29 करोड़ के प्रोजेक्ट में सोनीपत स्टेशन को मिली नई रफ्तार, एस्केलेटर का काम शुरू
सोनीपत रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-2 पर एस्केलेटर लगाने का काम शुरू हो गया है। जानें 29 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट में यात्रियों को कौन-कौन सी सुविधाएं मिलेंगी।
सोनीपत। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत 29 करोड़ रुपये से बदले जा रहे सोनीपत रेलवे स्टेशन पर प्लेटफॉर्म नंबर-2 पर एस्केलेटर लगाने का काम शुरू हो गया है। इसके लिए भारी मशीनें और जरूरी उपकरण प्लेटफॉर्म पर पहुंचा दिए गए हैं। नया एस्केलेटर हाल में बनाए गए फुट ओवरब्रिज से जुड़ेगा, जिससे यात्रियों को प्लेटफॉर्म बदलने में आसानी होगी।
इस सुविधा का सबसे ज्यादा फायदा बुजुर्गों, महिलाओं, बच्चों, दिव्यांगजनों और भारी सामान लेकर सफर करने वाले यात्रियों को मिलेगा। अभी एक प्लेटफॉर्म से दूसरे प्लेटफॉर्म तक जाने के लिए यात्रियों को फुट ओवरब्रिज की सीढ़ियां चढ़नी पड़ती हैं। प्लेटफॉर्म नंबर-2 पर नया एस्केलेटर शुरू होने के बाद यह परेशानी काफी हद तक कम होने की उम्मीद है।
प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर पहले से है एस्केलेटर
सोनीपत रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर एक एस्केलेटर पहले से लगा हुआ है। अब प्लेटफॉर्म नंबर-2 पर नई स्वचालित सीढ़ी लगाई जा रही है। इसे नए फुट ओवरब्रिज के साथ सीधे जोड़ा जाएगा, ताकि यात्री आसानी से एक प्लेटफॉर्म से दूसरे प्लेटफॉर्म तक पहुंच सकें।
हालांकि नया एस्केलेटर यात्रियों के लिए किस तारीख से चालू होगा, इसकी निश्चित समयसीमा अभी सार्वजनिक नहीं की गई है। मशीन लगाने के बाद तकनीकी जांच और सुरक्षा परीक्षण पूरा किया जाएगा। इसके बाद ही इसे यात्रियों के लिए खोला जा सकेगा।
रोजाना हजारों यात्रियों की आवाजाही
सोनीपत रेलवे स्टेशन दिल्ली-अंबाला रेलमार्ग का प्रमुख स्टेशन है। यहां से रोजाना बड़ी संख्या में नौकरीपेशा लोग, विद्यार्थी और दूसरे यात्री दिल्ली, पानीपत तथा आसपास के शहरों की तरफ सफर करते हैं। व्यस्त समय में प्लेटफॉर्म और फुट ओवरब्रिज पर यात्रियों का दबाव बढ़ जाता है।
ऐसे में प्लेटफॉर्म नंबर-2 पर एस्केलेटर शुरू होने से सीढ़ियों पर भीड़ कम करने में भी मदद मिल सकती है। यात्रियों को भारी बैग और ट्रॉली लेकर फुट ओवरब्रिज की सीढ़ियां चढ़ने से राहत मिलेगी।
स्टेशन पर बन रहा नया फुट ओवरब्रिज
पुनर्विकास परियोजना के तहत स्टेशन पर नया फुट ओवरब्रिज बनाया गया है। इसका उद्देश्य प्लेटफॉर्मों के बीच आवाजाही को आसान बनाना और पुराने फुट ओवरब्रिज पर यात्रियों का दबाव कम करना है।
इस परियोजना में स्टेशन भवन, प्लेटफॉर्म, यात्री शेड, प्रतीक्षालय, पार्किंग और दूसरे प्रवेश द्वार से जुड़े काम भी शामिल हैं। यात्रियों के लिए बेहतर संकेतक, शौचालय, पानी की सुविधा और दिव्यांग अनुकूल रास्ते विकसित करने का भी प्रावधान किया गया है।
लिफ्ट लगाने की योजना पर भी चल रहा काम
सोनीपत स्टेशन के प्रमुख प्लेटफॉर्मों पर लिफ्ट लगाने की योजना भी पुनर्विकास प्रोजेक्ट का हिस्सा है। लिफ्ट शुरू होने के बाद व्हीलचेयर इस्तेमाल करने वाले यात्रियों, दिव्यांगजनों और ऐसे बुजुर्गों को विशेष राहत मिलेगी जो एस्केलेटर का इस्तेमाल नहीं कर सकते।
पिछली रिपोर्टों में प्लेटफॉर्म नंबर 1, 2-3 और 4-5 पर लिफ्ट की सुविधा देने की जानकारी सामने आई थी। हालांकि सभी लिफ्टों की मौजूदा निर्माण स्थिति और उन्हें यात्रियों के लिए खोलने की तारीख अभी स्पष्ट नहीं की गई है।
दो बार बढ़ चुकी है काम पूरा करने की समयसीमा
रेलवे अधिकारियों के अनुसार स्टेशन के पुनर्विकास का करीब 95 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है और बाकी काम को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बावजूद परियोजना की समयसीमा दो बार आगे बढ़ चुकी है।
अब यात्रियों के लिए सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि प्लेटफॉर्म नंबर-2 का एस्केलेटर और प्रस्तावित लिफ्ट वास्तव में कब चालू होंगी। रेलवे की ओर से इनके संचालन की निश्चित तारीख जारी होने पर यात्रियों को स्थिति पूरी तरह साफ हो सकेगी।








