हरियाणा में आज का मौसम (03 सितंबर), आज सक्रिय होगा मानसून, जाने कहां-कहां होगी बारिश
हरियाणा में आज 3 सितंबर को मानसून सक्रिय रहेगा। कई जगह बारिश और कहीं-कहीं भारी बारिश के आसार हैं। जानें किन जिलों में बारिश होगी और 4-5 सितंबर का मौसम।

लोकल हरियाणा, हिसार। हरियाणा में आज 3 सितंबर को मानसून की गतिविधियां बढ़ने वाली हैं। मौसम विभाग के ताजा अनुमान के अनुसार प्रदेश में कई जगह हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि कुछ स्थानों पर भारी बारिश के आसार हैं। उत्तरी और पूर्वी हरियाणा में बारिश का असर ज्यादा दिखाई दे सकता है। यह दौर केवल आज तक सीमित नहीं रहेगा, 4 सितंबर को भी प्रदेश में बारिश का दायरा बड़ा रहने का अनुमान है।
हरियाणा में बारिश की गतिविधियां बुधवार रात से ही बढ़ने लगी हैं। IMD के 3 सितंबर सुबह जारी बुलेटिन के अनुसार बुधवार सुबह 8:30 बजे से आज सुबह 5:30 बजे तक हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली क्षेत्र में कई स्थानों पर बारिश हुई। इस दौरान अंबाला में करीब 6 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई है।
हरियाणा में आज कहां-कहां होगी बारिश?
आज बारिश का ज्यादा असर उत्तरी और पूर्वी हरियाणा में देखने को मिल सकता है। पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, कैथल, करनाल, पानीपत और सोनीपत के अलग-अलग हिस्सों में बादल बनने के साथ बारिश की संभावना बनी हुई है।
इसके अलावा गुरुग्राम और फरीदाबाद समेत NCR के हरियाणा वाले हिस्सों में भी दिन के दौरान एक-दो दौर की बारिश हो सकती है। उपलब्ध जिलेवार पूर्वानुमानों में उत्तरी और पूर्वी हिस्से में बारिश की संभावना पश्चिमी हरियाणा के मुकाबले ज्यादा दिखाई दे रही है।
हालांकि यहां एक बात समझना जरूरी है। इसका मतलब यह नहीं है कि इन सभी जिलों के हर गांव या शहर में बारिश जरूर होगी। मानसून में बारिश का वितरण स्थानीय स्तर पर काफी बदल सकता है।
क्या आज पूरे हरियाणा में बारिश होगी?
IMD ने 3 और 4 सितंबर के लिए हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली क्षेत्र में Fairly Widespread to Widespread rainfall का अनुमान दिया है। विभाग के वर्गीकरण में “Fairly Widespread” का मतलब करीब 51 से 75 प्रतिशत मौसम केंद्रों पर बारिश दर्ज होना है।
यानी आज प्रदेश में बारिश का दायरा पिछले दिनों की तुलना में बड़ा रहेगा, लेकिन इसे “हर जिले में पूरे दिन बारिश” के रूप में नहीं समझना चाहिए।
कुछ जगह केवल बादल और हल्की बौछारें मिल सकती हैं, जबकि किसी स्थानीय क्षेत्र में कम समय में तेज बारिश भी हो सकती है।
सिरसा-हिसार समेत पश्चिमी हरियाणा में कैसा रहेगा मौसम?
सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, भिवानी और चरखी दादरी जैसे पश्चिमी जिलों में भी मानसूनी गतिविधियों का असर रह सकता है, लेकिन बारिश का वितरण काफी असमान रहने की संभावना है।
इन जिलों में पूरे क्षेत्र में लगातार बारिश की बजाय स्थानीय बादल बनने, बूंदाबांदी या कहीं-कहीं बारिश के दौर देखने को मिल सकते हैं। इसलिए पश्चिमी हरियाणा में रहने वाले लोगों के लिए दिन के समय जारी होने वाला IMD का Nowcast ज्यादा उपयोगी रहेगा।
आज के राष्ट्रीय बुलेटिन में भारी बारिश की चेतावनी पूरे हरियाणा के लिए समान रूप से नहीं दी गई है, बल्कि कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना बताई गई है।
आज मानसून ज्यादा सक्रिय क्यों रहेगा?
मौसम विभाग के सुबह के विश्लेषण में मानसून ट्रफ श्रीगंगानगर से होते हुए रोहतक और आगे उत्तर प्रदेश तथा मध्य प्रदेश की ओर गुजर रही है। उत्तर-पूर्व मध्य प्रदेश के आसपास एक Well Marked Low Pressure Area भी बना हुआ है। इसके अलावा उत्तर भारत में एक पश्चिमी विक्षोभ मौजूद है।
इन मौसम प्रणालियों के बीच हरियाणा में नमी और बारिश की गतिविधियां बढ़ने की स्थिति बनी हुई है। यही कारण है कि 3 और 4 सितंबर को बारिश का दायरा पिछले कुछ दिनों के मुकाबले ज्यादा रहने का अनुमान है।
अंबाला में 6 सेंटीमीटर बारिश, क्या आज भी भारी बारिश होगी?
अंबाला में आज सुबह 5:30 बजे तक पिछले करीब 21 घंटे के दौरान 6 सेंटीमीटर बारिश दर्ज हुई है। IMD के मुताबिक इस अवधि में पूरे हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली क्षेत्र में कई जगह बारिश दर्ज की गई।
3 सितंबर के लिए भी हरियाणा में कहीं-कहीं 64.5 से 115.5 मिलीमीटर तक की Heavy Rain की स्थिति बन सकती है। यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि यह मात्रा पूरे प्रदेश के लिए नहीं, बल्कि भारी बारिश होने वाले स्थानीय स्थानों के लिए निर्धारित श्रेणी है।
4 और 5 सितंबर को कैसा रहेगा मौसम?
बारिश का सक्रिय दौर आज के बाद भी जारी रहेगा। IMD के अनुसार 4 सितंबर को भी हरियाणा में कई स्थानों पर बारिश और कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना है।
5 सितंबर से बारिश का दायरा कम होकर कुछ स्थानों तक सिमट सकता है, हालांकि कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना बनी रहेगी। 6 सितंबर से अभी प्रदेश के लिए भारी बारिश की चेतावनी नहीं दी गई है।
इस हिसाब से फिलहाल 3 और 4 सितंबर हरियाणा में बारिश के लिहाज से सबसे महत्वपूर्ण दिन हैं।
किसानों के लिए आज की बारिश का क्या मतलब है?
जिन क्षेत्रों में धान और दूसरी खरीफ फसलों के खेतों में पहले से पर्याप्त पानी है, वहां किसान तेज बारिश से पहले अतिरिक्त पानी की निकासी का रास्ता खुला रखें। दूसरी ओर कम बारिश वाले पश्चिमी जिलों में हल्की से मध्यम बारिश बाजरा, ग्वार और दूसरी खरीफ फसलों के लिए राहत दे सकती है।
चूंकि एक ही जिले में बारिश की मात्रा काफी अलग हो सकती है, इसलिए सिंचाई या दवा के छिड़काव का फैसला केवल राज्य स्तरीय पूर्वानुमान देखकर करने के बजाय अपने क्षेत्र की वास्तविक स्थिति और ताजा Nowcast देखकर करना बेहतर रहेगा।




