सोमवार, 31 अगस्त 2026 | 17:33 ISTFollow us at:
मौसम

हरियाणा में आज (31 अगस्त) का मौसमः इन 5 जिलों में बरस सकते हैं बादल, गर्मी-उमस से अभी राहत नहीं

हरियाणा के 5 जिलों में आज हल्की-मध्यम बारिश के आसार हैं। हिसार में पारा 38.8°C पहुंचा, वहीं कम बारिश से बाजरा किसानों की चिंता बढ़ी है।

हरियाणा के पांच जिलों में बारिश के आसार और हिसार में गर्मी के बीच खेत में बाजरे की फसल
हरियाणा के पांच जिलों में बारिश के आसार और हिसार में गर्मी के बीच खेत में बाजरे की फसल

चंडीगढ़, 31 अगस्त। हरियाणा में कमजोर पड़े मानसून के बीच सोमवार को पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र और करनाल में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। प्रदेश के बाकी हिस्सों में मौसम मुख्य रूप से गर्म और उमस भरा रहने के आसार हैं। फिलहाल किसी जिले के लिए भारी बारिश का येलो या ऑरेंज अलर्ट जारी नहीं किया गया है। वहीं कम बारिश वाले दक्षिण-पश्चिम हरियाणा में बाजरा और ग्वार की फसल को लेकर किसानों की चिंता बढ़ने लगी है।

पंचकूला-अंबाला समेत इन 5 जिलों में बारिश के आसार

31 अगस्त के Haryana Weather अपडेट के अनुसार बारिश की संभावना मुख्य रूप से पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र और करनाल में बनी हुई है। इन जिलों में भी पूरे क्षेत्र में एक जैसी बारिश के बजाय कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।

IMD के हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली उपमंडल के लिए जारी चेतावनी में 31 अगस्त को कोई भारी बारिश का अलर्ट नहीं है। ऐसे में सामान्य बारिश की संभावना और मौसम चेतावनी को अलग-अलग समझना जरूरी है। बादल बनने या कुछ जगह बारिश होने के बावजूद इसे भारी बारिश का अलर्ट नहीं माना जाएगा।

करनाल में 31 अगस्त को अधिकतम तापमान करीब 34 डिग्री रहने का अनुमान है। यहां 1 सितंबर से बारिश या गरज के साथ बौछारों की संभावना बढ़ सकती है।

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हिसार में 38.8 डिग्री तक पहुंचा पारा

प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों में गर्मी फिलहाल ज्यादा परेशान कर रही है। हिसार में 30 अगस्त को अधिकतम तापमान 38.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से करीब 3 डिग्री ज्यादा था। इसी दौरान बारिश दर्ज नहीं हुई।

31 अगस्त को भी हिसार में आसमान आंशिक रूप से बादलों वाला रहने और तापमान करीब 37 डिग्री तक पहुंचने का अनुमान है। IMD के मौजूदा city forecast में हिसार में अगले कुछ दिनों तक बड़ी बारिश की संभावना कम दिख रही है। 4 सितंबर के आसपास बारिश या गरज के साथ बौछारों की संभावना बन सकती है।

भिवानी में भी तापमान 38 डिग्री के आसपास बना हुआ है। रोहतक में 30 अगस्त को अधिकतम तापमान 36.9 डिग्री रहा। ऐसे में पश्चिमी और मध्य हरियाणा में बादल छाने के बावजूद दिन के समय गर्मी और उमस से तुरंत बड़ी राहत मिलने के संकेत नहीं हैं।

गुरुग्राम-फरीदाबाद में आज बारिश की संभावना कम

दिल्ली-NCR से लगते गुरुग्राम और फरीदाबाद में भी 31 अगस्त को मौसम आंशिक रूप से बादलों वाला रह सकता है। मौजूदा पूर्वानुमान में आज इन दोनों शहरों में बारिश की खास संभावना नहीं दिखाई गई है।

गुरुग्राम में 2 सितंबर को एक-दो दौर की बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। फरीदाबाद में भी 2 सितंबर के आसपास मौसम बदलने के संकेत हैं।

इसलिए अगर आज बारिश नहीं होती तो NCR के हरियाणा हिस्से में गर्मी और उमस का असर बना रह सकता है।

बारिश की कमी से महेंद्रगढ़ में बाजरा-ग्वार पर संकट

मौसम का सबसे ज्यादा असर उन किसानों पर दिखाई दे रहा है जिनकी खरीफ फसल बारिश पर निर्भर है। महेंद्रगढ़ जिले के नारनौल और निजामपुर क्षेत्र में पर्याप्त बारिश नहीं होने और कई जगह सिंचाई के दूसरे साधन नहीं मिलने से बाजरा और ग्वार की फसल प्रभावित होने की शिकायतें सामने आई हैं।

निजामपुर क्षेत्र के किसानों के अनुसार खेतों में नमी लगातार घट रही है और इस समय बाजरे व ग्वार को पानी की जरूरत है। मंढाणा, सेका और कादीपुरी समेत कुछ गांवों में भी बाजरे की फसल को नुकसान की रिपोर्ट सामने आई है।

1 जून से 30 अगस्त के बीच महेंद्रगढ़ में करीब 286.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज होने की जानकारी है, जो सामान्य से लगभग 15 प्रतिशत कम बताई गई है। हिसार में भी इस अवधि में लगभग 198.3 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई और बारिश सामान्य से कम रही।

इसलिए प्रदेश स्तर का मानसून आंकड़ा देखने के बजाय किसानों के लिए अपने जिले और ब्लॉक की बारिश ज्यादा महत्वपूर्ण है। एक जिले में सामान्य से अधिक बारिश और दूसरे में कमी एक साथ हो सकती है।

किसानों को अगले कुछ दिन क्या ध्यान रखना चाहिए?

जिन इलाकों में बारिश की संभावना है, वहां किसान सिंचाई या कीटनाशक छिड़काव का फैसला स्थानीय मौसम देखकर करें। बारिश आने से ठीक पहले स्प्रे करने पर दवा का असर कम हो सकता है।

वहीं महेंद्रगढ़ जैसे कम बारिश वाले क्षेत्रों में बाजरा और ग्वार की फसल में नमी की कमी दिखाई दे रही हो तो उपलब्ध सिंचाई साधनों के अनुसार हल्की सिंचाई की जरूरत का आकलन किया जा सकता है। फसल में नुकसान या रोग जैसी स्थिति दिखाई देने पर स्थानीय कृषि अधिकारी या कृषि विज्ञान केंद्र से खेत की स्थिति के अनुसार सलाह लेना बेहतर रहेगा।

सितंबर की शुरुआत में कब बदलेगा हरियाणा का मौसम?

अभी पूरे हरियाणा में लगातार बारिश वाला दौर लौटने का संकेत नहीं है। अलग-अलग जिलों में छिटपुट गतिविधियां होती रहेंगी।

IMD के city forecasts में करनाल में 1 सितंबर से बारिश की संभावना बढ़ती दिख रही है, जबकि गुरुग्राम और फरीदाबाद में 2 सितंबर तथा रोहतक में 3 सितंबर के आसपास बौछारों के आसार हैं। हिसार और भिवानी में बारिश की संभावना इसके बाद बढ़ सकती है।

इसलिए अगले कुछ दिनों में हरियाणा का मौसम एक जैसा नहीं रहेगा। उत्तर और पूर्वी जिलों में पहले बारिश की संभावना है, जबकि पश्चिमी हरियाणा में गर्मी और कम बारिश की स्थिति कुछ दिन और बनी रह सकती है।

लेखक

Sandeep Kumar

संदीप कुमार LocalHaryana.com के संस्थापक और संपादक हैं। वे वर्ष 2020 से डिजिटल पत्रकारिता और ऑनलाइन समाचार प्रकाशन के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं। वे मुख्य रूप से हरियाणा समाचार, सरकारी योजनाएं, नौकरियां, शिक्षा, खेतीबाड़ी और मौसम से जुड़े विषयों पर लेखन और संपादन करते हैं। उनका प्रयास पाठकों तक तथ्य आधारित, स्पष्ट और उपयोगी जानकारी सरल हिंदी में पहुँचाना है। LocalHaryana.com पर प्रकाशित सामग्री उपलब्ध आधिकारिक सूचनाओं और विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर तैयार की जाती है।

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