सिरसा में 9 सितंबर को कान्हा जी की छठी का भव्य उत्सव, शाम 4:15 बजे सजेगा विशेष दरबार
सिरसा के रानियां रोड स्थित श्री खाटू श्याम धाम में 9 सितंबर को शाम 4:15 बजे कान्हा जी की छठी मनाई जाएगी। विशेष दरबार, श्रृंगार और पूजा होगी।

सिरसा, 8 सितंबर। रानियां रोड स्थित श्री खाटू श्याम धाम में बुधवार, 9 सितंबर को भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप कान्हा जी की छठी का उत्सव मनाया जाएगा। श्री श्याम परिवार ट्रस्ट की ओर से कार्यक्रम शाम 4:15 बजे शुरू होगा। मंदिर परिसर में कान्हा जी का विशेष दरबार सजाया जाएगा और पूजा-अर्चना की जाएगी।
मंदिर कमेटी के सदस्य दीपेश गोयल के अनुसार कान्हा जी का विशेष श्रृंगार किया जाएगा। इसके लिए मंदिर को रंग-बिरंगे फूलों और दूसरी सजावट से तैयार किया जा रहा है। आयोजन को लेकर मंदिर परिसर में तैयारियां चल रही हैं। ट्रस्ट ने सिरसा के श्रद्धालुओं से परिवार सहित कार्यक्रम में पहुंचकर कान्हा जी के दर्शन करने की अपील की है।
कान्हा जी की छठी 9 सितंबर को है या 10 सितंबर को?
यह सवाल इस समय गूगल पर छठी से जुड़े प्रमुख सर्च इंटेंट में शामिल है। मौजूदा रिपोर्टों में अलग-अलग परंपराओं के कारण 9 और 10 सितंबर दोनों तारीखों का जिक्र मिलता है, हालांकि कई प्रमुख रिपोर्टों में 9 सितंबर 2026, बुधवार को कान्हा जी की छठी मनाए जाने की बात कही गई है।
सिरसा के श्रद्धालुओं के लिए स्थिति साफ है। श्री खाटू श्याम धाम में छठी उत्सव 9 सितंबर को ही रखा गया है और कार्यक्रम शाम 4:15 बजे शुरू होगा।
कान्हा जी की छठी क्यों मनाई जाती है?
धार्मिक परंपरा में जिस तरह बच्चे के जन्म के बाद छठे दिन छठी मनाई जाती है, उसी भाव से भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप की छठी मनाने की परंपरा है। इस दिन कान्हा जी को स्नान कराने, नए वस्त्र पहनाने, विशेष श्रृंगार और पूजा करने की परंपरा अलग-अलग स्थानों पर देखने को मिलती है।
सिरसा के श्री खाटू श्याम धाम में भी इसी अवसर पर कान्हा जी का विशेष श्रृंगार और दरबार सजाया जाएगा।
कान्हा जी की छठी पर क्या भोग लगाया जाता है?
छठी पर कान्हा जी को क्या भोग लगाया जाए, यह भी मौजूदा सर्च में प्रमुख सवाल है। धार्मिक परंपराओं से जुड़ी रिपोर्टों के अनुसार कढ़ी-चावल और माखन-मिश्री का भोग प्रमुख रूप से लगाया जाता है। अलग-अलग परिवारों और क्षेत्रों में भोग की परंपरा अलग हो सकती है।
हालांकि, सिरसा के श्री खाटू श्याम धाम में 9 सितंबर के आयोजन में कौन-सा भोग या प्रसाद रहेगा, इसकी जानकारी मंदिर कमेटी की ओर से अभी नहीं दी गई है। इसलिए इसे स्थानीय कार्यक्रम की जानकारी के रूप में जोड़ना सही नहीं होगा।








