करनाल में पहला उद्यान मेला शुरू, 80 से ज्यादा स्टॉल; किसानों को एक जगह मिलेंगी नई तकनीक
लोकल हरियाणा, करनाल। महाराणा प्रताप हॉर्टिकल्चरल यूनिवर्सिटी करनाल में शनिवार, 19 सितंबर 2026 को दो दिवसीय पहला उद्यान मेला एवं हॉर्टी एक्सपो शुरू हो गया। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने मेले का शुभारंभ…

- 19-20 सितंबर तक चलेगा उद्यान मेला
- मेले में 80 से ज्यादा स्टॉल
- मिट्टी और शहद टेस्टिंग लैब शुरू
लोकल हरियाणा, करनाल। महाराणा प्रताप हॉर्टिकल्चरल यूनिवर्सिटी करनाल में शनिवार, 19 सितंबर 2026 को दो दिवसीय पहला उद्यान मेला एवं हॉर्टी एक्सपो शुरू हो गया। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने मेले का शुभारंभ किया।
मेला 20 सितंबर तक चलेगा और इसमें प्रदेशभर से किसान, कृषि से जुड़े उद्यमी, कंपनियां और रिसर्च संस्थान पहुंचे हैं। आज की अपडेट के मुताबिक मेले में 80 से ज्यादा स्टॉल लगाए गए हैं, जहां किसानों को फलदार पौधे, सब्जियों के बीज-पौध और बागवानी में इस्तेमाल होने वाली नई तकनीक देखने को मिल रही है। एमएचयू में मिट्टी जांच और शहद टेस्टिंग की दो नई लैब भी शुरू की गई हैं। इससे पहले यूनिवर्सिटी ने 19-20 सितंबर को पहला हॉर्टी एक्सपो लगाने की जानकारी दी थी।
किसानों को एक जगह पौधे, बीज और नई तकनीक की जानकारी
मेले में किसान अलग-अलग किस्मों के फलदार पौधे, कलमें, सब्जियों के बीज और पौध देख सकते हैं। इसके साथ पॉलीहाउस, ड्रिप-स्प्रिंकलर सिंचाई, प्रोसेसिंग, पैकेजिंग और हाईटेक बागवानी से जुड़ी तकनीक भी दिखाई जा रही है।
किसान यहां कृषि और बागवानी विशेषज्ञों से सीधे अपनी फसल से जुड़े सवाल भी पूछ सकते हैं। यूनिवर्सिटी ने मेले से पहले भी बताया था कि किसानों को नई बागवानी तकनीक, उन्नत पौध सामग्री और वैज्ञानिकों से सीधे बातचीत का मौका मिलेगा।
कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने किसानों से कहा कि कम जमीन में बागवानी अपनाकर आमदनी बढ़ाने के नए रास्ते तलाशे जा सकते हैं। उन्होंने पशुपालन और जैविक खेती को भी खेती के साथ जोड़ने की बात कही।

मिट्टी और शहद की जांच के लिए दो लैब शुरू
मेले के पहले दिन एमएचयू की मृदा परीक्षण प्रयोगशाला और शहद टेस्टिंग प्रयोगशाला का भी शुभारंभ किया गया। इस दौरान कुछ किसानों को उनके सैंपल की रिपोर्ट भी दी गई।
मिट्टी जांच से किसान अपने खेत में पोषक तत्वों की स्थिति जानकर उसी हिसाब से खाद का इस्तेमाल कर सकते हैं। वहीं शहद टेस्टिंग लैब शहद की क्वालिटी जांच से जुड़े काम में इस्तेमाल होगी।
फिलहाल यूनिवर्सिटी की तरफ से आम किसानों के लिए इन दोनों लैब में सैंपल जमा करने की फीस और पूरी प्रोसेस की अलग जानकारी सामने नहीं आई है। इसलिए मेले में हर किसान की जांच फ्री होने जैसी कोई बात अभी तय नहीं मानी जानी चाहिए।
हरियाणा में पराली जलाना पड़ेगा भारी, रेड एंट्री-FIR के लिए गांव-गांव तैनात हुआ ‘पराली सुरक्षा बल’
करनाल में महिलाओं ने सीखी घर से कम लागत में ढींगरी मशरूम से कमाई की नई तकनीक
80 से ज्यादा स्टॉल पर किसान समूह से कंपनियों तक की भागीदारी
मेले में हरियाणा के अलग-अलग हिस्सों से किसान, महिला किसान समूह, कृषि से जुड़े उद्यमी, उपकरण बनाने वाली कंपनियां, आईसीएआर और प्रदेश सरकार के विभागों ने 80 से ज्यादा स्टॉल लगाए हैं।
मेले से पहले करीब 100 से ज्यादा स्टॉल लगाने की तैयारी बताई गई थी, लेकिन पहले दिन की ताजा जानकारी में 80 से ज्यादा स्टॉल लगने की बात सामने आई है। इसलिए मौजूदा स्टॉल संख्या के लिए यही ताजा आंकड़ा सही रहेगा।
कार्यक्रम में कृषि मंत्री ने 24 फसलों पर एमएसपी और भावांतर भरपाई योजना का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि किसानों को परंपरागत खेती के साथ बागवानी, पशुपालन और दूसरी खेती से जुड़े काम भी अपनाने चाहिए।
एमएचयू के कुलपति प्रो. सुरेश मल्होत्रा ने कहा कि किसान मेले में नई तकनीक देखने के साथ वैज्ञानिकों से सीधे जानकारी ले सकते हैं। यूनिवर्सिटी का मुख्य काम भी बागवानी की पढ़ाई, रिसर्च और नई तकनीक किसानों तक पहुंचाना है।







