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शिक्षा

9वीं से 12वीं के छात्रों के लिए सिरसा में करियर काउंसलिंग, एक्सपर्ट ने बताया कैसे तय करें आगे का लक्ष्य

सिरसा के राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में 9वीं से 12वीं के विद्यार्थियों की करियर काउंसलिंग हुई। नीट-जेईई की तैयारी और सही स्ट्रीम चुनने पर मार्गदर्शन मिला।

9वीं से 12वीं के छात्रों के लिए सिरसा में करियर काउंसलिंग
9वीं से 12वीं के छात्रों के लिए सिरसा में करियर काउंसलिंग

सिरसा, 8 सितंबर। राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सिरसा में कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए करियर काउंसलिंग कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्राचार्य मदन मलिक की अध्यक्षता में हुए कार्यक्रम में जिला शिक्षा अधिकारी सुभाष कुमार फुटेला मुख्य अतिथि रहे। मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी पूरू रोहिला और जिला विज्ञान विशेषज्ञ डॉ. मुकेश कुमार ने भी विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया।

आकाश इंस्टीट्यूट के असिस्टेंट एकेडमिक डायरेक्टर अमित गोस्वामी ने नीट और आईआईटी-जेईई जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी पर जानकारी दी। विद्यार्थियों को बेसिक कॉन्सेप्ट मजबूत करने, नियमित अभ्यास, सही टाइम मैनेजमेंट और लक्ष्य तय करके पढ़ाई करने की सलाह दी गई। विशेषज्ञों ने अलग-अलग क्षेत्रों में उपलब्ध करियर विकल्पों की जानकारी देते हुए विद्यार्थियों को समय रहते अपने भविष्य की दिशा तय करने के लिए प्रेरित किया।

10वीं के बाद साइंस, कॉमर्स या आर्ट्स में से क्या चुनें?

यह इस विषय पर गूगल में मिलने वाले प्रमुख सर्च इंटेंट में शामिल है। सीबीएसई की करियर गाइड में भी 10वीं के बाद साइंस, कॉमर्स, ह्यूमैनिटीज के साथ स्किल आधारित विकल्पों की जानकारी दी गई है। नई शिक्षा व्यवस्था में विद्यार्थियों के पास पहले के मुकाबले विषयों के ज्यादा कॉम्बिनेशन भी उपलब्ध हैं।

स्ट्रीम चुनते समय केवल बोर्ड के नंबर नहीं, बल्कि छात्र को कौन-से विषय समझने और पढ़ने में रुचि है तथा आगे किस क्षेत्र में जाना है, इसे भी ध्यान में रखना चाहिए। मेडिकल की तरफ जाने वाले विद्यार्थी बायोलॉजी, जबकि इंजीनियरिंग की दिशा में जाने वाले विद्यार्थी आमतौर पर मैथ्स वाले विषय समूह को चुनते हैं।

नीट-जेईई की तैयारी 9वीं या 10वीं से शुरू करनी चाहिए?

9वीं या 10वीं कक्षा से तैयारी का मतलब प्रतियोगी परीक्षा का पूरा सिलेबस पहले ही पढ़ना नहीं है। इस स्तर पर मैथ्स और साइंस के बेसिक कॉन्सेप्ट मजबूत करना आगे की तैयारी में मदद करता है। नीट से जुड़ी करियर गाइड में भी 9वीं से फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी की बुनियादी समझ मजबूत करने को उपयोगी बताया गया है।

11वीं और 12वीं में पहुंचने के बाद विद्यार्थी अपने लक्ष्य के अनुसार नीट या जेईई के सिलेबस, नियमित सवालों के अभ्यास और मॉक टेस्ट पर ज्यादा फोकस कर सकते हैं। नीट और जेईई मेन की आधिकारिक जानकारी राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी की वेबसाइट पर जारी की जाती है।

हरियाणा के सरकारी स्कूल छात्रों को नीट-जेईई की फ्री कोचिंग कैसे मिलती है?

हरियाणा में सरकारी स्कूलों के मेधावी विद्यार्थियों के लिए सुपर-100 कार्यक्रम चलाया जा रहा है। अगस्त 2026 में शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान सरकार ने इसकी सीटें 400 से बढ़ाकर 500 करने की जानकारी दी थी। योजना के तहत चयनित विद्यार्थियों को नीट और आईआईटी-जेईई जैसी परीक्षाओं की निशुल्क तैयारी कराई जाती है।

सिरसा के विद्यार्थियों के लिए इसका स्थानीय उदाहरण भी है। मई 2026 में जारी सुपर-100 लेवल-2 के नतीजों में जिले के 30 विद्यार्थियों का चयन हुआ था। उन्हें दो साल की निशुल्क आवासीय कोचिंग के लिए चुना गया था।

लेखक

Sandeep Kumar

संदीप कुमार LocalHaryana.com के संस्थापक और संपादक हैं। वे वर्ष 2020 से डिजिटल पत्रकारिता और ऑनलाइन समाचार प्रकाशन के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं। वे मुख्य रूप से हरियाणा समाचार, सरकारी योजनाएं, नौकरियां, शिक्षा, खेतीबाड़ी और मौसम से जुड़े विषयों पर लेखन और संपादन करते हैं। उनका प्रयास पाठकों तक तथ्य आधारित, स्पष्ट और उपयोगी जानकारी सरल हिंदी में पहुँचाना है। LocalHaryana.com पर प्रकाशित सामग्री उपलब्ध आधिकारिक सूचनाओं और विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर तैयार की जाती है।

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