हरियाणा में हड़ताली कर्मचारियों पर बड़ा एक्शन, 10 की सेवाएं खत्म; 14 रेगुलर कर्मचारी सस्पेंड
हरियाणा फायर कर्मचारियों की हड़ताल पर बड़ा एक्शन। 10 अनुबंधित की सेवाएं खत्म, 14 रेगुलर सस्पेंड; जानें मांगें और 3 सितंबर का आंदोलन।

हरियाणा में करीब एक महीने से चल रहे नगरपालिका और अग्निशमन कर्मचारियों के आंदोलन के बीच अब बड़ी विभागीय कार्रवाई हुई है। अग्निशमन महानिदेशालय ने 10 अनुबंधित कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त कर दी हैं, जबकि 14 रेगुलर कर्मचारियों को सस्पेंड किया गया है। कार्रवाई वाले अनुबंधित कर्मचारियों में हरियाणा अग्निशमन विभाग कर्मचारी यूनियन के राज्य प्रधान राजेंद्र सिंह और महासचिव गुलशन भारद्वाज भी शामिल हैं।
महानिदेशालय ने हड़ताली कर्मचारियों को सुबह 9 बजे तक ड्यूटी पर लौटने के निर्देश दिए थे। इसके बाद भी काम पर नहीं लौटने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई। दूसरी ओर यूनियन ने साफ कर दिया है कि सेवा समाप्ति और सस्पेंशन के बावजूद आंदोलन खत्म नहीं किया जाएगा।
किन कर्मचारियों पर हुई कार्रवाई?
ताजा कार्रवाई मुख्य रूप से अग्निशमन विभाग के कर्मचारियों पर हुई है। महानिदेशालय ने यूनियन के राज्य प्रधान राजेंद्र सिंह और राज्य महासचिव गुलशन भारद्वाज समेत 10 अनुबंधित कर्मचारी नेताओं की सेवाएं समाप्त की हैं।
इसके अलावा 14 रेगुलर कर्मचारियों को सस्पेंड किया गया है। जिसकी सार्वजनिक रिपोर्ट भी जारी कर दी गई है।
यहां दोनों कार्रवाई में फर्क है। अनुबंधित कर्मचारियों की सेवा समाप्त की गई है, जबकि रेगुलर कर्मचारियों को निलंबित किया गया है। निलंबन का मतलब रेगुलर नौकरी तुरंत खत्म होना नहीं है। आगे की विभागीय कार्रवाई संबंधित आदेश और सर्विस नियमों के अनुसार होगी।
फायर कर्मचारी हड़ताल पर क्यों हैं?
हरियाणा में नगरपालिका और फायर कर्मचारी 6 अगस्त से अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि 13 मई को सरकार के साथ हुई बातचीत में कई मांगों पर सहमति बनी थी, लेकिन बाद में उन्हें लागू करने के लिए जरूरी आदेश जारी नहीं किए गए।
फायर कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में पात्र कर्मचारियों को पक्का करना, जोखिम भत्ता, फायर कर्मचारियों से जुड़े लंबित मामलों का समाधान और फरीदाबाद में ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले फायर कर्मचारियों के परिवारों को आर्थिक सहायता व नौकरी देना शामिल रहा है। कर्मचारी संगठन पहले 50 लाख रुपये सहायता और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की मांग भी उठाते रहे हैं।
क्या कार्रवाई के बाद हड़ताल खत्म हो जाएगी?
अग्निशमन कर्मचारी यूनियन के महासचिव गुलशन भारद्वाज ने कार्रवाई के बाद कहा कि कर्मचारी इससे पीछे नहीं हटेंगे और मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
नगरपालिका कर्मचारी संघ और अग्निशमन कर्मचारी यूनियन की राज्य कमेटी पहले ही घोषणा कर चुकी है कि समाधान नहीं निकलने पर आंदोलन को और आगे बढ़ाया जाएगा। 3 सितंबर को नगरपालिका, नगर परिषद और नगर निगम के कार्यालय कर्मचारियों की एक दिन की हड़ताल का कार्यक्रम तय किया गया है। इसके बाद 5 और 6 सितंबर को मंत्रियों के कैंप कार्यालयों पर प्रदर्शन तथा 10 से 12 सितंबर के बीच जिला स्तर पर कार्यक्रम रखे गए हैं।
सरकार का सफाई कर्मचारियों की मांगों पर क्या कहना है?
सरकार और कर्मचारी यूनियनों के बीच मांगों को लेकर स्थिति अलग-अलग है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 1 सितंबर को विधानसभा में कहा कि सफाई कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए सरकार काम कर रही है और उनकी 12 मांगें स्वीकार की जा चुकी हैं। मुख्यमंत्री के अनुसार जो मामले अदालत में विचाराधीन हैं, उनमें सरकार न्यायालय के निर्देशों के अनुसार आगे कार्रवाई करेगी।
वहीं कर्मचारी संगठन आरोप लगा रहे हैं कि जिन मांगों पर पहले सहमति बनी थी, उनके कई आदेश अभी तक जमीन पर लागू नहीं हुए हैं। यही विवाद मौजूदा हड़ताल की बड़ी वजह बना हुआ है।
क्या सफाई कर्मचारियों पर भी कार्रवाई हुई है?
अग्निशमन कर्मचारियों पर सेवा समाप्ति और सस्पेंशन की कार्रवाई के साथ नगरपालिका कर्मचारी संघ ने सफाई कर्मचारियों पर पुलिस कार्रवाई का मुद्दा भी उठाया है।
नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के राज्य प्रधान नरेश शास्त्री के मुताबिक हिसार में 25 और सोनीपत में 10 सफाई कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि ऐसी कार्रवाई के बावजूद आंदोलन जारी रहेगा। इन आंकड़ों को कर्मचारी संघ के दावे के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
प्रदेश के कई शहरों में पिछले कई सप्ताह से सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के कारण कूड़ा उठाने और दूसरी नगर सेवाओं पर असर पड़ा है। हिसार, रोहतक और सोनीपत समेत कई शहरों में बड़ी मात्रा में कचरा जमा होने की रिपोर्ट सामने आ चुकी है।
3 सितंबर को क्या होगा?
अगर सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच इससे पहले कोई समझौता नहीं होता है तो आंदोलन का अगला बड़ा दिन 3 सितंबर होगा।
इस दिन नगरपालिका, नगर परिषद और नगर निगम के कार्यालय कर्मचारियों ने एक दिन काम बंद रखने का ऐलान किया है। ऐसे में विभिन्न शहरों में नगरपालिका कार्यालयों से जुड़े काम प्रभावित हो सकते हैं। हालांकि कौन-सी नागरिक सेवाएं पूरी तरह बंद रहेंगी और किन आवश्यक सेवाओं को चालू रखा जाएगा, इसकी अलग राज्यव्यापी सूची अभी जारी नहीं हुई है।
अग्निशमन कर्मचारियों पर हुई ताजा कार्रवाई के बाद अब नजर सरकार और यूनियन के अगले कदम पर रहेगी। यूनियन फिलहाल आंदोलन जारी रखने की बात कह रही है।








