सोमवार, 31 अगस्त 2026 | 22:53 ISTFollow us at:
शिक्षा

हरियाणा के सरकारी स्कूलों में अब पूरी होगी शिक्षकों की कमी, शिक्षा विभाग ने DEEO को दिए आदेश

हरियाणा में SIR ड्यूटी से शिक्षक कम होने पर DEEO जरूरत के अनुसार Internal Adjustment कर सकेंगे। हर स्कूल में न्यूनतम स्टाफ रखने के आदेश हैं।

हरियाणा शिक्षा विभाग का सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के Internal Adjustment को लेकर आदेश

चंडीगढ़। हरियाणा के सरकारी स्कूलों में SIR ड्यूटी के कारण शिक्षकों की कमी से पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए शिक्षा विभाग ने सभी जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों (DEEO) को जरूरत के अनुसार शिक्षकों का Internal Adjustment और Deputation करने के निर्देश दिए हैं। DEEO को अपने जिले के सभी स्कूलों की स्टाफ संख्या की समीक्षा कर यह सुनिश्चित करना होगा कि किसी भी स्कूल में न्यूनतम जरूरी शिक्षकों से कम स्टाफ न रहे।

मौलिक शिक्षा निदेशक मनीता मलिक की ओर से 30 अगस्त को जारी निर्देश में विद्यार्थियों के हित को देखते हुए यह व्यवस्था करने को कहा गया है। आदेश खास तौर पर उन स्कूलों के लिए महत्वपूर्ण है, जहां शिक्षकों की SIR ड्यूटी लगने के बाद नियमित कक्षाओं के लिए स्टाफ कम पड़ गया है। हरियाणा सरकार की हाल की आधिकारिक जानकारी में भी मनीता मलिक को स्कूल शिक्षा विभाग में निदेशक के पद पर बताया गया है।

हरियाणा स्कूल शिक्षक Internal Adjustment आदेश

शिक्षकों की कमी वाले स्कूलों में होगा Internal Adjustment

शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन स्कूलों में शिक्षकों की कमी है, वहां दूसरे स्कूल से शिक्षक को deputation पर लगाया जा सकता है।

सभी DEEO को अपने जिले के स्कूलों की Staff Strength की समीक्षा करने के निर्देश दिए गए हैं। जहां शिक्षक कम मिलेंगे, वहां प्रशासनिक जरूरत के अनुसार adjustment के आदेश जारी किए जा सकेंगे।

विभाग ने यह अधिकार खास तौर पर SIR ड्यूटी के कारण उत्पन्न स्थिति को देखते हुए दिया है। DEEO को समीक्षा के बाद रिपोर्ट भी भेजनी होगी।

इसका उद्देश्य ऐसे स्कूलों में पढ़ाई जारी रखना है जहां कई शिक्षकों को मतदाता सूची के Special Intensive Revision यानी SIR के काम में लगाया गया है।

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SIR ड्यूटी के कारण कई जिलों में प्रभावित हुई पढ़ाई

पिछले दिनों हरियाणा के अलग-अलग जिलों से सरकारी स्कूलों में SIR ड्यूटी के कारण शिक्षकों की कमी की स्थिति सामने आई है।

पानीपत के एक सरकारी स्कूल में करीब 1,800 विद्यार्थी हैं। यहां पहले से छह शिक्षकों की कमी बताई गई थी और 11 शिक्षकों की SIR ड्यूटी लगने के बाद स्कूल में पढ़ाई और ज्यादा प्रभावित होने की रिपोर्ट सामने आई।

झज्जर क्षेत्र के कई प्राथमिक स्कूलों में भी कहीं एक तो कहीं दो शिक्षक ही पांच कक्षाओं के विद्यार्थियों को संभाल रहे थे। कुछ स्कूलों के शिक्षकों की SIR में ड्यूटी लगने के बाद आसपास के स्कूलों से शिक्षक भेजकर वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ी।

गुरुग्राम में भी SIR और दूसरी सरकारी ड्यूटी में शिक्षकों के लगाए जाने से प्राथमिक स्कूलों में स्टाफ की कमी सामने आई। इसका असर NIPUN assessment तक पर पड़ा और कई स्कूल निर्धारित समय पर मूल्यांकन नहीं करा पाए।

भिवानी में भी सामने आया था SIR ड्यूटी का असर

भिवानी जिले से भी अगस्त में ऐसी स्थिति सामने आई थी, जहां शिक्षकों की SIR ड्यूटी के कारण स्कूलों की पढ़ाई प्रभावित होने की रिपोर्ट मिली थी।

इन्हीं परिस्थितियों के बीच शिक्षा विभाग का नया आदेश आया है। अब जिला स्तर पर DEEO को किसी एक स्कूल में जरूरत से ज्यादा शिक्षक उपलब्ध होने और दूसरे में कमी होने की स्थिति में आवश्यक adjustment करने का अधिकार दिया गया है।

यह स्थायी भर्ती या सामान्य Transfer Drive नहीं

शिक्षा विभाग का 30 अगस्त का आदेश नई शिक्षक भर्ती या सामान्य Teacher Transfer Drive नहीं है।

इसमें मौजूदा शिक्षकों को जरूरत के अनुसार दूसरे स्कूल में deputation या internal adjustment पर लगाने की व्यवस्था दी गई है। इसका मुख्य उद्देश्य SIR जैसी प्रशासनिक ड्यूटी के कारण किसी स्कूल में शिक्षक बहुत कम रह जाने पर तत्काल व्यवस्था करना है।

राज्य में Teacher Transfer Drive की अलग प्रक्रिया पहले से चल रही है। शिक्षा विभाग ने इसके लिए शिक्षकों के MIS रिकॉर्ड की verification और authentication का अलग schedule जारी किया था।

इसलिए नए आदेश को स्थायी तबादले की प्रक्रिया से अलग माना जाएगा।

हर स्कूल में न्यूनतम जरूरी शिक्षक रखने के निर्देश

30 अगस्त के आदेश में DEEO को केवल स्टाफ संख्या की जानकारी जुटाने के लिए नहीं कहा गया है। जहां आवश्यकता हो वहां तुरंत आदेश जारी कर हर स्कूल में कम से कम जरूरी शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

इससे खास तौर पर उन प्राथमिक और मौलिक स्कूलों को राहत मिलने की उम्मीद है जहां कम स्टाफ में एक शिक्षक को कई कक्षाओं के विद्यार्थियों को एक साथ संभालना पड़ रहा है।

हालांकि किसी शिक्षक को किस स्कूल से हटाकर कहां लगाया जाएगा, इसका कोई राज्यस्तरीय स्कूलवार आदेश जारी नहीं हुआ है। यह फैसला संबंधित जिले में स्कूलों की स्टाफ स्थिति और प्रशासनिक जरूरत के आधार पर DEEO स्तर पर किया जाएगा।

लेखक

Sandeep Kumar

संदीप कुमार LocalHaryana.com के संस्थापक और संपादक हैं। वे वर्ष 2020 से डिजिटल पत्रकारिता और ऑनलाइन समाचार प्रकाशन के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं। वे मुख्य रूप से हरियाणा समाचार, सरकारी योजनाएं, नौकरियां, शिक्षा, खेतीबाड़ी और मौसम से जुड़े विषयों पर लेखन और संपादन करते हैं। उनका प्रयास पाठकों तक तथ्य आधारित, स्पष्ट और उपयोगी जानकारी सरल हिंदी में पहुँचाना है। LocalHaryana.com पर प्रकाशित सामग्री उपलब्ध आधिकारिक सूचनाओं और विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर तैयार की जाती है।

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