परिवर्तन स्कीम, हरियाणा में पुराने वाहन के बदले EV वाहन खरीदने पर 2.56 लाख और लोन ब्याज में 5% की राहत
हरियाणा के 14 NCR जिलों में पात्र पुराने ट्रक-बस बदलकर EV लेने पर ₹2.56 लाख तक मदद और वाहन लोन के ब्याज में 5% राहत मिलेगी।
चंडीगढ़। हरियाणा के NCR जिलों में पुराने ट्रक या बस चला रहे वाहन मालिकों के लिए केंद्र सरकार की PARIVARTAN Scheme में कई तरह की आर्थिक राहत दी जा रही है। पात्र पुराने कमर्शियल वाहन को बदलकर नया इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने पर वाहन की कैटेगरी के हिसाब से 64 हजार रुपये से लेकर अधिकतम 2.56 लाख रुपये तक एकमुश्त मदद मिल सकती है। वहीं नया वाहन लोन पर लेने पर पांच साल तक 5 प्रतिशत ब्याज राहत का प्रावधान है।
योजना 14 जुलाई 2026 को शुरू की गई थी। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के सचिव वी. उमाशंकर के मुताबिक अब तक करीब 1,450 पुराने ट्रक और बस मालिक इसके लिए रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं। सरकार ने अक्टूबर तक 25 हजार से ज्यादा वाहन मालिकों को योजना से जोड़ने का लक्ष्य रखा है।
हरियाणा के इन 14 जिलों में मिलेगी योजना का लाभ
PARIVARTAN Scheme पूरे हरियाणा के लिए लागू नहीं है। इसका लाभ NCR में शामिल हरियाणा के 14 जिलों में पंजीकृत पात्र पुराने ट्रक और बसों के मालिकों को मिलेगा।
इनमें फरीदाबाद, गुरुग्राम, नूंह, रोहतक, सोनीपत, रेवाड़ी, झज्जर, पानीपत, पलवल, भिवानी, चरखी दादरी, महेंद्रगढ़, जींद और करनाल शामिल हैं।
इसका मतलब यह है कि हिसार, सिरसा, फतेहाबाद, अंबाला या हरियाणा के दूसरे गैर-NCR जिलों में पंजीकृत वाहन केवल हरियाणा का होने के आधार पर इस योजना के पात्र नहीं माने जाएंगे।
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कौन सा पुराना वाहन योजना में शामिल है?
यह योजना हर तरह के पुराने वाहन के लिए नहीं है। इसका मुख्य लक्ष्य दिल्ली-NCR में पंजीकृत BS-IV या उससे पुराने कमर्शियल ट्रक और बस को हटाना है। इसमें Pre-BS, BS-I, BS-II और BS-III मानक वाले पात्र वाहन भी शामिल हैं।
सरकारी वाहन योजना से बाहर रखे गए हैं।
BS-III या उससे पुराने पात्र वाहन को Registered Vehicle Scrapping Facility यानी अधिकृत वाहन स्क्रैपिंग सेंटर में स्क्रैप कराना जरूरी है। BS-IV वाहन मालिक के पास उसे स्क्रैप कराने के अलावा निर्धारित शर्तों के तहत NCR से बाहर गैर-NCAP शहर या क्षेत्र में बेचने का विकल्प भी दिया गया है।
EV लेने पर हर किसी को 2.56 लाख रुपये नहीं मिलेंगे
योजना में इलेक्ट्रिक कमर्शियल वाहन खरीदने पर अधिकतम 2.56 लाख रुपये तक एकमुश्त सहायता का प्रावधान है, लेकिन यह रकम हर वाहन मालिक को समान रूप से नहीं मिलेगी।
वाहन की कैटेगरी के आधार पर EV incentive 64 हजार रुपये से 2.56 लाख रुपये तक है। इसलिए किसी वाहन मालिक को कितनी रकम मिलेगी, यह उसके पुराने और नए पात्र वाहन की श्रेणी पर निर्भर करेगा।
हरियाणा के पात्र वाहन मालिक पुराने ट्रक या बस की जगह BS-VI मानक वाला डीजल/CNG वाहन या इलेक्ट्रिक वाहन चुन सकते हैं।
लोन लेने पर पांच साल तक 5% ब्याज राहत
अगर पात्र वाहन मालिक नया वाहन खरीदने के लिए लोन लेता है तो योजना के तहत eligible vehicle loan पर पांच साल तक 5 प्रतिशत interest subvention यानी ब्याज में राहत मिलेगी।
सरकार के मुताबिक अब तक 42 बैंक और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां (NBFC) योजना से जोड़ी जा चुकी हैं।
इसके साथ नया पात्र वाहन खरीदने पर भाग लेने वाली वाहन निर्माता कंपनियां एक्स-शोरूम कीमत पर कम से कम 8 प्रतिशत की छूट भी देंगी। 15 वाहन निर्माता कंपनियां इस व्यवस्था से जुड़ चुकी हैं।
EV नहीं लेना चाहते तो BS-VI वाहन पर भी फायदा
इलेक्ट्रिक वाहन न खरीदने वाले पात्र वाहन मालिक भी योजना का लाभ ले सकते हैं। हरियाणा में नया BS-VI डीजल या CNG वाहन खरीदने का विकल्प उपलब्ध है।
ऐसे वाहन पर कैटेगरी के आधार पर पांच साल तक हर महीने 1,200 रुपये से 4,800 रुपये तक के फ्यूल वाउचर मिल सकते हैं।
दूसरी ओर इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने पर मासिक fuel voucher की जगह 64 हजार से 2.56 लाख रुपये तक का एकमुश्त incentive दिया जाता है।
रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस में भी छूट
हरियाणा सरकार पात्र नए वाहन पर 10 साल के लिए Motor Vehicle Tax में 100 प्रतिशत छूट की व्यवस्था कर चुकी है। इसके साथ पात्र वाहन के registration fee में भी पूरी छूट दी गई है।
इस तरह पात्र मालिक को केवल EV incentive या ब्याज में राहत ही नहीं, बल्कि वाहन की कीमत पर OEM discount और टैक्स-रजिस्ट्रेशन से जुड़ी राहत भी मिल सकती है।
कैसे चेक करें आपका वाहन पात्र है या नहीं?
वाहन मालिक PARIVARTAN के ऑनलाइन पोर्टल पर अपने वाहन की eligibility जांच सकते हैं। इसी पोर्टल से वाहन का रजिस्ट्रेशन, incentive के लिए आवेदन और आवेदन की स्थिति देखी जा सकती है।
पोर्टल को VAHAN समेत दूसरे सरकारी सिस्टम से जोड़ा गया है, इसलिए वाहन के रिकॉर्ड के आधार पर पात्रता की जांच की जाएगी।
ऐसे में केवल वाहन पुराना होने से योजना का लाभ नहीं मिलेगा। वाहन का कमर्शियल ट्रक या बस होना, BS-IV या उससे पुराना emission standard होना और हरियाणा के निर्धारित 14 NCR जिलों में योजना की शर्तों के अनुसार पंजीकृत होना जरूरी है।
सरकार ने PARIVARTAN Scheme के जरिए दिल्ली-NCR में 2 लाख से ज्यादा पुराने और अधिक प्रदूषण फैलाने वाले ट्रक-बसों को नए BS-VI या इलेक्ट्रिक वाहनों से बदलने का लक्ष्य रखा है। योजना पर कुल 9,585 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है, जिसमें 5,041 करोड़ रुपये केंद्र सरकार की सहायता शामिल है।








