हरियाणा में रजिस्ट्री के बाद इंतकाल के लिए नहीं करना होगा आवेदन, जानें ऑटो म्यूटेशन का नया नियम
हरियाणा में रजिस्ट्री के बाद अलग आवेदन के बिना इंतकाल की प्रक्रिया शुरू होगी। जानें ऑटो म्यूटेशन, 24 घंटे की समय सीमा और स्टेटस चेक करने का तरीका।

हरियाणा में जमीन या संपत्ति की रजिस्ट्री के बाद इंतकाल के लिए अलग से आवेदन देने की जरूरत नहीं होगी। प्रदेशभर में लागू ऑटो म्यूटेशन व्यवस्था में पंजीकृत दस्तावेज के आधार पर भूमि रिकॉर्ड में मालिकाना बदलाव की प्रक्रिया डिजिटल सिस्टम से शुरू होगी। पलवल के उपायुक्त डा. जयेन्द्र सिंह छिल्लर ने बताया कि इसका उद्देश्य राजस्व सेवाओं को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाना है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 23 जून को ऑटो म्यूटेशन सिस्टम और पेपरलेस रजिस्ट्रेशन 2.0 को लागू किया था। सरकार के अनुसार, जिन मामलों में संयुक्त खेवट का विभाजन या अतिरिक्त जांच की जरूरत नहीं है, उनमें इंतकाल 24 घंटे के भीतर मंजूर करने का लक्ष्य है। विभाजन या जटिल रिकॉर्ड वाले मामलों का निपटारा अधिकतम 10 दिन में करने का लक्ष्य रखा गया है। नई व्यवस्था में रिकॉर्ड की जांच और कानूनी सुरक्षा के प्रावधान बने रहेंगे।
क्या रजिस्ट्री के बाद इंतकाल के लिए पटवारी के पास अलग से फॉर्म या अर्जी देनी होगी?
ऑटो म्यूटेशन व्यवस्था में रजिस्ट्री के बाद इंतकाल दर्ज कराने के लिए नागरिक को अलग से आवेदन नहीं देना होगा। पंजीकृत दस्तावेज के आधार पर सिस्टम में इंतकाल की प्रक्रिया शुरू होगी।
पहले रजिस्ट्री के बाद इंतकाल दर्ज कराने के लिए राजस्व कार्यालय में अलग प्रक्रिया पूरी करनी पड़ती थी। नई व्यवस्था का उद्देश्य इसी अतिरिक्त आवेदन और बार-बार कार्यालय जाने की जरूरत को कम करना है।
रजिस्ट्री के बाद इंतकाल कितने समय में मंजूर होकर भूमि रिकॉर्ड में नाम चढ़ेगा?
जिन मामलों में खेवट का विभाजन या अतिरिक्त जांच जरूरी नहीं है, उनमें सरकार ने 24 घंटे में इंतकाल मंजूर करने का लक्ष्य बताया है।
यदि रिकॉर्ड में संयुक्त हिस्सेदारी, विभाजन या अन्य जांच की जरूरत होगी तो मामला सामान्य प्रक्रिया से अधिक समय ले सकता है। ऐसे मामलों का निपटारा अधिकतम 10 दिन में करने का लक्ष्य रखा गया है।
इंतकाल मंजूर होने के बाद ही जमाबंदी और संबंधित भूमि रिकॉर्ड में नए मालिक के नाम का बदलाव आगे दर्ज होगा।
ऑटो म्यूटेशन का स्टेटस और इंतकाल की कॉपी ऑनलाइन कैसे देखें?
हरियाणा के आधिकारिक जमाबंदी पोर्टल पर नागरिक इंतकाल की स्थिति देख सकते हैं। पोर्टल पर चेक म्यूटेशन स्टेटस, म्यूटेशन स्टेटस ऑफ डीड्स और व्यू म्यूटेशन ऑर्डर्स जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं।
भूमि मालिक के नाम, खेवट नंबर या खसरा नंबर के आधार पर मंजूर इंतकाल और जमाबंदी की जानकारी देखी जा सकती है। राजस्व विभाग के ई-रजिस्ट्रेशन पोर्टल पर भी म्यूटेशन से जुड़ी सेवाएं दी गई हैं।
सरकार ने यह भी कहा है कि म्यूटेशन दस्तावेज घर से डाउनलोड किए जा सकेंगे।
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रजिस्ट्री या इंतकाल पर आपत्ति हो तो ऑटो म्यूटेशन में क्या होगा?
ऑटो म्यूटेशन का मतलब बिना जांच के भूमि रिकॉर्ड में बदलाव नहीं है। उपायुक्त डा. जयेन्द्र सिंह छिल्लर ने स्पष्ट किया कि रिकॉर्ड सत्यापन और जरूरी जांच के सभी प्रावधान लागू रहेंगे।
हरियाणा के आधिकारिक जमाबंदी पोर्टल पर चेक म्यूटेशन ऑफ डीड एंड रेज ऑब्जेक्शन की सुविधा उपलब्ध है। यदि किसी व्यक्ति को रजिस्ट्री या प्रस्तावित इंतकाल पर आपत्ति है तो वह पोर्टल के माध्यम से आपत्ति दर्ज कर सकता है।
आपत्ति, न्यायालय का स्थगन आदेश, ऋण संबंधी रिकॉर्ड या विवादित हिस्सेदारी वाले मामलों में स्वीकृति से पहले संबंधित राजस्व अधिकारी रिकॉर्ड की जांच करेंगे। ऐसे मामलों में 24 घंटे वाली सामान्य समय-सीमा लागू होना जरूरी नहीं है।
क्या ऑटो म्यूटेशन के लिए अलग से फीस या चालान भरना होगा?
नई व्यवस्था में इंतकाल शुरू कराने के लिए अलग आवेदन की जरूरत समाप्त की गई है। ऑटो म्यूटेशन के नाम पर अलग शुल्क या चालान की कोई नई अधिसूचना वर्तमान सरकारी जानकारी में नहीं बताई गई है।
रजिस्ट्री के समय लगने वाली स्टांप ड्यूटी, रजिस्ट्रेशन फीस और अन्य निर्धारित शुल्क अलग हैं। नागरिक को किसी व्यक्ति को अलग से ऑटो म्यूटेशन शुल्क देने के बजाय केवल सरकारी पोर्टल और राजस्व विभाग की अधिकृत सूचना पर भरोसा करना चाहिए।








