Haryana Right to Business Bill 2026: हरियाणा में कारोबार शुरू करना होगा आसान, MSME को 3 साल Inspection से राहत
हरियाणा में Right to Business Bill पेश हुआ। पात्र Manufacturing MSME को Self Declaration पर मंजूरी और 3 साल सामान्य Inspection से राहत का प्रस्ताव है।

लोकल हरियाणा, चंडीगढ़। हरियाणा में छोटा-मध्यम उद्योग शुरू करने वालों के लिए कारोबार की प्रक्रिया आसान हो सकती है। राज्य सरकार ने विधानसभा में Haryana Right to Business Bill 2026 पेश किया है। प्रस्ताव के अनुसार पात्र Manufacturing MSME को स्व-घोषणा के आधार पर शुरुआती मंजूरी मिल सकेगी और कारोबार शुरू करने के बाद तीन साल तक सामान्य सरकारी Inspection से राहत देने का प्रावधान किया गया है।
सरकार का मकसद नए उद्योग लगाने वाले कारोबारियों को अलग-अलग विभागों की मंजूरी के लिए लंबा इंतजार करने और बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने से राहत देना है। हालांकि अभी यह Bill विधानसभा में पेश किया गया है। इसके प्रावधान लागू होने के लिए आगे की विधायी प्रक्रिया पूरी होना जरूरी है।
Haryana Right to Business Bill 2026 से क्या बदलेगा?
नए Bill में सबसे बड़ा बदलाव कारोबार शुरू करने के शुरुआती चरण को लेकर प्रस्तावित है। पात्र Manufacturing MSME अपने व्यवसाय से जुड़ी जरूरी जानकारी की Self Declaration यानी स्व-घोषणा देकर शुरुआती मंजूरी हासिल कर सकेंगे।
इसके लिए Certificate of In-Principle Approval देने की व्यवस्था प्रस्तावित है। आसान भाषा में इसका मतलब है कि पात्र कारोबारी को हर विभाग की अंतिम मंजूरी आने तक अपना काम शुरू करने के लिए लंबे समय तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
सरकार इस व्यवस्था के जरिए नए उद्योगों पर शुरुआती paperwork और सरकारी प्रक्रिया का बोझ कम करना चाहती है।
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MSME को 3 साल तक सामान्य Inspection से राहत
Bill में पात्र Manufacturing MSME को कारोबार शुरू होने के बाद शुरुआती तीन साल तक राज्य सरकार के सामान्य Inspection से राहत देने का प्रस्ताव है।
इस दौरान routine यानी सामान्य निरीक्षण से छूट मिलेगी। इसका उद्देश्य छोटे उद्योगों को बार-बार होने वाली सरकारी जांच और compliance की प्रक्रिया से शुरुआती राहत देना है।
इसका यह मतलब नहीं है कि उद्योग को सभी सरकारी नियमों से तीन साल की पूरी छूट मिल जाएगी। पर्यावरण, कर्मचारियों की सुरक्षा या किसी गंभीर उल्लंघन से जुड़े जरूरी नियम लागू रहेंगे। प्रस्ताव मुख्य रूप से सामान्य Inspection से राहत देने का है।
हर तरह के कारोबार को नहीं मिलेगा फायदा
Right to Business Bill का फायदा फिलहाल पात्र Manufacturing MSME के लिए प्रस्तावित है।
इसलिए हर दुकान, सर्विस सेंटर या हर तरह का छोटा कारोबार अपने आप इसके दायरे में आ जाएगा, ऐसा अभी नहीं कहा जा सकता। कौन-सी यूनिट पात्र होगी और किन मामलों में छूट नहीं मिलेगी, इसकी पूरी स्थिति Bill की अंतिम शर्तों और आगे बनने वाले नियमों से साफ होगी।
यही वजह है कि नया कारोबार शुरू करने वाले लोगों को इसे अभी लागू योजना मानने के बजाय प्रस्तावित नई व्यवस्था के रूप में देखना चाहिए।
एक ही जगह से मंजूरी देने की तैयारी
कारोबारियों को अलग-अलग विभागों में भटकने से बचाने के लिए नई व्यवस्था को Single Window System से जोड़ने की तैयारी है।
Haryana Enterprises Promotion Centre यानी HEPC को राज्य स्तर पर मुख्य एजेंसी बनाने और जिलों में अलग Clearance Committees के जरिए आवेदन निपटाने का प्रस्ताव है। इन समितियों का काम तय समय में मंजूरी की प्रक्रिया आगे बढ़ाना होगा।
इससे MSME लगाने वाले व्यक्ति को कई अलग-अलग विभागों में आवेदन करने के बजाय एक व्यवस्था के जरिए जरूरी approvals आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
पहले Draft था, अब विधानसभा तक पहुंचा Bill
हरियाणा सरकार पिछले कुछ समय से कारोबार से जुड़े सरकारी नियम आसान करने पर काम कर रही है। जुलाई में उद्योग एवं वाणिज्य विभाग ने Haryana Right to Business Bill 2026 का Draft तैयार कर लिया था। उस समय Self Declaration, तीन साल Inspection से राहत और Single Window Clearance जैसे प्रावधान सामने आए थे।
अब 31 अगस्त को इसे विधानसभा में पेश किया जाना इस मामले का नया अपडेट है।
राज्य में Ease of Doing Business से जुड़े दूसरे बदलाव भी किए जा रहे हैं। सरकार के अनुसार केंद्र की compliance reduction exercise से जुड़े 28 प्रमुख reforms में से 21 को मंजूरी दी जा चुकी है या उन पर काम चल रहा है। इनमें बिजली कनेक्शन जल्दी देना, भवन मंजूरी आसान करना और उद्योगों से जुड़े कुछ नियमों को सरल बनाना शामिल है।
अभी 3 साल की छूट लागू नहीं हुई
कारोबारियों के लिए सबसे जरूरी बात यह है कि तीन साल Inspection से राहत की व्यवस्था अभी लागू नहीं हुई है।
Bill विधानसभा में पेश हुआ है। आगे इसे विधायी प्रक्रिया से गुजरना होगा। Bill के कानून बनने और जरूरी notification जारी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि नई व्यवस्था किस तारीख से शुरू होगी और कारोबारियों को आवेदन कैसे करना होगा।
फिलहाल सरकार का प्रस्ताव साफ है कि पात्र Manufacturing MSME के लिए कारोबार शुरू करना आसान किया जाए, Self Declaration पर शुरुआती मंजूरी दी जाए और शुरुआती तीन साल सामान्य सरकारी Inspection का दबाव कम किया जाए।








