हरियाणा में 100 रुपये लीटर होगा भैंस का दूध? इन जिलों में पशुपालकों ने बढ़ाए रेट
हरियाणा के हिसार और जींद सहित कुछ इलाकों में पशुपालकों ने भैंस का दूध 100 रुपये प्रति लीटर बेचने का फैसला किया है; यह पूरे प्रदेश का सरकारी रेट नहीं है।

लोकल हरियाणा चंडीगढ़। हरियाणा में भैंस का दूध 100 रुपये प्रति लीटर बेचने की मुहिम अब कई जिलों तक पहुंच गई है। हिसार के कुछ गांवों के बाद जींद के जुलाना में भी डेयरी संचालकों ने भैंस का दूध 100 रुपये और गाय का दूध 80 रुपये प्रति लीटर बेचने का फैसला किया है। कैथल के धनौरी में भी 100 रुपये का भाव तय करने की बात सामने आ चुकी है, जबकि भिवानी और कुरुक्षेत्र में पशुपालक दूध का खरीद-बिक्री भाव बढ़ाने की मांग उठा रहे हैं। हालांकि यह पूरे हरियाणा का सरकारी या Vita का नया रेट नहीं है।
जींद के जुलाना में रविवार को डेयरी संचालक एसोसिएशन की बैठक हुई। इसमें बढ़ती पशुपालन लागत का हवाला देते हुए दूध और घी के नए भाव तय किए गए। भैंस का दूध 100 रुपये, गाय का दूध 80 रुपये प्रति लीटर और भैंस का घी 1,500 रुपये प्रति किलो तय करने की जानकारी सामने आई है।
जींद में अब 100 रुपये भैंस और 80 रुपये गाय का दूध
जुलाना की अग्रवाल धर्मशाला में हुई बैठक में डेयरी संचालकों ने नए रेट पर सहमति बनाई। इससे पहले जुलाना तहसील के सिरसा खेड़ी गांव के करीब 20 पशुपालकों ने भी 1 सितंबर से भैंस का दूध 100 रुपये प्रति लीटर बेचने का फैसला किया था।
जींद क्षेत्र में सामान्य तौर पर भैंस का दूध करीब 70 से 80 रुपये और गाय का दूध 50 से 60 रुपये प्रति लीटर बिकने की रिपोर्ट है। पशुपालकों का कहना है कि चारा, पशु आहार, दवा और दूसरे खर्च बढ़ने से मौजूदा भाव पर पशुपालन से पर्याप्त आमदनी नहीं हो रही है।
जुलाना की नई बैठक के बाद यह मुहिम केवल गांव स्तर तक सीमित न रहकर कस्बे के डेयरी संचालकों तक भी पहुंच गई है।
हिसार के इन गांवों में भी 100 रुपये रेट तय
हिसार जिले के राजथल और भैणी अमीरपुर सहित कुछ गांवों में पशुपालक पहले ही दूध और घी का न्यूनतम बिक्री भाव तय कर चुके हैं।
यहां भैंस का दूध 100 रुपये, गाय का दूध 80 रुपये प्रति लीटर, देसी घी 1,500 रुपये प्रति किलो और लस्सी 20 रुपये प्रति लीटर से कम न बेचने का फैसला सामने आया है। निर्धारित भाव से कम कीमत पर दूध बेचने वाले पर 5,100 रुपये जुर्माना लगाने की बात भी कही गई है।
हालांकि संबंधित गांवों के सरपंचों ने स्पष्ट किया है कि यह ग्राम पंचायत का सरकारी फैसला नहीं, बल्कि पशुपालकों की बैठकों में लिया गया निर्णय है।
कैथल में भी 100 रुपये दूध बेचने पर सहमति
कैथल जिले के धनौरी गांव में भी पशुपालकों ने भैंस का दूध 100 रुपये प्रति लीटर करने पर सहमति जताई है। इससे पहले 1 सितंबर से नया भाव लागू करने की बात सामने आई थी।
इन फैसलों का मतलब यह नहीं है कि जींद, हिसार या कैथल जिले की हर दुकान और डेयरी पर दूध एक साथ 100 रुपये लीटर हो जाएगा। नए रेट फिलहाल उन गांवों और पशुपालकों तक सीमित हैं जिन्होंने सामूहिक रूप से यह भाव तय किया है।
भिवानी में 75 से बढ़ाकर 100 रुपये करने की मांग
दूध के भाव बढ़ाने की आवाज अब भिवानी से भी उठी है। बवानीखेड़ा में पशुपालकों, दूध विक्रेताओं और डेयरी संचालकों की बैठक में दूध का भाव मौजूदा करीब 75 रुपये से बढ़ाकर 100 रुपये प्रति लीटर और घी का भाव 1,500 रुपये प्रति किलो करने की मांग रखी गई है।
यहां अभी हिसार या जुलाना की तरह 100 रुपये का नया रेट लागू होने की पुष्टि नहीं है। फिलहाल पशुपालकों ने इसे मांग के रूप में उठाया है।
कुरुक्षेत्र में भी दूध का रेट बढ़ाने की मांग
कुरुक्षेत्र में Dairy Farmers Association ने भी बढ़ती लागत को देखते हुए दूध की कीमत बढ़ाने की मांग की है। यहां पशुपालकों ने Vita प्रबंधन और जिला प्रशासन के सामने दूध के खरीद भाव में बढ़ोतरी और मिलावट पर कार्रवाई का मुद्दा उठाया है।
इसलिए कुरुक्षेत्र को अभी सीधे “100 रुपये का रेट लागू” वाले जिलों में नहीं गिना जाना चाहिए।
क्या पूरे हरियाणा में दूध 100 रुपये लीटर हो गया?
नहीं। हरियाणा सरकार या किसी सरकारी एजेंसी ने पूरे प्रदेश के लिए भैंस के दूध का खुदरा भाव 100 रुपये प्रति लीटर तय नहीं किया है।
अलग-अलग गांवों और डेयरी संचालकों की बैठकों में अपने स्तर पर न्यूनतम रेट तय किए जा रहे हैं। खुले दूध की कीमत गांव, शहर, दूध की गुणवत्ता, फैट और विक्रेता के अनुसार अलग हो सकती है।
इसी तरह इन बैठकों में घोषित जुर्माना भी कोई सरकारी penalty नहीं है।
क्या Vita का दूध भी 100 रुपये लीटर होगा?
अभी Vita के पैकेट वाले दूध का खुदरा भाव 100 रुपये प्रति लीटर करने की कोई घोषणा नहीं हुई है।
पशुपालक Vita से अपने दूध का procurement price बढ़ाने की मांग जरूर कर रहे हैं। सिरसा में इसी महीने Dairy Farmers ने Vita plant के बाहर प्रदर्शन किया था। किसानों ने दावा किया कि पशु feed की कीमत करीब 33-34 रुपये किलो से बढ़कर 44-45 रुपये तक पहुंच गई है, जबकि दूध खरीद भाव उसी अनुपात में नहीं बढ़ा।
इसलिए गांवों में खुले दूध का 100 रुपये भाव तय करना और Vita के खरीद या पैकेट दूध के भाव में बदलाव दो अलग मामले हैं।
अब 1 सितंबर के बाद सबसे अहम बात यह रहेगी कि जिन गांवों और डेयरी संचालकों ने 100 रुपये का भाव तय किया है, वहां वास्तव में कितने पशुपालक नए रेट पर दूध बेचते हैं और उपभोक्ता इसे स्वीकार करते हैं या नहीं।







