हरियाणा में सफाईकर्मियों के लिए बड़ा फैसला, 60 साल तक नौकरी सुरक्षित; 25,560 रुपये वेतन और हर 6 महीने बढ़ेगा DA
हरियाणा में 13,093 पालिका रोल सफाई कर्मचारियों को 60 साल तक सर्विस सिक्योरिटी देने की तैयारी है। 10 साल से अधिक सेवा वालों को ₹25,560 मासिक देय राशि और ₹2,000 जोखिम भत्ता मिलेगा।

चंडीगढ़, 6 सितंबर। हरियाणा में नगर पालिका रोल पर कार्यरत सफाई कर्मचारियों को लेकर सरकार ने एक बार फिर अपनी स्थिति साफ की है। प्रदेश के शहरी स्थानीय निकायों में इस समय 13,093 सफाई कर्मचारी पालिका रोल पर कार्यरत हैं। सरकार इन्हें हरियाणा कॉन्ट्रैक्चुअल एम्प्लॉयज (सिक्योरिटी ऑफ सर्विस) एक्ट-2024 के दायरे में लाने के लिए सैद्धांतिक रूप से तैयार है। इससे पात्र कर्मचारियों को 60 साल की उम्र तक सेवा सुरक्षा के साथ कई दूसरे लाभ मिलेंगे।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के मुताबिक अभी इन कर्मचारियों को ₹20,590 प्रति माह मिल रहे हैं, जिसमें ₹19,000 वेतन और ₹1,590 भत्ते शामिल हैं। पालिका रोल पर 10 साल से अधिक समय से काम कर रहे पात्र सफाई कर्मचारियों की मासिक देय राशि ₹25,560 होगी। इसके साथ ₹2,000 प्रति माह जोखिम भत्ता, महंगाई भत्ता, ग्रेच्युटी और अन्य सुविधाएं भी मिलेंगी। सरकार का कहना है कि पात्रता के अनुसार एक्ट में मिलने वाली राशि से 15 प्रतिशत अतिरिक्त राशि देने पर भी सहमति है।
10 साल से ज्यादा नौकरी वालों को कैसे मिलेंगे ₹25,560
सरकार की ओर से सामने आए वेतन ब्रेकअप के अनुसार 10 साल से अधिक समय से पालिका रोल पर काम कर रहे पात्र सफाई कर्मचारियों की कुल मासिक देय राशि ₹25,560 होगी।
इसमें ₹21,970 वेतन, ₹2,000 जोखिम भत्ता और ₹1,590 अन्य भत्ते शामिल होंगे। अभी मिलने वाले ₹20,590 की तुलना में यह राशि ₹4,970 अधिक है।
यहां यह ध्यान रखना जरूरी है कि ₹25,560 की राशि सभी 13,093 कर्मचारियों के लिए एक समान बताई नहीं गई है। सरकार ने खास तौर पर 10 साल से अधिक सेवा वाले पात्र कर्मचारियों के लिए यह आंकड़ा दिया है।
60 साल तक कैसे सुरक्षित रहेगी नौकरी
सरकार पालिका रोल वाले पात्र कर्मचारियों को हरियाणा कॉन्ट्रैक्चुअल एम्प्लॉयज (सिक्योरिटी ऑफ सर्विस) एक्ट, 2024 के दायरे में लाना चाहती है। इस कानून में पात्र संविदा कर्मचारी को सेवानिवृत्ति की आयु तक काम जारी रखने का प्रावधान है।
सरकार ने सफाई कर्मचारियों के मामले में इसे 60 वर्ष की आयु तक सेवा सुरक्षा के रूप में रखा है। इसका मतलब कर्मचारियों को सीधे नियमित करने की घोषणा नहीं है, बल्कि उन्हें एक्ट के तहत सर्विस सिक्योरिटी देने का प्रस्ताव है।
₹2 हजार अलग से मिलेगा जोखिम भत्ता
सफाई कर्मचारियों के काम की प्रकृति को देखते हुए सरकार ने ₹2,000 प्रति माह जोखिम भत्ता देने का निर्णय भी रखा है।
यह राशि कर्मचारियों को अभी मिल रहे ₹19,000 वेतन और ₹1,590 भत्ते के अतिरिक्त जोड़ी गई है। 10 साल से अधिक सेवा वाले पात्र कर्मचारियों के ₹25,560 के नए ब्रेकअप में भी यह ₹2,000 जोखिम भत्ता शामिल है।
हर साल वेतन बढ़ोतरी, DA का भी मिलेगा फायदा
सरकार की ओर से कहा गया है कि कर्मचारियों को हर साल वेतन वृद्धि का फायदा मिलेगा और महंगाई भत्ते में होने वाली बढ़ोतरी भी दी जाएगी।
हरियाणा कॉन्ट्रैक्चुअल एम्प्लॉयज सिक्योरिटी ऑफ सर्विस रूल्स-2025 में पात्र सिक्योर्ड कर्मचारियों के लिए साल में एक बार इंक्रीमेंट का प्रावधान है। इसके साथ उन्हें राज्य सरकार द्वारा नियमित कर्मचारियों के लिए समय-समय पर तय की जाने वाली DA बढ़ोतरी का लाभ भी दिया जाना है।
सरकार ने सफाई कर्मचारियों के मामले में महंगाई भत्ते को हर छह महीने बाद बढ़ाने पर भी सहमति जताई है।
ग्रेच्युटी से मातृत्व अवकाश तक मिलेंगे ये लाभ
एक्ट के दायरे में आने के बाद पात्र सफाई कर्मचारियों को केवल नौकरी और वेतन का फायदा ही नहीं मिलेगा। सरकार ने कई सामाजिक सुरक्षा लाभ भी गिनाए हैं।
इनमें महंगाई भत्ता, डेथ-कम-ग्रेच्युटी, मातृत्व अवकाश और हरियाणा कौशल रोजगार निगम के तहत मिलने वाली एक्स-ग्रेशिया वित्तीय सहायता तथा संबंधित नियुक्ति लाभ शामिल हैं। सरकार का कहना है कि कर्मचारियों को नियमित कर्मचारियों के समान कई सुविधाओं के दायरे में लाने की कोशिश है।
क्या सफाई कर्मचारी अब नियमित हो जाएंगे
सरकार की मौजूदा घोषणा रेगुलराइजेशन नहीं बल्कि सर्विस सिक्योरिटी से जुड़ी है। यही सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच विवाद का अहम बिंदु भी बना हुआ है।
सफाई कर्मचारी संगठन संविदा कर्मचारियों को नियमित करने की मांग कर रहे हैं। 6 सितंबर को कर्मचारियों ने अपनी राज्यव्यापी हड़ताल तीन दिन और बढ़ाकर 9 सितंबर तक जारी रखने का फैसला किया। नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रदेश अध्यक्ष नरेश शास्त्री ने कहा कि सरकार की जॉब सिक्योरिटी वाली पेशकश के बावजूद उनकी मुख्य मांग रेगुलराइजेशन की है।
इससे पहले मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विधानसभा में कहा था कि सफाई कर्मचारियों से जुड़ी 13 मांगों में से 12 मांगों पर सरकार सहमत है, जबकि नियमितीकरण से जुड़े मामले में कानूनी पहलुओं को देखा जा रहा है।








