रोहतक के जसिया में बनेगा फायर स्टेशन और 33 केवी सब स्टेशन, पंचायत देगी 3 एकड़ 7 कनाल जमीन, इन गांवों को भी मिलेगा फायदा
रोहतक के जसिया में फायर स्टेशन और 33 केवी सब स्टेशन बनाने की तैयारी है। पंचायत 3 एकड़ 7 कनाल 16 मरले जमीन देगी। जानें किन गांवों को फायदा और प्रोजेक्ट की मौजूदा स्थिति।

लोकल हरियाणा, रोहतक। रोहतक जिले के जसिया गांव में फायर स्टेशन और नया 33 केवी बिजली सब स्टेशन बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। दोनों परियोजनाओं के लिए ग्राम पंचायत ने कुल 3 एकड़ 7 कनाल 16 मरले शामलात जमीन संबंधित विभागों को कलेक्टर रेट पर देने का प्रस्ताव किया है। फायर स्टेशन बनने से जसिया के साथ धामड़, ब्राह्मणवास, बसंतपुर, रिठाल, काहनी और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में आग लगने की स्थिति में दमकल की पहुंच बेहतर होने की उम्मीद है। वहीं नया 33 केवी सब स्टेशन स्थानीय बिजली वितरण व्यवस्था को मजबूत करने में मदद कर सकता है।
हालांकि दोनों परियोजनाओं का निर्माण अभी शुरू नहीं हुआ है। ग्राम पंचायत से जमीन देने का प्रस्ताव और विभागीय सहमति के बाद भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई है। मामला अब विकास एवं पंचायत विभाग के स्तर पर आगामी कार्रवाई के लिए भेजा गया है।
फायर स्टेशन के लिए पंचायत देगी 1 एकड़ 4 कनाल 6 मरले जमीन
जसिया ग्राम पंचायत ने प्रस्ताव संख्या 12 के जरिए फायर स्टेशन के लिए 1 एकड़ 4 कनाल 6 मरले शामलात जमीन अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा विभाग को देने की सहमति दी है।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार जमीन खेवट नंबर 1310 और रकबा नंबर 82 के अंतर्गत आती है। वर्ष 2025 का संबंधित कलेक्टर रेट करीब 48 लाख 40 हजार रुपये बताया गया है।
महानिदेशक, अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा विभाग की ओर से 8 जुलाई 2026 को जमीन कलेक्टर रेट पर लेने की सहमति भी दी जा चुकी है। इसके बाद खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी ने भूमि हस्तांतरण का केस तैयार कर डीसी कार्यालय भेजा और वहां से मामला आगे विकास एवं पंचायत विभाग के महानिदेशक को भेजा गया है।
जसिया में फायर स्टेशन बनने से किन गांवों को फायदा हो सकता है?
जसिया रोहतक जिले के मध्य हिस्से में स्थित है। इसके आसपास धामड़, ब्राह्मणवास, बसंतपुर, रिठाल, काहनी, घिलौड़ कलां और घिलौड़ खुर्द जैसे गांव हैं। मौजूदा 132 केवी जसिया पावर हाउस से जुड़े बिजली फीडरों में भी इन गांवों के नाम आते हैं, जिससे इस इलाके की भौगोलिक कनेक्टिविटी का अंदाजा मिलता है।
फायर स्टेशन बनने के बाद इन आसपास के ग्रामीण इलाकों में खेत या मकान में आग लगने पर दमकल वाहन को रोहतक शहर या किसी दूर के स्टेशन से आने की जरूरत कम हो सकती है।
हालांकि अग्निशमन विभाग ने अभी ऐसी कोई आधिकारिक गांव-वार सूची जारी नहीं की है कि जसिया फायर स्टेशन का तय सेवा क्षेत्र किन गांवों तक होगा।
धामड़ में 320 एकड़ और जसिया में 8 एकड़ गेहूं जलने की हो चुकी घटना
इस क्षेत्र में फायर स्टेशन की जरूरत का एक बड़ा कारण पहले हुई आगजनी की घटनाएं भी हैं।
अप्रैल 2022 में धामड़ गांव में आग लगने से करीब 320 एकड़ गेहूं की फसल जलने की खबर सामने आई थी। उसी दौरान जिले के कई गांवों में एक साथ आग लगने के कारण दमकल विभाग को गाड़ियों की कमी से परेशानी हुई थी।
इसी महीने जसिया के खेतों में भी आग लगने से करीब 8 एकड़ गेहूं की फसल जल गई थी। ग्रामीणों और दमकल कर्मचारियों ने मिलकर आग पर काबू पाया था।
यानी प्रस्तावित फायर स्टेशन केवल भविष्य की सुविधा नहीं है, बल्कि ऐसे इलाके में प्रस्तावित किया गया है जहां पहले बड़े फसल नुकसान की घटनाएं हो चुकी हैं।
2026 में रोहतक में 429 फार्म फायर की घटनाएं दर्ज
ताजा आंकड़े भी रोहतक में आगजनी की चुनौती को दिखाते हैं।
19 मई 2026 तक हरियाणा में गेहूं कटाई सीजन के दौरान रोहतक में 429 फार्म फायर मामले दर्ज हुए थे। राज्य में जींद के 492 मामलों के बाद रोहतक दूसरे नंबर पर था।
इस आंकड़े में पराली या फसल अवशेष से जुड़ी घटनाएं भी शामिल हो सकती हैं, इसलिए इसे सभी मामलों में खड़ी फसल जलने का आंकड़ा नहीं माना जाना चाहिए। लेकिन यह जिले में आग संबंधी घटनाओं की आवृत्ति का महत्वपूर्ण संकेत देता है।
33 केवी सब स्टेशन के लिए मिलेगी 2 एकड़ 3 कनाल 10 मरले जमीन
जसिया ग्राम पंचायत ने प्रस्ताव संख्या 13 के जरिए 2 एकड़ 3 कनाल 10 मरले शामलात जमीन उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम को देने की इच्छा जताई है।
यह जमीन खेवट नंबर 1310 के रकबा नंबर 81 और 82 में बताई गई है।
खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी ने 21 अगस्त को भूमि हस्तांतरण का केस डीसी कार्यालय भेजा था। अब इसे भी आगामी कार्रवाई के लिए विकास एवं पंचायत विभाग के महानिदेशक के पास भेजा गया है।
जसिया में पहले से 132 केवी पावर हाउस, नया 33 केवी स्टेशन होगा अलग
यहां एक जरूरी बात समझना जरूरी है।
जसिया में पहले से 132 केवी सब स्टेशन मौजूद है। फरवरी 2026 में इसी स्टेशन पर मरम्मत के कारण घिलौड़ कलां, घिलौड़ खुर्द, जसिया, ब्राह्मणवास, बसंतपुर, धामड़, रिठाल और काहनी में घरेलू, कृषि और वाटर सप्लाई से जुड़े फीडर बंद रहने की सूचना जारी हुई थी।
इसलिए नया प्रस्ताव जसिया में पहली बार बिजली सब स्टेशन बनाने का नहीं है।
प्रस्तावित 33 केवी सब स्टेशन अतिरिक्त स्थानीय वितरण ढांचे का हिस्सा होगा। हरियाणा में दूसरे स्थानों पर बनाए जा रहे नए 33 केवी सब स्टेशनों का उद्देश्य आम तौर पर मौजूदा स्टेशनों का लोड कम करना और आसपास के क्षेत्रों में बिजली सप्लाई को ज्यादा स्थिर बनाना रहा है। उदाहरण के लिए ढुराना में अगस्त 2026 में मंजूर 33 केवी सब स्टेशन से चार गांवों के करीब 12 हजार उपभोक्ताओं को लाभ मिलने की योजना है।
लेकिन जसिया वाले नए सब स्टेशन के लिए बिजली निगम ने अभी यह सार्वजनिक नहीं किया है कि उससे कौन से फीडर जोड़े जाएंगे या कितने उपभोक्ताओं को सीधा लाभ मिलेगा।
33 केवी सब स्टेशन से आसपास के गांवों को क्या फायदा होगा?
33 केवी सब स्टेशन का मुख्य काम उच्च वोल्टेज पर आने वाली बिजली को स्थानीय वितरण के लिए आगे भेजना होता है।
नया सब स्टेशन शुरू होने के बाद इलाके में बिजली का लोड बेहतर तरीके से बांटा जा सकता है। इससे मौजूदा नेटवर्क पर दबाव कम करने, वोल्टेज की समस्या और लंबे कटों को कम करने तथा खराबी की स्थिति में बिजली सप्लाई बहाल करने में मदद मिल सकती है।
हालांकि जसिया परियोजना के लिए अभी कोई आधिकारिक रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं हुई है जिसमें गांव-वार फीडर, मौजूदा लोड, प्रस्तावित क्षमता या लाभार्थी उपभोक्ताओं की संख्या बताई गई हो।
इसलिए जसिया, धामड़, ब्राह्मणवास, बसंतपुर, रिठाल, काहनी और घिलौड़ क्षेत्र को संभावित स्थानीय फायदा तो माना जा सकता है, लेकिन इन सभी गांवों को नए 33 केवी स्टेशन से सीधे सप्लाई मिलेगी, यह अभी कहना जल्दबाजी होगी।
दोनों परियोजनाओं के लिए कुल कितनी जमीन दी जाएगी?
दोनों प्रस्तावों को मिलाकर जसिया पंचायत कुल 3 एकड़ 7 कनाल 16 मरले शामलात जमीन उपलब्ध कराने की तैयारी में है।
| परियोजना | प्रस्तावित जमीन |
|---|---|
| फायर स्टेशन | 1 एकड़ 4 कनाल 6 मरले |
| 33 केवी सब स्टेशन | 2 एकड़ 3 कनाल 10 मरले |
| कुल | 3 एकड़ 7 कनाल 16 मरले |
दोनों मामलों में जमीन संबंधित विभागों को कलेक्टर रेट पर देने का प्रस्ताव है।
अभी फायर स्टेशन और 33 केवी सब स्टेशन का काम किस स्टेज पर है?
अभी इन दोनों परियोजनाओं को निर्माण शुरू हो चुका प्रोजेक्ट नहीं समझना चाहिए।
फिलहाल पंचायत प्रस्ताव, विभागीय सहमति और जमीन हस्तांतरण की प्रक्रिया आगे बढ़ी है। केस विकास एवं पंचायत विभाग के महानिदेशक स्तर पर आगामी कार्रवाई के लिए पहुंच चुका है।
अभी तक उपलब्ध जानकारी में—
- निर्माण टेंडर जारी होने,
- काम शुरू होने,
- निर्माण एजेंसी तय होने,
- परियोजना लागत,
- फायर स्टेशन पर कितनी दमकल गाड़ियां रहेंगी,
- कितना स्टाफ तैनात होगा,
- 33 केवी स्टेशन की क्षमता या फीडर प्लान,
- दोनों प्रोजेक्ट पूरे होने की तारीख
का अंतिम विवरण जारी नहीं हुआ है।
इसलिए अगला महत्वपूर्ण अपडेट जमीन हस्तांतरण की अंतिम मंजूरी और उसके बाद संबंधित विभागों द्वारा निर्माण प्रक्रिया शुरू किए जाने का होगा।








