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PM Vishwakarma Scheme 2026: हरियाणा के कारीगरों को 3 लाख तक लोन, 15 हजार टूलकिट; नए रजिस्ट्रेशन पर आया बड़ा अपडेट

पीएम विश्वकर्मा योजना में कारीगरों को 3 लाख तक लोन, 15 हजार टूलकिट और 500 रुपये रोज स्टाइपेंड मिलता है। जानें रजिस्ट्रेशन का नया अपडेट।

हरियाणा के कारीगरों के लिए पीएम विश्वकर्मा योजना में 3 लाख लोन और 15 हजार टूलकिट
हरियाणा के कारीगरों के लिए पीएम विश्वकर्मा योजना में 3 लाख लोन और 15 हजार टूलकिट

करनाल, 5 सितंबर। हरियाणा के पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों के लिए पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत बिना गारंटी 3 लाख रुपये तक का लोन, 15 हजार रुपये की टूलकिट सहायता और ट्रेनिंग के दौरान 500 रुपये प्रतिदिन स्टाइपेंड का प्रावधान है। करनाल के डीसी डॉ. आनंद कुमार शर्मा ने जिले के पात्र कारीगरों से योजना का लाभ लेने की अपील की है। योजना में बढ़ई, लोहार, सुनार, कुम्हार, राजमिस्त्री, मोची, नाई, धोबी और दर्जी सहित 18 पारंपरिक व्यवसाय शामिल हैं।

हालांकि नए रजिस्ट्रेशन को लेकर कारीगरों के लिए महत्वपूर्ण अपडेट है। पीएम विश्वकर्मा के आधिकारिक पोर्टल पर 30 लाख सफल रजिस्ट्रेशन का निर्धारित लक्ष्य सितंबर 2025 में ही पूरा हो चुका है। 29 अगस्त 2026 तक fresh registrations दोबारा शुरू नहीं हुए थे और इन्हें खोलने की कोई निश्चित तारीख घोषित नहीं की गई थी। इसलिए नए आवेदक CSC जाने से पहले रजिस्ट्रेशन की मौजूदा स्थिति जरूर जांचें। आधिकारिक पोर्टल फिलहाल लाभार्थियों के लॉगिन और योजना की दूसरी सेवाओं के लिए चालू है।

योजना के तहत लोन की पूरी 3 लाख रुपये की राशि एक साथ नहीं मिलती। पहले 1 लाख और निर्धारित शर्तें पूरी करने के बाद दूसरे चरण में 2 लाख रुपये तक का लोन दिया जाता है।

पीएम विश्वकर्मा योजना में नए रजिस्ट्रेशन 2026 में कब शुरू होंगे और आवेदन कैसे होगा?

अभी नए रजिस्ट्रेशन शुरू होने की कोई आधिकारिक तारीख घोषित नहीं हुई है। 29 अगस्त तक fresh registration बंद था, जबकि आधिकारिक पोर्टल खुद बता रहा है कि योजना का 30 लाख लाभार्थियों का registration target सितंबर 2025 में पूरा हो चुका है।

नए रजिस्ट्रेशन दोबारा खुलने पर आवेदन CSC के माध्यम से आधार आधारित बायोमीट्रिक सत्यापन के जरिए किया जाता है। इसके बाद आवेदन की ग्राम पंचायत या शहरी निकाय स्तर पर जांच, जिला स्तरीय कमेटी की सिफारिश और स्क्रीनिंग कमेटी की मंजूरी की प्रक्रिया होती है।

इसलिए करनाल प्रशासन की अपील के बाद आवेदन करने वाले कारीगर नजदीकी CSC पर पहले यह पता कर लें कि fresh registration window उनके लिए खुली है या नहीं।

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पीएम विश्वकर्मा योजना में कौन-कौन सी 18 कैटेगरी शामिल हैं?

योजना का लाभ सभी व्यवसाय करने वालों को नहीं मिलता। इसमें अपने हाथ और औजारों से पारंपरिक काम करने वाली इन 18 कैटेगरी को शामिल किया गया है:

बढ़ई, नाव बनाने वाले, शस्त्रकार, लोहार, हथौड़ा और औजार बनाने वाले, ताला बनाने वाले, सुनार, कुम्हार, मूर्तिकार/पत्थर तराशने वाले, मोची/फुटवियर कारीगर, राजमिस्त्री, टोकरी-चटाई-झाड़ू बनाने वाले/कॉयर बुनकर, पारंपरिक गुड़िया और खिलौना निर्माता, नाई, मालाकार, धोबी, दर्जी और मछली पकड़ने के जाल बनाने वाले कारीगर।

आवेदक की उम्र कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए और एक परिवार से केवल एक सदस्य योजना का लाभ ले सकता है। सरकारी कर्मचारी और उनके परिवार के सदस्य इसके पात्र नहीं हैं।

पीएम विश्वकर्मा योजना में 3 लाख का लोन कैसे मिलता है और कितना ब्याज लगता है?

योजना में अधिकतम 3 लाख रुपये का बिना गारंटी लोन दो चरणों में मिलता है और लाभार्थी के लिए ब्याज दर 5 प्रतिशत है।

पहले चरण में बेसिक ट्रेनिंग पूरी करने वाले पात्र कारीगर को 1 लाख रुपये तक का लोन 18 महीने के लिए मिल सकता है। पहला लोन सही तरीके से चुकाने और निर्धारित शर्तें पूरी करने के बाद दूसरे चरण में 2 लाख रुपये तक का लोन 30 महीने के लिए मिलता है।

इसलिए योजना में आवेदन करते ही सीधे 3 लाख रुपये खाते में नहीं आते। पहले ट्रेनिंग और फिर बैंक की लोन प्रक्रिया पूरी करनी होती है।

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पीएम विश्वकर्मा योजना के ₹15,000 कब मिलते हैं और टूलकिट कैसे मिलती है?

₹15,000 की सहायता सामान्य नकद भुगतान के बजाय टूलकिट खरीदने के लिए ई-वाउचर के रूप में दी जाती है। योजना की गाइडलाइन के अनुसार Skill Verification के बाद Basic Training शुरू होने के समय पात्र लाभार्थी को टूलकिट इंसेंटिव दिया जाता है।

यानी ₹15,000 के लिए कोई एक निश्चित तारीख सभी लाभार्थियों पर लागू नहीं होती। यह लाभ आवेदन के बाद verification और training stage पर निर्भर करता है।

Google पर “विश्वकर्मा योजना में सिलाई मशीन कैसे मिलेगी” भी काफी पूछा जा रहा है। दर्जी योजना की पात्र 18 कैटेगरी में शामिल हैं, लेकिन योजना में हर लाभार्थी को अलग से ₹15,000 नकद देकर कोई भी सिलाई मशीन खरीदने का नियम नहीं है। सहायता संबंधित ट्रेड की आधुनिक टूलकिट के लिए निर्धारित ई-वाउचर प्रक्रिया से मिलती है।

ट्रेनिंग के दौरान लाभार्थी को 500 रुपये प्रतिदिन स्टाइपेंड भी मिलता है। ट्रेनिंग पूरी होने और प्रमाणन के बाद स्टाइपेंड बैंक खाते में DBT के जरिए दिया जाता है।

पीएम विश्वकर्मा योजना में अपना नाम और आवेदन का स्टेटस कैसे चेक करें?

जिन लोगों का पहले से रजिस्ट्रेशन हो चुका है, वे पीएम विश्वकर्मा के आधिकारिक पोर्टल पर Applicant/Beneficiary Login के जरिए अपना रिकॉर्ड देख सकते हैं। लॉगिन के लिए रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर और कैप्चा मांगा जाता है।

योजना के आधिकारिक पोर्टल पर इस समय 30 लाख सफल रजिस्ट्रेशन, 24.35 लाख से ज्यादा बेसिक ट्रेनिंग और 6.18 लाख से ज्यादा लोन मंजूर होने के आंकड़े दिखाई दे रहे हैं। 18 लाख से ज्यादा लाभार्थियों को आधुनिक टूलकिट भी मिल चुकी है।

अगर किसी लाभार्थी का पैसा, टूलकिट या लोन लंबित है तो सभी मामलों में भुगतान की कोई एक तय समय-सीमा नहीं है। स्थिति आवेदन की verification, training, toolkit और bank loan stage के अनुसार अलग हो सकती है।

लेखक

Sandeep Kumar

संदीप कुमार LocalHaryana.com के संस्थापक और संपादक हैं। वे वर्ष 2020 से डिजिटल पत्रकारिता और ऑनलाइन समाचार प्रकाशन के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं। वे मुख्य रूप से हरियाणा समाचार, सरकारी योजनाएं, नौकरियां, शिक्षा, खेतीबाड़ी और मौसम से जुड़े विषयों पर लेखन और संपादन करते हैं। उनका प्रयास पाठकों तक तथ्य आधारित, स्पष्ट और उपयोगी जानकारी सरल हिंदी में पहुँचाना है। LocalHaryana.com पर प्रकाशित सामग्री उपलब्ध आधिकारिक सूचनाओं और विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर तैयार की जाती है।

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