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हरियाणा में 7 सितंबर से ग्राम सभाओं में फैमिली आईडी वेरिफिकेशन, जाने कौन सी गलतियां होगी सही

हरियाणा में 7 सितंबर से ग्राम सभाओं में फैमिली आईडी की आय संबंधी शिकायतों की जांच होगी। जानें बीपीएल, पेंशन, दस्तावेज और गलत डाटा सुधार का तरीका।

हरियाणा में ग्राम सभाओं के माध्यम से फैमिली आईडी आय सत्यापन
हरियाणा में ग्राम सभाओं के माध्यम से फैमिली आईडी आय सत्यापन

चंडीगढ़, 6 सितंबर। हरियाणा में फैमिली आईडी में गलत आय दर्ज होने से योजनाओं से वंचित परिवारों के मामलों की जांच अब ग्राम सभाओं के माध्यम से कराई जाएगी। अभियान की शुरुआत 7 सितंबर से होगी। उपलब्ध कार्यक्रम के अनुसार पहले चरण में ओपन, एससी, एससी-डी और ईडब्ल्यूएस श्रेणियों के परिवारों की आय संबंधी शिकायतों की जांच होगी। इसके बाद अन्य श्रेणियों के परिवारों के मामले अलग कार्यक्रम के अनुसार ग्राम सभाओं में रखे जाएंगे।

सरकार का उद्देश्य वास्तविक आय की स्थानीय स्तर पर पुष्टि कर पात्र परिवारों तक बीपीएल राशन कार्ड, पेंशन और अन्य योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। हालांकि ग्राम सभा में फैमिली आईडी का पूरा डाटा नए सिरे से नहीं बदला जाएगा।

आय सत्यापन अभियान का मुख्य केंद्र गलत आय से जुड़े मामले हैं। जन्म, मृत्यु, विवाह, पता, बैंक खाता, जाति, दिव्यांगता और अन्य व्यक्तिगत विवरण अपडेट करने की अलग प्रक्रिया फैमिली आईडी पोर्टल या अधिकृत केंद्रों के माध्यम से जारी रहेगी।

ग्राम सभा में फैमिली आईडी की जांच में इनकम के अलावा क्या-क्या वेरिफाई होगा?

इस अभियान में मुख्य रूप से फैमिली आईडी में दर्ज वार्षिक आय से संबंधित शिकायतों की स्थानीय स्तर पर जांच होगी। ग्राम सभा यह देखेगी कि परिवार की वास्तविक आर्थिक स्थिति और पोर्टल पर दर्ज आय में कोई अंतर तो नहीं है।

फैमिली आईडी के कुछ डाटा विभागीय रिकॉर्ड से अपने आप जुड़ते हैं। इनमें जन्म, मृत्यु और विवाह से संबंधित जानकारी शामिल हो सकती है। लेकिन ग्राम सभा अभियान को अभी पूरे परिवार के हर डाटा—जैसे नाम, जन्मतिथि, बैंक खाता या मोबाइल नंबर—के व्यापक सुधार अभियान के रूप में घोषित नहीं किया गया है।

फैमिली आईडी में गलत इनकम, फोर व्हीलर, जमीन या बिजली बिल की जानकारी कैसे ठीक होगी?

यदि परिवार की आय गलत दर्ज है तो ग्राम सभा में अपनी आपत्ति रखी जा सकती है। स्थानीय जांच के बाद मामला आगे की कार्रवाई के लिए भेजा जाएगा।

फोर व्हीलर, जमीन या बिजली बिल से संबंधित गलत जानकारी आय निर्धारण को प्रभावित करती है तो उस पर भी सत्यापन के दौरान तथ्य रखे जा सकते हैं। लेकिन सरपंच या ग्राम सचिव मौके पर पोर्टल में आय अथवा वाहन का रिकॉर्ड सीधे बदलने का अधिकार नहीं रखते।

ऐसे डाटा में सुधार के लिए संबंधित विभागीय रिकॉर्ड और फैमिली आईडी सिस्टम में निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार अपडेट होगा। परिवार को सही दस्तावेज के आधार पर दावा रखना होगा।

गलत आय से कटा बीपीएल राशन कार्ड या रुकी पेंशन क्या फिर से चालू हो जाएगी?

ग्राम सभा में आय सही पाए जाने पर परिवार का मामला पात्रता के लिए आगे बढ़ सकता है। लेकिन केवल ग्राम सभा में नाम दर्ज होते ही बीपीएल राशन कार्ड दोबारा जारी होना या रुकी हुई पेंशन तुरंत चालू होना तय नहीं है।

बीपीएल राशन कार्ड, वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन और दूसरी योजनाओं की पात्रता संबंधित विभाग अपने नियमों के अनुसार तय करते हैं। आय रिकॉर्ड सही होने के बाद भी योजना की अन्य शर्तें पूरी होना जरूरी रहेगा।

ग्राम सभा में फैमिली आईडी सत्यापन के लिए कौन-कौन से डॉक्यूमेंट ले जाएं?

आय से जुड़ी शिकायत रखने वाले परिवार अपना फैमिली आईडी नंबर और पहचान के लिए आधार कार्ड साथ रखें। जिस जानकारी पर आपत्ति है, उससे जुड़े प्रमाण-पत्र भी रखें।

उदाहरण के तौर पर आय गलत दर्ज होने पर आय से संबंधित उपलब्ध प्रमाण, वाहन गलत दिखने पर संबंधित रिकॉर्ड, भूमि विवरण गलत होने पर जमीन के दस्तावेज और बिजली बिल से जुड़ी आपत्ति पर बिल की प्रति उपयोगी हो सकती है।

ग्राम सभा में सभी के लिए एक जैसी दस्तावेज सूची की आधिकारिक घोषणा अभी उपलब्ध नहीं है। इसलिए गांव की पंचायत या ग्राम सचिव से बैठक से पहले स्थानीय सूचना जरूर ले लें।

हमारे गांव में ग्राम सभा कब और कहां लगेगी, क्या पूरे परिवार को जाना होगा?

ग्राम सभा की तारीख, स्थान और समय पंचायत स्तर पर तय किया जाएगा। इसकी सूचना पंचायत घर, चौपाल, स्कूल, नोटिस बोर्ड या स्थानीय जनप्रतिनिधियों के माध्यम से दी जा सकती है।

पूरे परिवार की उपस्थिति अनिवार्य होने संबंधी कोई राज्यस्तरीय स्पष्ट निर्देश नहीं मिला है। जिस व्यक्ति को फैमिली आईडी की आय पर आपत्ति रखनी है, उसे फैमिली आईडी नंबर और आवश्यक प्रमाण के साथ ग्राम सभा में उपस्थित रहना चाहिए।

यदि परिवार का कोई सदस्य बाहर नौकरी करता है या बैठक के दिन गांव में नहीं है, तो उसके मामले में क्या प्रक्रिया अपनाई जाएगी, इसकी जानकारी संबंधित पंचायत से लेनी होगी।

नई बहू, नवजात बच्चा या अलग हुए बेटे का नाम फैमिली आईडी में कैसे जोड़ा जाएगा?

फैमिली आईडी में विवाह के बाद नई सदस्य को जोड़ने, नवजात बच्चे का नाम दर्ज करने, मृत्यु के बाद सदस्य हटाने या अलग परिवार की आईडी बनाने की प्रक्रिया ग्राम सभा आय सत्यापन से अलग है।

हरियाणा परिवार पहचान पत्र प्राधिकरण के अनुसार परिवार के विवरण में नाम, जन्मतिथि, पता, आय, जाति, बैंक विवरण, वैवाहिक स्थिति और अन्य जानकारी पोर्टल अथवा अधिकृत सीएससी, अंत्योदय सरल केंद्र और पीपीपी ऑपरेटर के माध्यम से अपडेट कराई जा सकती है।

लेखक

Sandeep Kumar

संदीप कुमार LocalHaryana.com के संस्थापक और संपादक हैं। वे वर्ष 2020 से डिजिटल पत्रकारिता और ऑनलाइन समाचार प्रकाशन के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं। वे मुख्य रूप से हरियाणा समाचार, सरकारी योजनाएं, नौकरियां, शिक्षा, खेतीबाड़ी और मौसम से जुड़े विषयों पर लेखन और संपादन करते हैं। उनका प्रयास पाठकों तक तथ्य आधारित, स्पष्ट और उपयोगी जानकारी सरल हिंदी में पहुँचाना है। LocalHaryana.com पर प्रकाशित सामग्री उपलब्ध आधिकारिक सूचनाओं और विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर तैयार की जाती है।

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