हरियाणा से दिल्ली का सफर हुआ आसान, UER-2 से जुड़ा नया ग्रीनफील्ड हाईवे
हरियाणा से दिल्ली का सफर आसान हो गया है। सोनीपत के बड़वासनी में NH-352A ग्रीनफील्ड हाईवे को UER-2 से जोड़ने वाला फ्लाईओवर यातायात के लिए खोल दिया गया है।

सोनीपत, 6 सितंबर। हरियाणा से दिल्ली आने-जाने वाले वाहन चालकों के लिए एक और महत्वपूर्ण सड़क कनेक्टिविटी शुरू हो गई है। सोनीपत के गांव बड़वासनी के पास ग्रीनफील्ड नेशनल हाईवे-352A और अर्बन एक्सटेंशन रोड-2 (UER-2) को जोड़ने वाला फ्लाईओवर यातायात के लिए खोल दिया गया है। इससे जींद और गोहाना की तरफ से आने वाले वाहन अब बड़वासनी के पास सीधे दिल्ली की ओर जाने वाले UER-2 लिंक पर पहुंच सकेंगे।
इस कनेक्टिविटी का सबसे ज्यादा फायदा जींद, गोहाना और सोनीपत की ओर से दिल्ली जाने वाले वाहन चालकों को होगा। पहले बड़वासनी के पास वाहनों को नीचे बने रास्तों और स्थानीय ट्रैफिक के बीच से निकलना पड़ता था। अब फ्लाईओवर खुलने से NH-352A और दिल्ली की ओर जाने वाले कॉरिडोर के बीच आवाजाही ज्यादा सीधी हो गई है। UER-2 का सोनीपत स्पर शुरू से ही बड़वासनी बाईपास पर NH-352A को जोड़ने के लिए डिजाइन किया गया था।
जींद और गोहाना से दिल्ली जाने वालों को कैसे मिलेगा फायदा
ग्रीनफील्ड NH-352A जींद से गोहाना होते हुए सोनीपत की तरफ आता है। बड़वासनी के पास इसका संपर्क UER-2 के सोनीपत स्पर से होने के बाद जींद और गोहाना की तरफ से आने वाले वाहन दिल्ली की ओर ज्यादा सीधे बढ़ सकेंगे।
UER-2 के तहत बड़वासनी से दिल्ली के बवाना औद्योगिक क्षेत्र तक करीब 29.6 किलोमीटर लंबा स्पर बनाया गया है। केंद्र सरकार के प्रोजेक्ट रिकॉर्ड के अनुसार यह लिंक UER-2 से शुरू होकर बड़वासनी में NH-352A तक पहुंचता है। इसका मकसद सोनीपत की तरफ से दिल्ली की कनेक्टिविटी बेहतर करना और NH-44 पर ट्रैफिक दबाव कम करना भी है।
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पहले बड़वासनी के पास क्यों लग रहा था जाम
बड़वासनी NH-352A और दिल्ली की तरफ जाने वाले लिंक के लिए महत्वपूर्ण जंक्शन बन गया है। हाईवे के अलग-अलग हिस्से पहले चालू होने के बावजूद यहां अंतिम एलिवेटेड कनेक्टिविटी का काम जारी था।
जून 2026 में बड़वासनी के पास 600 मीटर लंबे एलिवेटेड हाईवे का एक हिस्सा यातायात के लिए खोल दिया गया था। इससे पहले कामी चौक से बड़वासनी तक का करीब छह किलोमीटर लंबा फ्लाईओवर भी खोल दिया गया था। अब नई कनेक्टिविटी से इस हिस्से पर वाहनों को नीचे के मार्ग से घूमकर निकलने की जरूरत कम होगी।
सोनीपत से जींद का सफर भी हुआ तेज
NH-352A का निर्माण जींद, गोहाना और सोनीपत के बीच तेज सड़क संपर्क के लिए किया गया है। यह हाईवे मुरथल के पास NH-44 की तरफ से शुरू होकर सोनीपत और गोहाना होते हुए जींद तक जाता है।
परियोजना पर काम के दौरान NHAI अधिकारियों ने अनुमान जताया था कि पूरा मार्ग चालू होने पर सोनीपत से जींद का सफर करीब सवा घंटे में पूरा किया जा सकेगा। पहले इस यात्रा में करीब दो घंटे या इससे अधिक समय लग सकता था।
UER-2 से आगे कहां तक जा सकेंगे वाहन
UER-2 दिल्ली का नया बाहरी सड़क कॉरिडोर है। इसका मुख्य मार्ग अलीपुर क्षेत्र से दिल्ली के पश्चिमी हिस्सों की तरफ जाता है और आगे द्वारका एक्सप्रेसवे तथा दिल्ली-गुरुग्राम कॉरिडोर से कनेक्टिविटी देता है।
प्रधानमंत्री ने अगस्त 2025 में UER-2 के अलीपुर से दिचाऊं कलां हिस्से और सोनीपत तथा बहादुरगढ़ की तरफ जाने वाले लिंक राष्ट्र को समर्पित किए थे। केंद्र सरकार के अनुसार इन लिंक से सोनीपत की सीधी कनेक्टिविटी बेहतर होने के साथ दिल्ली के अंदरूनी और बाहरी रिंग रोड पर ट्रैफिक कम करने में मदद मिलेगी।
चंडीगढ़ की तरफ से आने वाले वाहनों को भी मिलेगा विकल्प
NH-44 से आने वाले पंजाब, चंडीगढ़ और उत्तरी हरियाणा के वाहन भी सोनीपत क्षेत्र की नई सड़क कनेक्टिविटी का इस्तेमाल कर दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों की ओर जा सकते हैं।
वहीं जींद और गोहाना की दिशा से आने वालों के लिए NH-352A से बड़वासनी और आगे UER-2 का रास्ता ज्यादा अहम है। UER-2 के सोनीपत स्पर को बनाते समय भी केंद्र ने कहा था कि यह दिल्ली, KMP और आसपास के प्रमुख एक्सप्रेसवे नेटवर्क के बीच कनेक्टिविटी मजबूत करेगा।
बड़वासनी क्यों बन गया अहम हाईवे जंक्शन
बड़वासनी अब केवल सोनीपत का स्थानीय मार्ग नहीं रह गया है। यहां NH-352A और दिल्ली की ओर जाने वाले UER-2 लिंक का जुड़ाव होने से यह जींद–गोहाना–सोनीपत कॉरिडोर के लिए दिल्ली का एक महत्वपूर्ण प्रवेश मार्ग बन गया है।
यही इस नए फ्लाईओवर का सबसे बड़ा फायदा है—अलग-अलग हाईवे पहले से मौजूद थे, लेकिन अब उनके बीच सीधी आवाजाही की बाधा कम होने से वाहन चालकों को लंबा चक्कर और स्थानीय ट्रैफिक से बचने का विकल्प मिलेगा।








