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हरियाणा में Family ID की गलत आय अब ग्राम सभा में होगी ठीक, प्रदेशभर में शुरू होगा विशेष अभियान

हरियाणा की ग्राम सभाओं में Family ID की आय, AAY पात्रता, कच्ची छत और व्यवसाय का सत्यापन होगा। जानें किसे ग्राम सभा में जाना पड़ेगा और शेड्यूल कहां मिलेगा।

हरियाणा की ग्राम सभा में Family ID की आय और अन्य जानकारियों का सत्यापन करते अधिकारी
हरियाणा की विशेष ग्राम सभाओं में Family ID की आय, AAY पात्रता, कच्ची छत और परिवार के सदस्यों के व्यवसाय का सत्यापन किया जाएगा।

चंडीगढ़, 30 अगस्त। हरियाणा में Family ID में गलत आय दर्ज होने से परेशान परिवारों के लिए सरकार प्रदेशभर में विशेष अभियान चलाएगी। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के निर्देश पर परिवार पहचान पत्र में आय से जुड़ी शिकायतों और विसंगतियों का सत्यापन अब ग्राम सभाओं के माध्यम से कराया जाएगा। इसका उद्देश्य उन पात्र परिवारों की आय का सही सत्यापन करना है, जो Family ID में गलत आंकड़ा दर्ज होने के कारण सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित हो रहे हैं।

प्रदेश सरकार पहले से ग्राम सभाओं के जरिए Family ID डेटा के सत्यापन की प्रक्रिया चला रही है। अब आय से जुड़ी शिकायतों को प्राथमिकता से निपटाने के लिए इसे विशेष अभियान के रूप में आगे बढ़ाया जा रहा है।

ग्राम सभा कैसे तय करेगी परिवार की सही आय?

Family ID में आय सत्यापन के दौरान अलग-अलग स्तर पर मिली रिपोर्ट में अंतर होने पर मामला संबंधित गांव की ग्राम सभा के सामने रखा जाएगा। ग्राम सभा स्थानीय जानकारी, उपलब्ध रिकॉर्ड और परिवार की ओर से दिए गए संबंधित प्रमाणों के आधार पर आय की पुष्टि करेगी।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मई में CRID की समीक्षा बैठक के दौरान निर्देश दिए थे कि आय सत्यापन टीमों से अलग-अलग आंकड़े मिलने पर मामला ग्राम सभा में रखा जाए और ग्राम सभा द्वारा सत्यापित आय को अंतिम माना जाए।

विशेष अभियान में ग्राम सभा का निर्धारित कोरम पूरा करने के साथ स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की भागीदारी भी सुनिश्चित की जाएगी।

Family ID में ज्यादा आय दर्ज है तो क्या करें?

जिन परिवारों की Family ID में वास्तविक आय से ज्यादा आय दर्ज है और उनकी शिकायत अभी लंबित है, उनके मामलों का ग्राम सभा के माध्यम से दोबारा सत्यापन किया जा सकेगा।

ऐसे परिवार अपनी Family ID और आय से संबंधित उपलब्ध दस्तावेज तैयार रखें। गांव में ग्राम सभा की तारीख और उनके परिवार का मामला सत्यापन सूची में शामिल है या नहीं, इसकी जानकारी ग्राम सचिव या पंचायत कार्यालय से ली जा सकती है।

सत्यापन के बाद ही Family ID के रिकॉर्ड में सही आय दर्ज करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। केवल ग्राम सभा में शिकायत रखने से आय अपने आप नहीं बदलेगी।

2 अक्टूबर आवेदन की आखिरी तारीख नहीं

इस अभियान को लेकर तारीखों को समझना जरूरी है। सरकार ने ग्राम सभा के माध्यम से सत्यापन की प्रक्रिया 28 सितंबर 2026 तक पूरी करने और अभियान के पहले चरण को 2 अक्टूबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है।

इसका मतलब यह नहीं है कि 2 अक्टूबर Family ID में आय सुधार के लिए नागरिकों की अंतिम आवेदन तारीख है। यह प्रशासनिक अभियान को पूरा करने के लिए तय की गई समयसीमा है।

आय के साथ इन जानकारियों का भी होगा सत्यापन

ग्राम सभाओं के जरिए चल रही व्यापक Family ID verification प्रक्रिया में केवल आय ही नहीं, बल्कि परिवार से जुड़ी दूसरी जानकारियां भी जांची जा रही हैं।

सबसे पहले परिवार की संरचना की पुष्टि होगी। इसके बाद अंत्योदय अन्न योजना यानी AAY पात्रता और 1.80 लाख रुपये से कम वार्षिक आय वाले परिवारों का सत्यापन किया जाएगा। कच्ची छत वाले मकानों की स्थिति की मौके पर फोटो के साथ जांच तथा परिवार के कमाने वाले सदस्यों के व्यवसाय की जानकारी भी दर्ज की जाएगी।

इन जानकारियों का उद्देश्य Family ID में मौजूद डेटा को जमीनी स्तर पर दोबारा जांचना है।

गलत आय के कारण क्यों रुक सकता है योजना का लाभ?

हरियाणा में Family ID का डेटा सरकारी योजनाओं की पात्रता तय करने में बड़े स्तर पर इस्तेमाल होता है। सरकार के अनुसार PPP प्लेटफॉर्म से 50 से ज्यादा विभाग जुड़े हैं और इसके माध्यम से 400 से ज्यादा योजनाएं संचालित की जा रही हैं।

ऐसे में किसी परिवार की आय वास्तविक आय से ज्यादा दर्ज होने पर आय सीमा से जुड़ी सरकारी योजनाओं की पात्रता प्रभावित हो सकती है। इसी समस्या को देखते हुए सरकार ने ग्राम सभा आधारित सत्यापन व्यवस्था को मजबूत किया है।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया था कि केवल कृषि से होने वाली पांच लाख रुपये तक की वार्षिक आय के आधार पर किसी परिवार को उन योजनाओं से वंचित नहीं किया जाए, जिनमें परिवार की अधिकतम वार्षिक आय 1.80 लाख रुपये निर्धारित है।

जिले में कौन देखेगा सत्यापन का काम?

अभियान की निगरानी के लिए जिला स्तर पर भी जिम्मेदारी तय की गई है। जिला परिषद के CEO, ADC, राजपत्रित अधिकारी, CRID अधिकारी और ग्राम सचिवों को अलग-अलग जिम्मेदारियां दी गई हैं।

फील्ड स्तर पर काम शुरू करने से पहले अधिकारियों के लिए प्रशिक्षण की व्यवस्था भी की गई है। सरकार का लक्ष्य है कि डिजिटल Family ID रिकॉर्ड और गांव के वास्तविक हालात को मिलाकर पात्र परिवारों का डेटा सही किया जाए।

जिन परिवारों की आय से जुड़ी शिकायत पहले से चल रही है, उनके लिए यह अभियान महत्वपूर्ण होगा। ग्राम सभा सत्यापन के बाद रिकॉर्ड सही होने पर संबंधित योजना की पात्रता उस योजना के नियमों के अनुसार दोबारा तय हो सकेगी।

लेखक

Kuldeep Singh

कुलदीप सिंह LocalHaryana.com पर लेखक के रुप में कार्यरत हैं। वे वर्ष 2021 से डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं। वे मुख्य रूप से हरियाणा समाचार, सरकारी योजनाएं, नौकरियां, शिक्षा, खेतीबाड़ी और मौसम से जुड़े विषयों पर लेखन करते हैं। उनका प्रयास पाठकों तक तथ्य आधारित, स्पष्ट और उपयोगी जानकारी सरल हिंदी में पहुँचाना है। LocalHaryana.com पर प्रकाशित सामग्री उपलब्ध आधिकारिक सूचनाओं और विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर तैयार की जाती है।

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