हरियाणा से मानसून की विदाई अंतिम दौर में, 26-28 सितंबर को फिर इन जिलों में बारिश के आसार
हरियाणा में दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई अब अंतिम दौर में पहुंच गई है। बुधवार, 23 सितंबर को प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में मौसम साफ और शुष्क रहने की संभावना है। आईएमडी के मुताबिक 21 सितंबर तक मानसून हरियाणा के अधिकांश…

- 23-24 सितंबर को ज्यादातर क्षेत्रों में शुष्क मौसम
- 25 सितंबर से पश्चिमी विक्षोभ के असर की संभावना
- 26-28 सितंबर को कहीं-कहीं हल्की बारिश के आसार
हरियाणा में दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई अब अंतिम दौर में पहुंच गई है। बुधवार, 23 सितंबर को प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में मौसम साफ और शुष्क रहने की संभावना है। आईएमडी के मुताबिक 21 सितंबर तक मानसून हरियाणा के अधिकांश हिस्सों से वापस जा चुका था और बाकी हिस्सों से भी अगले कुछ दिनों में वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं। हालांकि मानसून की विदाई के बीच 26 से 28 सितंबर के दौरान कहीं-कहीं हल्की बारिश की गतिविधियां लौट सकती हैं।
फिलहाल इसे बारिश का अलर्ट नहीं माना जाना चाहिए। आईएमडी ने 23 सितंबर को जारी सात दिन की चेतावनी में हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली के लिए 23 से 29 सितंबर तक कोई मौसम चेतावनी जारी नहीं की है। यानी बारिश की संभावना अलग-अलग स्थानों तक सीमित रह सकती है।
23-24 सितंबर को शुष्क मौसम, फिर बदल सकता है मिजाज
प्रदेश में 23 और 24 सितंबर को ज्यादातर जगह मौसम शुष्क रहने की संभावना है। रोहतक के आईएमडी पूर्वानुमान में भी दोनों दिन मुख्य रूप से साफ आसमान रहने और बारिश की कोई चेतावनी नहीं दी गई है। 25 सितंबर से आसमान आंशिक रूप से बादलों वाला रह सकता है।
मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन के मुताबिक 25 सितंबर को एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है। इसके असर से अंबाला और पंचकूला क्षेत्र में हल्की बूंदाबांदी की संभावना बन सकती है। इसके बाद 27 और 28 सितंबर के आसपास एक और पश्चिमी विक्षोभ के असर से हरियाणा, दिल्ली और एनसीआर में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
आईएमडी आधारित ताजा पूर्वानुमान में भी 26 से 28 सितंबर के दौरान क्षेत्र में कहीं-कहीं बारिश लौटने की संभावना बताई गई है।
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हरियाणा के अधिकांश हिस्सों से लौट चुका मानसून
आईएमडी के 21 सितंबर के बुलेटिन के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून हरियाणा के अधिकांश हिस्सों से वापस जा चुका था। उस समय मानसून वापसी की रेखा जैसलमेर, नागौर, सीकर, रोहतक, पटियाला और गुरदासपुर से होकर गुजर रही थी।
इसके बाद बाकी हरियाणा और चंडीगढ़ से भी मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल बताई गईं।
आईएमडी के मुताबिक मानसून की वापसी घोषित करने में लगातार शुष्क मौसम, निचले वायुमंडल में प्रतिचक्रवात बनने और वातावरण में नमी कम होने जैसे संकेत देखे जाते हैं।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार राजस्थान के ऊपर बने प्रतिचक्रवात और पश्चिमी हवाओं के कारण हरियाणा में भी नमी कम होने और मानसूनी सिस्टम कमजोर पड़ने की परिस्थितियां बनी हैं।
मानसून सीजन में सामान्य से कम रही बारिश
इस बार मानसून सीजन में हरियाणा में बारिश सामान्य से कम रही है। 21 सितंबर तक के आंकड़ों में प्रदेश में मौसमी बारिश सामान्य से करीब 23 प्रतिशत कम दर्ज की गई थी।
सितंबर में भी बारिश की गतिविधियां कमजोर रही हैं। मानसून की विदाई के बाद शुष्क पश्चिमी हवाओं के असर से दिन के तापमान में कुछ बढ़ोतरी हो सकती है, जबकि रात के तापमान में धीरे-धीरे गिरावट देखने को मिल सकती है।
हालांकि 26 से 28 सितंबर के बीच संभावित पश्चिमी विक्षोभ के असर से कुछ हिस्सों में बादल और हल्की बारिश मौसम में अस्थायी बदलाव ला सकती है।





