गुरुग्राम-फरीदाबाद से दिल्ली जाने वाले ध्यान दें, 7 सितंबर को ऑटो-टैक्सी की हड़ताल, जाने कारण
दिल्ली में 7-8 सितंबर को ऑटो-टैक्सी हड़ताल की चेतावनी दी गई है। जानें गुरुग्राम-फरीदाबाद के यात्रियों पर क्या असर होगा और हड़ताल क्यों बुलाई गई।
गुरुग्राम और फरीदाबाद से दिल्ली आने-जाने वाले लोगों को सितंबर के पहले सप्ताह में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। दिल्ली के ऑटो-टैक्सी चालक संगठनों ने अपनी मांगों को लेकर 7 और 8 सितंबर को दो दिन की सांकेतिक हड़ताल की चेतावनी दी है। अगर सरकार और यूनियनों के बीच इससे पहले सहमति नहीं बनती है तो दिल्ली में ऑटो और काली-पीली टैक्सी की उपलब्धता प्रभावित हो सकती है।
ऑल दिल्ली ऑटो टैक्सी ट्रांसपोर्ट कांग्रेस यूनियन और ऑटो टैक्सी ट्रांसपोर्ट कांग्रेस प्रकोष्ठ ने 7–8 सितंबर की हड़ताल का आह्वान किया है। यूनियन अध्यक्ष किशन वर्मा के मुताबिक इस संबंध में दिल्ली के उपराज्यपाल, मुख्यमंत्री, परिवहन मंत्री, परिवहन आयुक्त और पुलिस आयुक्त को औपचारिक सूचना दी जा रही है।
गुरुग्राम-फरीदाबाद के यात्रियों पर कैसे पड़ेगा असर?
यह हड़ताल मुख्य रूप से दिल्ली के ऑटो और टैक्सी संगठनों की है। अभी गुरुग्राम या फरीदाबाद के स्थानीय ऑटो-टैक्सी चालकों की ओर से अलग हड़ताल की पुष्टि नहीं हुई है।
इसके बावजूद गुरुग्राम और फरीदाबाद से रोज दिल्ली आने-जाने वाले लोगों पर इसका असर पड़ सकता है। मेट्रो, बस या दूसरे साधनों से दिल्ली पहुंचने के बाद स्टेशन से ऑफिस, अस्पताल, बाजार, रेलवे स्टेशन या अन्य जगह जाने के लिए ऑटो और टैक्सी पर निर्भर यात्रियों को वाहन मिलने में परेशानी हो सकती है।
यूनियन का दावा है कि हड़ताल में बड़ी संख्या में ऑटो और काली-पीली टैक्सी शामिल हो सकती हैं। हालांकि वास्तव में कितने वाहन सड़कों से हटेंगे, यह हड़ताल के दिन ही स्पष्ट होगा।
अचानक क्यों बुलाई गई ऑटो-टैक्सी हड़ताल?
हड़ताल की ताजा वजह CNG की कीमतों में हुई बढ़ोतरी है। 29 अगस्त से दिल्ली में CNG की कीमत 3.89 रुपये प्रति किलो बढ़कर 86.98 रुपये प्रति किलो हो गई है। चालकों का कहना है कि पिछले कुछ महीनों में ईंधन की लागत तेजी से बढ़ी है, लेकिन उसके मुकाबले ऑटो और टैक्सी का सरकारी किराया नहीं बढ़ा।
इसके अलावा वाहन की सर्विस, बीमा, स्पेयर पार्ट्स और लोन की किश्त जैसे खर्च भी बढ़ने का हवाला दिया गया है।
दिल्ली में ऑटो और काली-पीली टैक्सी के मौजूदा सरकारी किराए में आखिरी बड़ा संशोधन जनवरी 2023 में लागू किया गया था। चालक संगठन अब बढ़ी हुई लागत को देखते हुए किराए में दोबारा बदलाव की मांग कर रहे हैं।
किराया बढ़ाने के अलावा ये मांगें भी रखीं
हड़ताल केवल किराया बढ़ाने की मांग तक सीमित नहीं है। चालक संगठनों ने ड्राइवरों के लिए कल्याण बोर्ड के गठन की मांग भी उठाई है।
इसके अलावा निजी नंबर वाली बाइक का व्यावसायिक बाइक टैक्सी के रूप में इस्तेमाल, ऐप आधारित परिवहन कंपनियों से जुड़े नियम, परमिट, आरसी, फिटनेस और लाइसेंस की प्रक्रिया तथा चालान व्यवस्था जैसे मुद्दे भी उठाए गए हैं।
यूनियनों का कहना है कि ड्राइवरों से जुड़े मामलों के लिए ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए जिसमें शिकायतों का समय पर समाधान हो और नियमों के पालन की प्रक्रिया ज्यादा पारदर्शी बने।
क्या 7 सितंबर को Metro, DTC और Ola-Uber भी बंद रहेंगे?
फिलहाल सामने आई हड़ताल की घोषणा दिल्ली के ऑटो और पारंपरिक टैक्सी संगठनों से जुड़ी है। दिल्ली मेट्रो या DTC बसों की सेवाएं बंद करने की कोई घोषणा नहीं हुई है।
इसी तरह Ola-Uber जैसी ऐप आधारित कैब सेवाओं के पूरी तरह हड़ताल में शामिल होने की भी अभी पुष्टि नहीं है। इसलिए दिल्ली आने-जाने वाले यात्रियों के लिए Metro और बस सेवाएं प्रमुख विकल्प बनी रह सकती हैं, जबकि ऑटो और काली-पीली टैक्सी की उपलब्धता प्रभावित होने की आशंका है।
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यात्रियों को खास तौर पर रेलवे स्टेशन, बस अड्डे और मेट्रो स्टेशन से आगे की यात्रा के लिए अतिरिक्त समय लेकर चलना पड़ सकता है।
9 सितंबर को भी अलग हड़ताल की चेतावनी
दिल्ली में एक दूसरी ऑटो-टैक्सी यूनियन ने भी CNG महंगी होने के बाद सरकार को किराया बढ़ाने के लिए अल्टीमेटम दिया है।
भारतीय मजदूर संघ से जुड़े Auto Rickshaw Association और Delhi Pradesh Taxi Union के महामंत्री राजेंद्र सोनी ने कहा है कि सरकार एक सप्ताह के भीतर किराया बढ़ाए या चालकों को CNG पर राहत दे। मांग पूरी नहीं होने पर संगठन ने 9 सितंबर को हड़ताल की चेतावनी दी है।
इसलिए अभी यह कहना सही नहीं होगा कि 7 से 9 सितंबर तक लगातार एक ही हड़ताल चलेगी। 7–8 सितंबर की दो दिन की सांकेतिक हड़ताल और 9 सितंबर की चेतावनी अलग-अलग संगठनों की हैं।
फिलहाल दोनों मामलों में सरकार और चालक संगठनों के बीच बातचीत की गुंजाइश बनी हुई है। ऐसे में 7 सितंबर से पहले समझौता होने पर हड़ताल टल भी सकती है। दिल्ली जाने वाले गुरुग्राम और फरीदाबाद के यात्रियों के लिए हड़ताल से एक दिन पहले स्थिति की दोबारा जांच करना उपयोगी रहेगा।








