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शिक्षा

हरियाणा के 10वीं-12वीं के 5 लाख छात्रों के टैबलेट में फिर चलेगा इंटरनेट, सरकार ने डेटा SIM खरीदने को दी मंजूरी

हरियाणा सरकार ने 10वीं से 12वीं के विद्यार्थियों के टैबलेट के लिए 5 Lakh Data SIM खरीदने की मंजूरी दी है। जानें इंटरनेट कब बंद हुआ था और नई SIM में कितना डेटा मिलेगा।

हरियाणा के 10वीं से 12वीं के छात्रों के टैबलेट के लिए 5 लाख डेटा SIM मंजूर
हरियाणा के 10वीं से 12वीं के छात्रों के टैबलेट के लिए 5 लाख डेटा SIM मंजूर

Local Haryana,  Haryana 5 Lakh Data SIM। हरियाणा में 10वीं से 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों को दिए गए टैबलेट में इंटरनेट सुविधा दोबारा शुरू करने का रास्ता साफ हो गया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई हाई पावर्ड परचेज कमेटी की बैठक में विद्यार्थियों के लिए 5 लाख डेटा SIM खरीदने की मंजूरी दी गई है। इन SIM का इस्तेमाल विद्यार्थियों को डिजिटल पढ़ाई और ऑनलाइन शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराने के लिए किया जाएगा।

यह फैसला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि ई-अधिगम योजना के तहत दिए गए करीब पांच लाख टैबलेट की SIM वैधता खत्म होने के बाद इंटरनेट सुविधा बंद हो गई थी। सरकार ने अब फिर से डेटा SIM खरीदने का निर्णय लिया है। हालांकि नई SIM कब एक्टिव होंगी, किस टेलीकॉम कंपनी से खरीदी जाएंगी और विद्यार्थियों को रोज कितना डेटा मिलेगा, इसकी जानकारी अभी जारी नहीं की गई है।

सरकार की 9 अगस्त की एक आधिकारिक जानकारी में 10वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों को पांच लाख टैबलेट उपलब्ध कराने की बात पहले ही दर्ज है। ऐसे में 7 सितंबर की बैठक का नया फैसला मुख्य रूप से डेटा SIM की खरीद से जुड़ा है।

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2025 में SIM बंद होने के बाद ऑफलाइन हो गए थे टैबलेट

हरियाणा सरकार ने वर्ष 2022 में ई-अधिगम योजना के तहत सरकारी स्कूलों के 10वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए बड़े स्तर पर टैबलेट वितरण शुरू किया था। इनमें पर्सनलाइज्ड एडाप्टिव लर्निंग यानी PAL सॉफ्टवेयर और ऑनलाइन पढ़ाई के लिए इंटरनेट सुविधा दी गई थी।

मई 2025 में इन टैबलेट की SIM की वैधता समाप्त होने के बाद इंटरनेट सेवा बंद हो गई थी। उस समय स्कूल शिक्षा विभाग ने विद्यार्थियों को घर पर निजी इंटरनेट या स्कूल में उपलब्ध ब्रॉडबैंड से टैबलेट इस्तेमाल करने का विकल्प दिया था। विभाग के स्तर पर स्कूलों में ब्रॉडबैंड उपलब्ध कराने का प्रस्ताव भी सामने आया था।

इंटरनेट बंद होने के कारण टैबलेट में पहले से मौजूद सामग्री तो इस्तेमाल की जा सकती थी, लेकिन PAL प्लेटफॉर्म और ऑनलाइन पढ़ाई से जुड़ी सुविधाओं का पूरा लाभ लेने में परेशानी आ रही थी। नई SIM खरीदने का फैसला इसी कनेक्टिविटी को बहाल करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

ई-अधिगम में पहले रोज मिलता था 2GB मुफ्त डेटा

ई-अधिगम योजना शुरू होने के समय सरकार ने टैबलेट के साथ विद्यार्थियों को प्रतिदिन 2GB मुफ्त इंटरनेट डेटा देने की व्यवस्था की थी।

अप्रैल 2022 में हाई पावर्ड परचेज कमेटी ने लगभग पांच लाख डेटा SIM की खरीद के लिए करीब 47 करोड़ रुपये की मंजूरी दी थी। इसके बाद मई में टैबलेट वितरण शुरू हुआ और विद्यार्थियों को PAL सॉफ्टवेयर के साथ रोज 2GB डेटा उपलब्ध कराया गया।

मई 2025 तक SIM के जरिए इंटरनेट उपलब्ध कराने पर सरकार करीब 180 करोड़ रुपये खर्च कर चुकी थी। इसके बाद पुरानी SIM की वैधता समाप्त होने के कारण कनेक्टिविटी रुक गई।

हालांकि अब दोबारा खरीदी जाने वाली SIM में भी रोज 2GB डेटा ही मिलेगा या नया प्लान लागू किया जाएगा, इस पर सरकार ने अभी कोई घोषणा नहीं की है।

नया डेटा पैक और SIM एक्टिव होने की तारीख अभी तय नहीं

हाई पावर्ड परचेज कमेटी ने फिलहाल 5 लाख डेटा SIM खरीदने को मंजूरी दी है। आगे खरीद प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही यह साफ होगा कि विद्यार्थियों के टैबलेट में इंटरनेट सेवा किस तारीख से शुरू होगी।

सरकार की 7 सितंबर की आधिकारिक जानकारी में अभी टेलीकॉम कंपनी, डेटा पैक, SIM की वैधता और एक्टिवेशन की तारीख नहीं बताई गई है। यह भी स्पष्ट नहीं किया गया है कि पुरानी SIM को बदला जाएगा या विद्यार्थियों को नई SIM जारी की जाएगी।

इसलिए विद्यार्थियों और अभिभावकों को इंटरनेट शुरू होने की तारीख के लिए स्कूल शिक्षा विभाग के अगले आदेश का इंतजार करना होगा।

पांच लाख नए टैबलेट खरीदने की अलग मंजूरी नहीं

ताजा घोषणा को पांच लाख नए टैबलेट की नई खरीद समझना भी सही नहीं होगा। मुख्यमंत्री ने 9 अगस्त को प्रदेश की डिजिटल शिक्षा सुविधाओं की जानकारी देते हुए कहा था कि 10वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों को पांच लाख टैबलेट उपलब्ध कराए गए हैं। इसके अलावा करीब 40 हजार कक्षाओं में डिजिटल बोर्ड और 1,201 आईसीटी लैब स्थापित की गई हैं।

7 सितंबर की हाई पावर्ड परचेज कमेटी की बैठक में स्पष्ट रूप से जिस नई खरीद को मंजूरी मिली है, वह 5 लाख डेटा SIM की है। टैबलेट की अलग नई खरीद की लागत या टेंडर का कोई विवरण इस फैसले में नहीं दिया गया है।

इससे ई-अधिगम के मौजूदा डिजिटल ढांचे को फिर इंटरनेट से जोड़ने पर सरकार का फोकस साफ दिखाई देता है।

लेखक

Sandeep Kumar

संदीप कुमार LocalHaryana.com के संस्थापक और संपादक हैं। वे वर्ष 2020 से डिजिटल पत्रकारिता और ऑनलाइन समाचार प्रकाशन के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं। वे मुख्य रूप से हरियाणा समाचार, सरकारी योजनाएं, नौकरियां, शिक्षा, खेतीबाड़ी और मौसम से जुड़े विषयों पर लेखन और संपादन करते हैं। उनका प्रयास पाठकों तक तथ्य आधारित, स्पष्ट और उपयोगी जानकारी सरल हिंदी में पहुँचाना है। LocalHaryana.com पर प्रकाशित सामग्री उपलब्ध आधिकारिक सूचनाओं और विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर तैयार की जाती है।

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