चंडीगढ़, 29 अक्टूबर 2026: चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ और पश्चिमी विक्षोभ के संयुक्त असर से हरियाणा में मौसम ने गुरुवार सुबह से ही करवट ले ली है। पानीपत, सोनीपत, फरीदाबाद और यमुनानगर के कई हिस्सों में सुबह बारिश हुई, जिससे तापमान में गिरावट आई और ठंड का अहसास बढ़ गया। मौसम विभाग ने प्रदेश के 15 जिलों में बारिश, तेज हवाओं और ओलावृष्टि को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जो 31 अक्टूबर तक प्रभावी रहेगा ।
मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ के अनुसार, अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, करनाल, कैथल, पानीपत, सोनीपत, रोहतक, झज्जर, गुरुग्राम, रेवाड़ी, महेंद्रगढ़, फरीदाबाद, पलवल और नूंह में गरज-चमक के साथ 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की भी संभावना है। 30 अक्टूबर को पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी हिस्सों में आकाशीय बिजली गिरने का खतरा बना हुआ है ।
अक्टूबर में सामान्य से 181 प्रतिशत ज्यादा बारिश
इस सीजन में हरियाणा में असामान्य रूप से भारी बारिश दर्ज की गई है। 1 से 27 अक्टूबर के बीच प्रदेश में औसतन 25.3 मिलीमीटर बारिश हुई, जबकि सामान्य औसत सिर्फ 9.0 मिलीमीटर है। यानी बारिश सामान्य से 181 प्रतिशत अधिक रही। जिलेवार आंकड़ों में सोनीपत सबसे आगे रहा, जहां 63.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई ।
किसानों की बढ़ी चिंता, धान की फसल पर खतरा
मौसम में इस अचानक बदलाव ने उन किसानों की चिंता बढ़ा दी है जिनकी धान की फसल कटाई के लिए तैयार है या कट चुकी है। पानीपत और यमुनानगर जैसे इलाकों से खबर है कि सुबह हुई बूंदाबांदी से मंडियों में खुले में रखे धान की बोरियों के भीगने का खतरा पैदा हो गया है। किसानों को फसल बचाने के लिए तिरपाल का सहारा लेना पड़ रहा है। कृषि विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थान पर रखें और नमी बढ़ने पर कटाई रोक दें।
तापमान में गिरावट, बावल सबसे ठंडा
बारिश और बदलते मौसम के बीच प्रदेश में सुबह-शाम ठंड बढ़ने लगी है। रेवाड़ी जिले के बावल में न्यूनतम तापमान 13.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे कम रहा। पंचकूला में 13.1 डिग्री, महेंद्रगढ़ में 13.2 डिग्री और करनाल में 13.8 डिग्री न्यूनतम तापमान रहा । मौसम विभाग का अनुमान है कि 31 अक्टूबर तक बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है, जिससे तापमान सामान्य से नीचे बना रहेगा।










