हरियाणा में 283 करोड़ के 9 प्रोजेक्ट मंजूर, गुरुग्राम-सोनीपत-पानीपत से हिसार तक होंगे ये बड़े काम
हरियाणा सरकार ने 283.20 करोड़ रुपये के 9 विकास प्रोजेक्ट मंजूर किए हैं। गुरुग्राम, सोनीपत, पानीपत, फरीदाबाद और हिसार में पानी, सीवर, सड़क व बिजली के बड़े काम होंगे।

Local Haryana, Haryana Development Projects 2026। हरियाणा में पानी, सीवरेज, सड़क और बिजली से जुड़े नौ बड़े विकास कार्यों को मंजूरी मिल गई है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में सोमवार को हरियाणा निवास में हुई हाई पॉवर्ड वर्क्स परचेज कमेटी (HPWPC) की बैठक में इन परियोजनाओं पर 283.20 करोड़ रुपये खर्च करने का फैसला लिया गया।
बैठक में कुल 473.17 करोड़ रुपये के 12 एजेंडे रखे गए थे। इनमें तीन को दोबारा टेंडर के लिए भेज दिया गया, जबकि बाकी नौ प्रस्तावों की लागत पहले 297.46 करोड़ रुपये थी। कंपनियों के साथ नेगोसिएशन के बाद यह रकम घटकर 283.20 करोड़ रुपये रह गई, जिससे सरकार के मुताबिक 14.26 करोड़ रुपये की बचत हुई।
मंजूर कार्यों का असर गुरुग्राम, सोनीपत, पानीपत, फरीदाबाद और हिसार के साथ कुंडली-मानेसर कॉरिडोर पर दिखाई देगा। गुरुग्राम में मास्टर सीवर नेटवर्क, सोनीपत में यमुना से जलापूर्ति, पानीपत के गांवों और समालखा में पानी-सीवर व्यवस्था, फरीदाबाद सेक्टर-89 में सड़क और बुनियादी सुविधाएं तथा हिसार के इंटीग्रेटेड एविएशन हब के लिए बिजली लाइन शिफ्ट करने का काम आगे बढ़ेगा। KMP के कुंडली-मानेसर हिस्से पर सड़क सुरक्षा से जुड़े काम भी मंजूर किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को तय समय में गुणवत्ता के साथ काम पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
न्यू गुरुग्राम में 7.9 किमी मास्टर सीवर लाइन, दो साल में पूरा होगा काम
गुरुग्राम के सेक्टर-77 से 80 के बीच बनने वाली मास्टर सीवर लाइन पर 19.30 करोड़ रुपये खर्च होंगे। GMDA करीब 7.90 किलोमीटर लंबी लाइन बिछाएगा, जिसमें 600 से 1200 एमएम व्यास तक की पाइपलाइन और मैनहोल बनाए जाएंगे। इस काम को पूरा करने के लिए दो साल की अवधि तय की गई है और इसके बाद ठेकेदार पर तीन साल की डिफेक्ट लायबिलिटी भी रहेगी।
न्यू गुरुग्राम में सीवर नेटवर्क का विस्तार इससे आगे भी चल रहा है। सेक्टर-68 से 76 के बीच नेटवर्क को जून 2027 और सेक्टर-104 से 115 तक के काम को मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है। बढ़ती आबादी को देखते हुए नौरंगपुर में 40 MLD और सेक्टर-107 में 100 MLD क्षमता के नए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट विकसित करने की योजना भी है।
सोनीपत में यमुना किनारे बनेंगे रैनी वेल, गन्नौर तक पहुंचेगा पानी
सोनीपत महानगर विकास प्राधिकरण के तहत मछरोला और जज्जल में यमुना नदी के किनारे रैनी वेल और MBS के निर्माण को आगे बढ़ाया जाएगा। इससे सोनीपत क्षेत्र के लिए भूजल आधारित अतिरिक्त जल स्रोत तैयार करने में मदद मिलेगी।
गन्नौर क्षेत्र में बेगा से शाहपुर तगा गांव तक राइजिंग मेन लाइन बिछाई जाएगी। इसके साथ 10 MLD क्षमता का रैनी वेल भी बनाया जाना है। इस पूरे नेटवर्क का उद्देश्य बढ़ती आबादी वाले इलाकों में पेयजल सप्लाई को मजबूत करना है।
पानीपत के नौ गांवों में घरों तक पानी-सीवर कनेक्शन पर काम
पानीपत जिले के नौ गांवों में केवल पाइपलाइन बिछाने तक काम सीमित नहीं रहेगा। यहां IPS, STP, सीवर लाइन, मैनहोल, घरेलू नल कनेक्शन और सीवर कनेक्शन से जुड़े काम भी किए जाने हैं। इसके अलावा समालखा में दो सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित करने की मंजूरी मिली है।
पानीपत के ग्रामीण क्षेत्रों में पानी का ढांचा सुधारने के लिए सरकार हाल में भी बड़े प्रोजेक्ट मंजूर कर चुकी है। अगस्त में महाग्राम योजना के तहत भैंसवाल, कुटानी, राजाखेड़ी, निंबरी, उग्राखेड़ी, रिसालु, नांगलखेड़ी, काबड़ी और गढ़ी सिकंदरपुर के लिए 75.50 करोड़ रुपये की पेयजल योजनाएं मंजूर की गई थीं।
फरीदाबाद सेक्टर-89 में सड़क के साथ पानी और सीवर नेटवर्क
ग्रेटर फरीदाबाद के सेक्टर-89 में मार्जिनल लैंड को विकसित करने की योजना में सड़क के साथ जलापूर्ति, सीवरेज और बारिश के पानी के प्रबंधन को एक साथ शामिल किया गया है।
इस क्षेत्र के पहले तैयार किए गए विकास खाके में करीब 99 हजार क्यूबिक मीटर मिट्टी डालकर जमीन समतल करने, 2.6 किलोमीटर से अधिक सीवर लाइन और करीब 1.6 किलोमीटर पेयजल पाइपलाइन बिछाने की योजना सामने आई थी। सेक्टर-89 और आसपास के हिस्सों में मानसून के दौरान जलभराव की समस्या को देखते हुए drainage व्यवस्था को भी परियोजना का अहम हिस्सा बनाया गया है।
हिसार Aviation Hub के रास्ते से हटेंगी 132 KV बिजली लाइनें
हिसार के इंटीग्रेटेड एविएशन हब के विकास में बाधा बन रही 132 KV डबल सर्किट ट्रांसमिशन लाइनों को भूमिगत केबल के जरिए शिफ्ट किया जाएगा।
HVPNL इस काम के लिए पहले ही शिफ्टिंग और री-अलाइनमेंट की टेंडर प्रक्रिया शुरू कर चुका था। परियोजना में एविएशन हब क्षेत्र से गुजरने वाली अलग-अलग 132 KV ट्रांसमिशन लाइनों का रास्ता बदला जाना है, ताकि एयरपोर्ट और उससे जुड़े दूसरे इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास में बाधा न आए।
KMP पर साइन बोर्ड और रोड मार्किंग के साथ अलग से सड़क मरम्मत की तैयारी
कुंडली-मानेसर सेक्शन पर रोड मार्किंग, साइन बोर्ड और कैट आईज के सालाना रखरखाव को मंजूरी दी गई है। इसका सीधा संबंध रात के समय visibility और सड़क सुरक्षा से है।
इसके अलावा KMP एक्सप्रेसवे के मानेसर से कुंडली तक करीब 83 किलोमीटर हिस्से की सड़क मरम्मत पर लगभग 60 करोड़ रुपये खर्च करने की अलग योजना भी चल रही है। इस काम के तहत सड़क के दोनों तरफ नई कारपेटिंग की जानी है और सितंबर में काम शुरू होने की तैयारी बताई गई थी। यानी सोमवार को मंजूर road-safety maintenance और 83 किलोमीटर की बड़ी सड़क मरम्मत दो अलग काम हैं।








