जाता है। यह दोनों पक्षों पर अंतिम और बाध्यकारी होता है और इसके खिलाफ सामान्य अपील का प्रावधान नहीं रहता।
इसी वजह से पक्षकारों को समझौते की शर्तें अच्छी तरह समझने के बाद ही सहमति देनी चाहिए।
LocalHaryana ने इससे पहले गुरुग्राम में 3 अक्टूबर को होने वाली चेक बाउंस मामलों की विशेष लोक अदालत की जानकारी भी दी थी। वहां भी धारा 138 एनआई एक्ट के लंबित मामलों को आपसी समझौते से निपटाने की व्यवस्था की गई है।
अंबाला में जानकारी के लिए इन नंबरों पर करें संपर्क
अंबाला जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने संबंधित पक्षकारों और अधिवक्ताओं से विशेष लोक अदालत का लाभ उठाने की अपील की है।
अधिक जानकारी के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अंबाला के हेल्पलाइन नंबर 0171-2532142 पर संपर्क किया जा सकता है। इसके अलावा नालसा की राष्ट्रीय हेल्पलाइन 15100 पर भी जानकारी ली जा सकती है।








