महेंद्रगढ़ में 13 सितंबर को लगेगा अंत्योदय मेला, 4 हजार से ज्यादा लोगों को मिलेगा सरकारी योजनाओं का लाभ
नारनौल, 3 सितंबर। महेंद्रगढ़ विधानसभा क्षेत्र के 4 हजार से ज्यादा चिह्नित लाभार्थियों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने के लिए 13 सितंबर को मुख्यमंत्री अंत्योदय उत्थान मेला लगाया जाएगा। मेला महेंद्रगढ़ के राजकीय महाविद्यालय क…

नारनौल, 3 सितंबर। महेंद्रगढ़ विधानसभा क्षेत्र के 4 हजार से ज्यादा चिह्नित लाभार्थियों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने के लिए 13 सितंबर को मुख्यमंत्री अंत्योदय उत्थान मेला लगाया जाएगा। मेला महेंद्रगढ़ के राजकीय महाविद्यालय के ऑडिटोरियम में आयोजित होगा। इससे पहले लाभार्थियों की फोन पर काउंसलिंग की जाएगी, ताकि उनकी जरूरत और पात्रता के अनुसार संबंधित सरकारी योजना की जानकारी दी जा सके।
महेंद्रगढ़ जिले की चारों विधानसभा क्षेत्रों में अंत्योदय मेलों का आयोजन चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है। नारनौल विधानसभा का मेला पहले हो चुका है। अब महेंद्रगढ़ विधानसभा क्षेत्र के लाभार्थियों की बारी है। अटेली और नांगल चौधरी के लिए मेले की तारीख बाद में घोषित की जाएगी।
13 सितंबर को महेंद्रगढ़ में अंत्योदय मेला कहां लगेगा?
मुख्यमंत्री अंत्योदय उत्थान मेला राजकीय महाविद्यालय महेंद्रगढ़ के ऑडिटोरियम में लगाया जाएगा। इसमें महेंद्रगढ़ विधानसभा क्षेत्र के 4 हजार से ज्यादा लाभार्थियों को शामिल करने की तैयारी है।
प्रशासन मेले से पहले लाभार्थियों से फोन पर संपर्क करेगा। इसलिए जिन परिवारों को अंत्योदय मेले के संबंध में कॉल आती है, वे तारीख, समय और साथ लाए जाने वाले दस्तावेजों की जानकारी ध्यान से नोट कर लें।
अंत्योदय मेले में कौन जा सकता है और लाभार्थियों का चयन कैसे होता है?
मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना सामान्य खुले मेले की तरह नहीं है, जहां पहुंचने वाला प्रत्येक व्यक्ति अपने आप किसी योजना का लाभार्थी बन जाता है।
हरियाणा सरकार के समाज कल्याण विभाग की मौजूदा जानकारी के अनुसार योजना का उद्देश्य सबसे गरीब परिवारों की आय बढ़ाकर कम से कम 1.80 लाख रुपये सालाना या उससे अधिक करना है। इसके लिए फिलहाल ऐसे परिवारों की पहचान की गई है जिनकी वार्षिक पारिवारिक आय एक लाख रुपये से कम है और उन्हें अलग-अलग विभागों की लोन, कौशल विकास और रोजगार योजनाओं से जोड़ा जाता है।
जनवरी 2026 में सोनीपत में हुए अंत्योदय मेले में भी सरकार ने बताया था कि मेले में एक लाख रुपये से कम वार्षिक आय वाले चिह्नित परिवारों को आमंत्रित किया गया था।
महेंद्रगढ़ में भी प्रशासन ने 4 हजार से ज्यादा लाभार्थियों को शामिल करने और पहले फोन पर उनकी काउंसलिंग करने की बात कही है।
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अंत्योदय मेले में कौन-कौन सी योजनाओं का लाभ मिलता है?
महेंद्रगढ़ के 13 सितंबर वाले मेले में शामिल विभागों और योजनाओं की पूरी सूची अभी सार्वजनिक नहीं की गई है।
हालांकि जुलाई 2026 में लाडवा में आयोजित मुख्यमंत्री अंत्योदय मेले में 19 विभागों की 47 योजनाओं को एक जगह उपलब्ध कराया गया था। इनमें स्वरोजगार, कौशल विकास, रोजगार, वित्तीय सहायता और सामाजिक कल्याण से जुड़ी योजनाएं शामिल थीं।
हाल के अंत्योदय मेलों में अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम, पिछड़ा वर्ग एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग कल्याण निगम, महिला विकास निगम, पशुपालन एवं डेयरी विभाग, रोजगार विभाग, कौशल विकास, एमएसएमई, उद्यान, मत्स्य पालन और ग्रामीण आजीविका मिशन जैसे विभाग भी शामिल रहे हैं।
इसलिए लाभार्थी की रुचि अगर पशुपालन, छोटा कारोबार, स्वरोजगार, नौकरी या कौशल प्रशिक्षण में है तो काउंसलिंग के दौरान इसकी जानकारी स्पष्ट रूप से देना उपयोगी होगा।
अंत्योदय मेले में कौन से डॉक्यूमेंट लेकर जाएं?
महेंद्रगढ़ प्रशासन की मौजूदा सूचना में 13 सितंबर के मेले के लिए कोई अलग फाइनल डॉक्यूमेंट लिस्ट नहीं दी गई है। इसलिए यह दावा करना सही नहीं होगा कि हर लाभार्थी के लिए एक ही दस्तावेज सूची अनिवार्य है।
हालांकि जुलाई 2026 में रोहतक के अंत्योदय मेले के लिए लाभार्थियों को परिवार पहचान पत्र, आधार कार्ड, बैंक पासबुक, लागू होने पर जाति प्रमाण पत्र, शैक्षणिक या तकनीकी प्रमाण पत्र, उपलब्ध होने पर आय प्रमाण पत्र और दो पासपोर्ट साइज फोटो साथ लाने को कहा गया था।
अंबाला के हाल के मेले में भी पात्र लोग परिवार पहचान पत्र, आधार कार्ड, बैंक पासबुक और संबंधित योजना के दूसरे जरूरी दस्तावेजों के साथ पहुंचे थे।
महेंद्रगढ़ के लाभार्थियों के लिए बेहतर रहेगा कि फोन पर होने वाली काउंसलिंग में बताई गई डॉक्यूमेंट लिस्ट को ही अंतिम मानें, क्योंकि अलग-अलग योजनाओं में अतिरिक्त कागजात मांगे जा सकते हैं।
अंत्योदय मेले में लोन के लिए आवेदन कैसे होता है?
मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना में हर लाभार्थी को केवल लोन ही नहीं दिया जाता। उसकी जरूरत, रुचि और पात्रता देखकर रोजगार, कौशल प्रशिक्षण, स्वरोजगार या संबंधित विभाग की वित्तीय योजना से जोड़ा जाता है।
अगर चुनी गई योजना लोन से संबंधित है तो मेले में संबंधित विभाग के माध्यम से आवेदन प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। जनवरी 2026 के सोनीपत मेले में लाभार्थियों ने अलग-अलग विभागों के काउंटर पर योजना की जानकारी लेने के साथ मौके पर आवेदन भी पूरे किए थे।
इसके बाद संबंधित विभाग और बैंक पात्रता, दस्तावेज तथा योजना के नियमों के अनुसार आवेदन की जांच करते हैं।
अंत्योदय मेले के बाद लोन का पैसा कब तक मिल सकता है?
इसका कोई एक ऐसा मौजूदा राज्य स्तरीय समय नहीं मिला है जिसके आधार पर यह कहा जा सके कि मेले के इतने दिन बाद हर लाभार्थी के खाते में पैसा आ जाएगा।
लोन वाले मामलों में आवेदन को संबंधित विभाग और बैंक की प्रक्रिया से गुजरना होता है। पहले भी अलग-अलग जिलों में बैंक स्तर पर आवेदन लंबित रहने के मामले सामने आए हैं। हिसार में जून 2025 में मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना के 114 लोन आवेदन वितरण के लिए बैंकों के पास लंबित बताए गए थे।
महेंद्रगढ़ जिले में भी फरवरी 2024 तक योजना के तहत 1,300 से ज्यादा लाभार्थियों को लोन वितरित होने की जानकारी दी गई थी और बैंक अधिकारियों को लंबित मामलों में तेजी लाने को कहा गया था।
इसलिए मेले में आवेदन स्वीकार होना और बैंक से लोन का पैसा मिलना दो अलग चरण हैं। लोन मिलने का समय संबंधित योजना, दस्तावेजों की जांच और बैंक की मंजूरी पर निर्भर करेगा।
अंत्योदय योजना में परिवार को कितना लोन मिलता है?
मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना में सभी लाभार्थियों को एक तय रकम का लोन नहीं दिया जाता।
योजना वास्तव में अलग-अलग सरकारी विभागों की मौजूदा योजनाओं को पात्र परिवारों से जोड़ने का माध्यम है। इसलिए लोन की राशि इस बात पर निर्भर करेगी कि व्यक्ति पशुपालन, स्वरोजगार, छोटा व्यवसाय या किस दूसरी योजना के लिए पात्र पाया जाता है।
इसी कारण “अंत्योदय योजना में सभी को एक लाख या दो लाख रुपये मिलते हैं” जैसा दावा सही नहीं होगा।
हरियाणा सरकार ने योजना का उद्देश्य परिवार की आय बढ़ाने और उसे स्थायी आजीविका से जोड़ने के रूप में बताया है।
अगर फोन नहीं आया तो अंत्योदय मेले की जानकारी कहां से लें?
महेंद्रगढ़ के मौजूदा कार्यक्रम में जिला प्रशासन ने साफ किया है कि 4 हजार से ज्यादा चिह्नित लाभार्थियों की मेले से पहले फोन पर काउंसलिंग की जाएगी।
इसलिए जिस परिवार को लगता है कि वह अंत्योदय परिवार उत्थान योजना में पहले से चिह्नित है लेकिन उसे फोन नहीं आया, वह सीधे यह मानने के बजाय कि उसका नाम मेले से बाहर है, संबंधित जिला समाज कल्याण कार्यालय या जिला प्रशासन से जानकारी ले सकता है।
मेले में सीधे पहुंचने से पहले यह पता करना ज्यादा सही रहेगा कि उसका नाम महेंद्रगढ़ विधानसभा के 13 सितंबर वाले लाभार्थियों में शामिल है या नहीं।
अटेली और नांगल चौधरी में अंत्योदय मेला कब लगेगा?
महेंद्रगढ़ जिले की चार विधानसभा सीटों में मेले चरणबद्ध तरीके से आयोजित किए जा रहे हैं।
नारनौल विधानसभा का मेला पहले लगाया जा चुका है और 13 सितंबर को महेंद्रगढ़ विधानसभा के लिए आयोजन होगा। प्रशासन ने बताया है कि शेष दोनों विधानसभा क्षेत्रों के कार्यक्रम की तारीख बाद में जारी की जाएगी।
यानी फिलहाल अटेली और नांगल चौधरी के अंत्योदय मेले की तारीख घोषित नहीं हुई है। इन क्षेत्रों के लाभार्थियों को जिला प्रशासन की अगली सूचना का इंतजार करना होगा।
महेंद्रगढ़ के लाभार्थियों की पहले फोन पर काउंसलिंग क्यों होगी?
फोन काउंसलिंग का उद्देश्य लाभार्थी को मेले में बुलाने से पहले उसकी जरूरत और संबंधित योजनाओं की जानकारी देना है।
मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना में लाभार्थी की रुचि और स्थिति के अनुसार उसे सही विभाग तक पहुंचाना महत्वपूर्ण हिस्सा है। जुलाई में लाडवा में आयोजित मेले को लेकर सरकार ने भी कहा था कि परिवार की रुचि, क्षमता, परिस्थिति और आवश्यकता समझकर उसे उचित योजना की जानकारी और मार्गदर्शन दिया जाता है।
इसलिए महेंद्रगढ़ के जिन लाभार्थियों को फोन आए, वे केवल मेले का समय पूछने तक सीमित न रहें। उन्हें यह भी साफ बताना चाहिए कि वे रोजगार, खुद का काम, पशुपालन, ट्रेनिंग या किस तरह की मदद चाहते हैं। इससे मेले में संबंधित विभाग की योजना तक पहुंचना आसान हो सकता है।








