शुक्रवार, 04 सितम्बर 2026 | 19:25 ISTFollow us at:
शिक्षा

IGNOU में 15 सितंबर तक एडमिशन, BA-MA समेत कई कोर्स में मौका; जानें फीस, डॉक्यूमेंट और आवेदन तरीका

इग्नू ने जुलाई 2026 फ्रेश एडमिशन की तारीख 15 सितंबर तक बढ़ाई। जानें बीए-एमए की फीस, पात्रता, जरूरी डॉक्यूमेंट और ऑनलाइन आवेदन तरीका।

इग्नू में जुलाई 2026 सेशन के लिए 15 सितंबर तक बीए एमए समेत कई कोर्स में एडमिशन
इग्नू में जुलाई 2026 सेशन के लिए 15 सितंबर तक बीए एमए समेत कई कोर्स में एडमिशन

चंडीगढ़, 4 सितंबर। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय यानी इग्नू में जुलाई 2026 सेशन के लिए एडमिशन लेने से चूक गए विद्यार्थियों को एक और मौका मिला है। विश्वविद्यालय ने फ्रेश एडमिशन की आखिरी तारीख बढ़ाकर 15 सितंबर 2026 कर दी है। यह बढ़ी हुई तारीख ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग और ऑनलाइन मोड के नोटिफाइड प्रोग्राम पर लागू होगी, हालांकि सर्टिफिकेट प्रोग्राम इसमें शामिल नहीं हैं।

इग्नू में बीए, बीकॉम, एमए, एमकॉम, डिप्लोमा और पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा समेत अलग-अलग क्षेत्रों के कई प्रोग्राम उपलब्ध हैं। हर कोर्स की योग्यता और फीस अलग है, इसलिए विद्यार्थी फॉर्म भरने से पहले चुने गए प्रोग्राम की पात्रता जरूर चेक करें।

इग्नू में 15 सितंबर तक किन कोर्स में एडमिशन हो सकता है?

नई तारीख फ्रेश एडमिशन के लिए है और ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग तथा ऑनलाइन मोड में उपलब्ध नोटिफाइड प्रोग्राम पर लागू है।

इनमें अलग-अलग विषयों के—

  • स्नातक प्रोग्राम
  • स्नातकोत्तर प्रोग्राम
  • डिप्लोमा
  • पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा
  • अन्य उच्च शिक्षा प्रोग्राम

शामिल हो सकते हैं।

लेकिन इस बार बढ़ाई गई 15 सितंबर की तारीख सर्टिफिकेट प्रोग्राम के लिए लागू नहीं है।

इसलिए किसी पुराने कोर्स की सूची देखकर फॉर्म न भरें। वर्तमान जुलाई 2026 सेशन में जो प्रोग्राम पोर्टल पर उपलब्ध दिख रहा है, उसी की पात्रता और फीस देखकर आवेदन करें।

बीए और एमए में एडमिशन के लिए क्या योग्यता चाहिए?

योग्यता चुने गए प्रोग्राम के अनुसार बदलती है।

उदाहरण के तौर पर इग्नू के बीए पॉलिटिकल साइंस प्रोग्राम में एडमिशन के लिए 12वीं या इसके बराबर की योग्यता जरूरी है। इस प्रोग्राम की अवधि न्यूनतम 3 साल है।

वहीं एमए स्तर के प्रोग्राम में सामान्य तौर पर ग्रेजुएशन की जरूरत होती है, लेकिन विषय के हिसाब से नियम अलग हो सकते हैं। उदाहरण के लिए एमए डिस्टेंस एजुकेशन में किसी भी विषय से ग्रेजुएट विद्यार्थी आवेदन कर सकता है।

इसलिए केवल यह देखकर आवेदन न करें कि कोर्स बीए या एमए है। अपने चुने प्रोग्राम की Eligibility पहले जरूर देखें।

इग्नू में बीए-एमए की फीस कितनी है?

इग्नू में सभी बीए या एमए प्रोग्राम की एक जैसी फीस नहीं है। फीस विषय और प्रोग्राम के हिसाब से अलग-अलग है।

उदाहरण के लिए—

प्रोग्राममौजूदा प्रोग्राम फीस
बीए पॉलिटिकल साइंस₹5,500 प्रति वर्ष
बीकॉम₹5,000 प्रति वर्ष
एमए हिंदी₹8,200 प्रति वर्ष
एमए इतिहास₹8,200 प्रति वर्ष
एमए डिस्टेंस एजुकेशन₹7,500 प्रति वर्ष

बीए पॉलिटिकल साइंस और बीकॉम की फीस इग्नू के मौजूदा प्रोग्राम पेज पर क्रमशः ₹5,500 और ₹5,000 प्रति वर्ष दी गई है।

एमए हिंदी और एमए इतिहास की फीस ₹8,200 प्रति वर्ष है, जबकि एमए डिस्टेंस एजुकेशन की फीस ₹7,500 प्रति वर्ष बताई गई है।

यह केवल उदाहरण हैं। दूसरे प्रोग्राम की फीस इससे कम या ज्यादा हो सकती है। एग्जाम फीस भी कई प्रोग्राम की दिखाई गई फीस में शामिल नहीं होती, इसलिए आवेदन से पहले संबंधित कोर्स का पूरा फीस स्ट्रक्चर देखना जरूरी है।

इग्नू एडमिशन के लिए कौन से डॉक्यूमेंट चाहिए?

मौजूदा ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग एडमिशन पोर्टल के मुताबिक आवेदन शुरू करने से पहले विद्यार्थी को मुख्य रूप से ये फाइलें तैयार रखनी चाहिए—

  • सफेद बैकग्राउंड वाली साफ रंगीन पासपोर्ट साइज फोटो
  • विद्यार्थी के सिग्नेचर
  • संबंधित शैक्षणिक योग्यता के दस्तावेज
  • अनुभव प्रमाण पत्र, अगर कोर्स के लिए जरूरी हो
  • एससी, एसटी या ओबीसी सर्टिफिकेट, अगर लागू हो

फोटो और सिग्नेचर की फाइल 100 केबी से कम रखनी है, जबकि शैक्षणिक और कैटेगरी दस्तावेजों की सॉफ्ट कॉपी 200 केबी से कम जेपीईजी या पीडीएफ फॉर्मेट में मांगी जा रही है।

इग्नू ने जुलाई 2026 एडमिशन के लिए विद्यार्थियों को अपार आईडी तैयार रखने के लिए भी कहा है।

इग्नू में ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?

फ्रेश एडमिशन की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन है।

सबसे पहले विद्यार्थी को इग्नू के संबंधित एडमिशन पोर्टल पर जाकर न्यू रजिस्ट्रेशन करना होगा। रजिस्ट्रेशन के समय अपना मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी देना होगा और इन्हें ओटीपी से वेरिफाई किया जाएगा।

इसके बाद सामान्य प्रक्रिया इस तरह रहेगी—

  1. नया रजिस्ट्रेशन करें।
  2. यूजरनेम और पासवर्ड से लॉगिन करें।
  3. अपना प्रोग्राम चुनें।
  4. व्यक्तिगत और शैक्षणिक जानकारी भरें।
  5. फोटो, सिग्नेचर और जरूरी दस्तावेज अपलोड करें।
  6. प्रोग्राम की फीस ऑनलाइन जमा करें।
  7. फॉर्म का प्रीव्यू देखकर सभी जानकारी दोबारा चेक करें।
  8. आवेदन सबमिट कर उसकी कॉपी सेव कर लें।

फीस क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड, नेट बैंकिंग और यूपीआई के जरिए जमा की जा सकती है।

ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग के लिए अलग एडमिशन पोर्टल और पूरी तरह ऑनलाइन प्रोग्राम के लिए अलग पोर्टल है।

डिस्टेंस और ऑनलाइन कोर्स में क्या फर्क है?

फॉर्म भरते समय यह फर्क समझना जरूरी है।

ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग में विद्यार्थी इग्नू के लर्नर सपोर्ट या स्टडी सेंटर से जुड़ा रहता है और प्रोग्राम की व्यवस्था डिस्टेंस मोड के हिसाब से होती है।

वहीं ऑनलाइन प्रोग्राम लेने वाले विद्यार्थी के पास कंप्यूटर या लैपटॉप और इंटरनेट की सुविधा होना जरूरी है। इग्नू ने साफ बताया है कि ऑनलाइन प्रोग्राम के विद्यार्थियों को प्रिंटेड स्टडी मटेरियल नहीं दिया जाता।

अगर विद्यार्थी पूरी तरह ऑनलाइन पढ़ाई करने में सहज नहीं है तो इग्नू खुद उसे ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग मोड चुनने की सलाह देता है।

इसलिए केवल कोर्स का नाम देखकर मोड न चुनें।

फ्रेश एडमिशन और री-रजिस्ट्रेशन में क्या अंतर है?

यहां विद्यार्थियों को सबसे ज्यादा कंफ्यूजन हो सकता है।

फ्रेश एडमिशन उन विद्यार्थियों के लिए है जो इग्नू के किसी नए प्रोग्राम में पहली बार एडमिशन ले रहे हैं।

री-रजिस्ट्रेशन उन विद्यार्थियों के लिए है जो पहले से इग्नू में पढ़ रहे हैं और अपने अगले साल या अगले सेमेस्टर के लिए रजिस्ट्रेशन कर रहे हैं।

जुलाई 2026 सेशन के री-रजिस्ट्रेशन की आखिरी तारीख भी 15 सितंबर 2026 तक बढ़ाई गई है, लेकिन इसके साथ ₹200 लेट फीस देनी होगी।

इसलिए नए विद्यार्थी री-रजिस्ट्रेशन पोर्टल पर आवेदन न करें।

एडमिशन के बाद स्टडी सेंटर बदल सकते हैं?

हां, जरूरत पड़ने पर विद्यार्थी अपने लर्नर सपोर्ट सेंटर यानी स्टडी सेंटर और रीजनल सेंटर में बदलाव के लिए अनुरोध कर सकता है।

इग्नू के नियमों के अनुसार विद्यार्थी अपने अकाउंट से बदलाव की प्रक्रिया शुरू कर सकता है और संबंधित रीजनल सेंटर को भी इसकी जानकारी देनी होती है। दूसरे रीजन में ट्रांसफर के मामलों में पुराने और नए रीजनल सेंटर के बीच विद्यार्थी का रिकॉर्ड ट्रांसफर किया जाता है।

हालांकि नया स्टडी सेंटर मिलने में वहां संबंधित प्रोग्राम उपलब्ध होना और सीट जैसी शर्तें लागू हो सकती हैं। प्रैक्टिकल वाले कुछ प्रोग्राम में एनओसी की जरूरत भी पड़ सकती है।

इसलिए दूसरे शहर या राज्य में जाने वाले विद्यार्थी का एडमिशन सिर्फ इसी कारण बेकार नहीं हो जाता, लेकिन सेंटर बदलने की प्रक्रिया इग्नू के नियमों के अनुसार पूरी करनी होती है।

एडमिशन कैंसिल करने पर फीस वापस मिलेगी?

इग्नू के मौजूदा एडमिशन पोर्टल के अनुसार आवेदन कैंसिल करने का विकल्प विद्यार्थी के लॉगिन में दिया गया है।

अगर एडमिशन अभी कन्फर्म नहीं हुआ है तो नियमों के अनुसार जमा फीस वापस हो सकती है, हालांकि रजिस्ट्रेशन फीस वापस नहीं होती।

एडमिशन कन्फर्म होने के बाद कैंसिलेशन की रिक्वेस्ट आने पर प्रोग्राम फीस का 15 प्रतिशत, अधिकतम ₹2,000 तक काटा जा सकता है। एडमिशन की क्लोजिंग डेट के 60 दिन बाद फीस रिफंड नहीं किया जाता।

इसलिए प्रोग्राम, माध्यम और फीस अच्छी तरह देखकर ही एडमिशन फाइनल करना बेहतर है।

कामकाजी या नियमित कॉलेज नहीं जा पाने वाले विद्यार्थी भी ले सकते हैं एडमिशन

इग्नू की पढ़ाई का मॉडल खास तौर पर ऐसे लोगों के लिए उपयोगी है जो नियमित कॉलेज या विश्वविद्यालय नहीं जा पाते।

इसमें नौकरी करने वाले व्यक्ति, गृहिणियां, दूरदराज क्षेत्रों में रहने वाले विद्यार्थी, दिव्यांगजन और बीच में पढ़ाई छोड़ चुके शिक्षार्थी अपनी पात्रता के अनुसार उपलब्ध प्रोग्राम चुन सकते हैं।

लेकिन हर विद्यार्थी को 15 सितंबर की तारीख देखकर जल्दबाजी में कोई भी कोर्स नहीं चुनना चाहिए। पहले कोर्स की योग्यता, फीस, पढ़ाई का मोड और अवधि चेक करें और उसके बाद ही आवेदन पूरा करें।

फ्रेश एडमिशन के लिए 15 सितंबर तक मौका है और सर्टिफिकेट प्रोग्राम इस बढ़ी हुई तारीख में शामिल नहीं हैं।

लेखक

Sandeep Kumar

संदीप कुमार LocalHaryana.com के संस्थापक और संपादक हैं। वे वर्ष 2020 से डिजिटल पत्रकारिता और ऑनलाइन समाचार प्रकाशन के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं। वे मुख्य रूप से हरियाणा समाचार, सरकारी योजनाएं, नौकरियां, शिक्षा, खेतीबाड़ी और मौसम से जुड़े विषयों पर लेखन और संपादन करते हैं। उनका प्रयास पाठकों तक तथ्य आधारित, स्पष्ट और उपयोगी जानकारी सरल हिंदी में पहुँचाना है। LocalHaryana.com पर प्रकाशित सामग्री उपलब्ध आधिकारिक सूचनाओं और विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर तैयार की जाती है।

और पढ़ें

सभी देखें