हरियाणा में 7 सितंबर से फैमिली आईडी आय वेरिफिकेशन, गांव-गांव लगेगी विशेष ग्राम सभा
हरियाणा में ग्राम सभा से फैमिली आईडी की आय, AAY, व्यवसाय, परिवार और कच्ची छत का वेरिफिकेशन होगा। जानें आय गलत है तो क्या करें और गांव का शेड्यूल कैसे देखें।

चंडीगढ़, 3 सितंबर। हरियाणा में फैमिली आईडी की आय और दूसरी जरूरी जानकारियों को सही करने के लिए गांव स्तर पर विशेष ग्राम सभाओं का अभियान तेज हो गया है। इन ग्राम सभाओं में परिवार की संरचना, अंत्योदय अन्न योजना परिवार, 1.80 लाख रुपये से कम सालाना आय वाले परिवार, कच्ची छत और परिवार के कमाने वाले सदस्यों के व्यवसाय का वेरिफिकेशन किया जाएगा। पलवल जिले के हथीन ब्लॉक में पंचायतवार विशेष ग्राम सभाएं 7 सितंबर से 1 अक्टूबर तक चलेंगी।
राज्य सरकार ने पूरे ग्रामीण हरियाणा में ग्राम सभा मॉड्यूल के जरिए फैमिली आईडी से जुड़े वेरिफिकेशन की प्रक्रिया शुरू की है और पहले चरण को 2 अक्टूबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
यह वेरिफिकेशन इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि सरकार के मुताबिक कई परिवारों की आय और दूसरी जानकारियां पेंडिंग या गलत होने के कारण उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने में परेशानी आ रही है। फैमिली आईडी का डाटा 50 से ज्यादा विभागों की 400 से अधिक योजनाओं और सेवाओं से जुड़ा हुआ है।
ग्राम सभा में फैमिली आईडी की कौन-कौन सी जानकारी वेरिफाई होगी?
सरकार ने वेरिफिकेशन का क्रम भी तय किया है। सबसे पहले यह देखा जाएगा कि फैमिली आईडी में दर्ज परिवार की संरचना सही है या नहीं, यानी परिवार में वास्तव में कौन-कौन सदस्य हैं।
इसके बाद मुख्य रूप से इन जानकारियों का वेरिफिकेशन होगा—
- अंत्योदय अन्न योजना यानी एएवाई परिवार
- 1.80 लाख रुपये से कम सालाना आय वाले परिवार
- कच्ची छत की स्थिति
- परिवार के कमाने वाले सदस्यों का व्यवसाय
कच्ची छत का फिजिकल वेरिफिकेशन भी होगा और इसके लिए परिवार के सदस्य के साथ फोटो लेने की व्यवस्था बताई गई है। कमाने वाले प्रत्येक सदस्य का व्यवसाय भी रिकॉर्ड किया जाएगा।
यानी ग्राम सभा केवल इनकम वेरिफिकेशन तक सीमित नहीं रहेगी।
फैमिली आईडी में आय ज्यादा है तो कैसे ठीक होगी?
यह फैमिली आईडी से जुड़ी सबसे आम समस्याओं में से एक है।
अगर परिवार की वास्तविक सालाना आय कम है लेकिन फैमिली आईडी में ज्यादा दर्ज या वेरिफाई हो गई है, तो ऐसे मामलों को ग्राम सभा के सामने रखा जा सकता है।
हरियाणा सरकार ने मई 2026 में बताया था कि कई मामलों में अलग-अलग वेरिफिकेशन टीमों की रिपोर्ट में परिवार की आय अलग-अलग आ रही थी। ऐसे मामलों में अब ग्राम सभा के जरिए जमीनी स्तर पर वास्तविक आय की पुष्टि कराई जाएगी।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने निर्देश दिए थे कि ग्राम सभा द्वारा वेरिफाई की गई आय को अंतिम माना जाए।
इसका मतलब यह नहीं है कि केवल परिवार के कहने पर आय कम कर दी जाएगी। उपलब्ध रिकॉर्ड और स्थानीय वेरिफिकेशन के आधार पर फैसला होगा।
1.80 लाख से कम आय वाले परिवारों का वेरिफिकेशन क्यों हो रहा है?
हरियाणा सरकार ने ग्राम सभा मॉड्यूल में 1.80 लाख रुपये से कम सालाना आय वाले ग्रामीण परिवारों को भी शामिल किया है।
इन परिवारों की वास्तविक आय की जांच इसलिए की जा रही है ताकि गलत या पेंडिंग इनकम वेरिफिकेशन के कारण कोई पात्र परिवार सरकारी योजनाओं से बाहर न रहे।
लेकिन 1.80 लाख रुपये से कम आय वेरिफाई होने का मतलब यह नहीं है कि उसी दिन हर सरकारी योजना का लाभ अपने आप शुरू हो जाएगा।
1.80 लाख से कम आय होते ही BPL राशन कार्ड बन जाएगा?
जरूरी नहीं।
फैमिली आईडी में आय सही होना सरकारी योजनाओं की पात्रता तय करने का महत्वपूर्ण हिस्सा है, लेकिन अलग-अलग योजनाओं की दूसरी शर्तें भी होती हैं।
इसलिए ग्राम सभा में आय 1.80 लाख रुपये से कम वेरिफाई हो जाने को अपने आप बीपीएल राशन कार्ड, पेंशन, आयुष्मान कार्ड या किसी दूसरी योजना की मंजूरी नहीं समझना चाहिए।
संबंधित विभाग फैमिली आईडी के वेरिफाइड डाटा के आधार पर अपनी योजना की पात्रता अलग से तय करेगा।
फैमिली आईडी में व्यवसाय गलत है तो कैसे ठीक होगा?
विशेष ग्राम सभाओं में परिवार के कमाने वाले सदस्यों के व्यवसाय का भी वेरिफिकेशन होगा।
अगर कोई सदस्य बेरोजगार है लेकिन फैमिली आईडी में नौकरी दर्ज है, खेती करता है लेकिन दूसरी व्यवसाय कैटेगरी दिखाई दे रही है या पुरानी नौकरी अभी भी रिकॉर्ड में चल रही है तो इसकी वास्तविक स्थिति ग्राम सभा के जरिए वेरिफाई की जा सकती है।
इसका उद्देश्य परिवार की वास्तविक आर्थिक स्थिति का सही रिकॉर्ड तैयार करना है।
फैमिली आईडी में नया सदस्य कैसे जुड़ेगा?
नया सदस्य जोड़ने की समस्या भी फैमिली आईडी से जुड़ी बड़ी शिकायतों में शामिल है।
फरीदाबाद के समाधान शिविरों में प्रशासन ने बताया था कि नागरिकों की सबसे ज्यादा शिकायतें इनकम में गलती और नया सदस्य जोड़ने को लेकर आ रही हैं।
मौजूदा ग्राम सभा अभियान में सबसे पहले फैमिली स्ट्रक्चर का वेरिफिकेशन होना है। यानी यह चेक किया जाएगा कि परिवार में वास्तव में कौन-कौन सदस्य हैं।
अगर बच्चे, पति-पत्नी या दूसरे सदस्य का नाम फैमिली आईडी में नहीं है तो ग्राम सभा में परिवार संरचना के वेरिफिकेशन के समय इसकी जानकारी जरूर दी जा सकती है।
हालांकि ग्राम सभा संबंधी मौजूदा आदेश में यह नहीं कहा गया है कि हर नया सदस्य उसी समय फैमिली आईडी में जोड़ दिया जाएगा। अंतिम अपडेट संबंधित पीपीपी सिस्टम की प्रक्रिया के बाद होगा।
फैमिली आईडी अलग कैसे होगी, अलग परिवार की नई Family ID बनेगी क्या?
यह फैमिली आईडी को लेकर लोगों का एक और बड़ा सवाल है।
अगर एक संयुक्त फैमिली आईडी में दर्ज परिवार अब वास्तव में दो अलग परिवारों के रूप में रह रहा है, तो केवल आय अलग दिखाने के लिए सदस्य को फैमिली आईडी से निकाल देना सही तरीका नहीं है। पहले यह वेरिफाई होना जरूरी है कि दोनों वास्तव में अलग परिवार इकाइयां हैं।
हरियाणा के परिवार पहचान पत्र सिस्टम में प्रत्येक अलग परिवार को अलग 8 अंकों की फैमिली आईडी देने की व्यवस्था है। यानी अगर परिवार को नियमों के अनुसार अलग परिवार के रूप में मंजूरी मिलती है तो नई अलग फैमिली आईडी बन सकती है।
लेकिन यहां सबसे जरूरी बात यह है कि ग्राम सभा में फैमिली स्ट्रक्चर वेरिफाई होना और नई फैमिली आईडी बनना दो अलग प्रक्रियाएं हैं।
ग्राम सभा यह पुष्टि करने में मदद कर सकती है कि परिवार की मौजूदा संरचना सही है या नहीं। फैमिली आईडी को दो हिस्सों में बांटने यानी फैमिली स्प्लिट के लिए पीपीपी सिस्टम में अलग प्रक्रिया और वेरिफिकेशन होता है।
सरकारी पीपीपी से जुड़े एक सार्वजनिक एफएक्यू में फैमिली स्प्लिट का ऑनलाइन ऑप्शन फिलहाल अस्थायी रूप से बंद बताया गया है। ऐसे मामलों में नागरिक को संबंधित पीपीपी/क्रिड कार्यालय, अतिरिक्त उपायुक्त कार्यालय, सरल केंद्र या अधिकृत ऑपरेटर के जरिए अपनी समस्या दर्ज करवानी पड़ सकती है।
इसलिए कोई व्यक्ति केवल ऑनलाइन जाकर खुद से नई फैमिली आईडी बना लेगा, ऐसा मानना सही नहीं होगा।
अगर परिवार वास्तव में अलग हो चुका है तो ग्राम सभा में फैमिली स्ट्रक्चर वेरिफिकेशन के दौरान इसकी जानकारी जरूर दें और इसके बाद फैमिली स्प्लिट की मौजूदा प्रक्रिया संबंधित क्रिड अधिकारी से पता करें।
शादी के बाद फैमिली आईडी अलग होगी या पति-पत्नी एक ID में आएंगे?
शादी के मामलों में प्रक्रिया सामान्य फैमिली स्प्लिट से अलग हो सकती है।
फैमिली आईडी को जन्म, मृत्यु और विवाह रिकॉर्ड से जोड़ा गया है ताकि परिवार में बदलाव होने पर रिकॉर्ड अपडेट किया जा सके।
जून 2026 में सरकार ने उन नवविवाहित पुरुषों के लिए भी व्यवस्था की थी जिनका नाम गलती से ससुराल की फैमिली आईडी में जुड़ गया था। ऐसे व्यक्ति अतिरिक्त उपायुक्त कार्यालय में शिकायत देकर अपने मूल परिवार की फैमिली आईडी में वापस जुड़ सकते हैं। पत्नी और बच्चे अलग आईडी में हों तो वेरिफिकेशन के बाद उन्हें भी संबंधित फैमिली आईडी में जोड़ा जा सकता है।
इसलिए शादी के बाद हर मामले में नई फैमिली आईडी अपने आप नहीं बनती। परिवार की वास्तविक स्थिति के अनुसार सदस्य को दूसरी फैमिली आईडी में ट्रांसफर, मर्ज या अलग परिवार के रूप में वेरिफाई किया जा सकता है।
एक ही घर में रहते हुए अलग फैमिली आईडी बन सकती है?
इस मामले में बिना वेरिफिकेशन के यह नहीं माना जाना चाहिए कि केवल दो अलग रसोई या आय अलग बताने से अपने आप नई फैमिली आईडी बन जाएगी।
पुराने क्रिड दिशा-निर्देशों में फैमिली स्प्लिट के मामलों में अलग निवास और बिजली कनेक्शन जैसी जानकारी का इस्तेमाल वेरिफिकेशन में किया जाता रहा है।
2026 में सार्वजनिक तौर पर उपलब्ध ताजा सरकारी जानकारी में फैमिली स्प्लिट के लिए सभी परिस्थितियों की एक नई विस्तृत डॉक्यूमेंट लिस्ट नहीं दी गई है।
इसलिए परिवार अलग कराने के लिए पहले क्रिड/पीपीपी अधिकारी से अपने केस के हिसाब से मौजूदा शर्त पता करना बेहतर रहेगा।
कच्ची छत का वेरिफिकेशन कैसे होगा?
कच्ची छत का स्टेटस केवल कागजों के आधार पर नहीं तय किया जाएगा।
सरकार ने इसके लिए फिजिकल वेरिफिकेशन का प्रावधान रखा है। मकान की फोटो ली जाएगी और फोटो में परिवार के एक सदस्य को भी शामिल किया जाएगा।
अगर फैमिली आईडी में मकान की स्थिति वास्तविक स्थिति से अलग दर्ज है तो यह वेरिफिकेशन महत्वपूर्ण हो सकता है।
ग्राम सभा में फैमिली आईडी वेरिफिकेशन के लिए कौन से डॉक्यूमेंट लेकर जाएं?
राज्य सरकार ने सभी परिवारों के लिए एक जैसी फिक्स डॉक्यूमेंट लिस्ट जारी नहीं की है।
इसलिए आधार कार्ड, राशन कार्ड या आय प्रमाण पत्र को हर मामले में अनिवार्य बताना सही नहीं होगा।
जिस गांव में ग्राम सभा होगी, वहां ग्राम सचिव या पंचायत की ओर से मुनादी के दौरान अगर किसी खास दस्तावेज की जानकारी दी जाती है तो उसे जरूर साथ रखें।
अगर आपकी शिकायत किसी खास रिकॉर्ड से जुड़ी है—जैसे परिवार सदस्य, व्यवसाय, घर की स्थिति या आय—तो उससे संबंधित उपलब्ध प्रमाण साथ रखना उपयोगी हो सकता है।
ग्राम सभा में किन परिवारों को जाना चाहिए?
इस अभियान में खास तौर पर उन परिवारों का वेरिफिकेशन होना है जिनकी फैमिली आईडी में—
- परिवार संरचना वेरिफाई होनी है
- एएवाई स्टेटस की जांच होनी है
- सालाना आय 1.80 लाख रुपये से कम है
- कच्ची छत का स्टेटस चेक होना है
- कमाने वाले सदस्य का व्यवसाय वेरिफाई होना है
अगर आपकी फैमिली आईडी में आय, सदस्य, व्यवसाय या दूसरी जानकारी को लेकर पहले से समस्या है तो अपने गांव की ग्राम सभा की तारीख जरूर पता करें।
ग्राम सभा में नहीं गए तो फैमिली आईडी बंद हो जाएगी?
सरकार की अभी उपलब्ध जानकारी में ऐसा कोई सामान्य नियम नहीं है कि ग्राम सभा में उपस्थित न होने पर फैमिली आईडी अपने आप बंद हो जाएगी या सभी सरकारी लाभ तुरंत रुक जाएंगे।
इस तरह की अफवाहों पर भरोसा नहीं करना चाहिए।
लेकिन जिन परिवारों का वेरिफिकेशन पेंडिंग है, उनके लिए प्रक्रिया पूरी करवाना जरूरी है क्योंकि सरकार खुद बता चुकी है कि पेंडिंग वेरिफिकेशन के कारण कई परिवार योजनाओं का लाभ नहीं ले पा रहे हैं।
फैमिली आईडी वेरिफिकेशन के बाद योजना का लाभ कब मिलेगा?
इसकी कोई एक तय समय सीमा ग्राम सभा संबंधी आदेश में नहीं दी गई है।
पहले संबंधित जानकारी वेरिफाई होकर फैमिली आईडी रिकॉर्ड में अपडेट होनी जरूरी है। इसके बाद जिस सरकारी योजना का लाभ लेना है, वह विभाग अपनी पात्रता और दूसरे नियम चेक करेगा।
इसलिए ग्राम सभा में आय ठीक होते ही उसी दिन राशन कार्ड, पेंशन, आयुष्मान कार्ड या दूसरी योजना शुरू होने की गारंटी नहीं है।
फैमिली आईडी में उम्र का वेरिफिकेशन पेंडिंग है तो क्या करें?
उम्र से जुड़े मामलों के लिए सरकार ने अलग व्यवस्था बताई है।
मुख्यमंत्री की मई में हुई समीक्षा बैठक में निर्देश दिए गए थे कि जिन नागरिकों की उम्र वेरिफिकेशन रिक्वेस्ट पेंडिंग है, उनका वेरिफिकेशन अतिरिक्त उपायुक्त के माध्यम से कराया जाए।
इसलिए जन्मतिथि या उम्र का मामला मौजूदा इनकम ग्राम सभा प्रक्रिया से अलग हो सकता है।
गांव में फैमिली आईडी की विशेष ग्राम सभा कब लगेगी?
पूरे हरियाणा के सभी गांवों में एक ही तारीख को ग्राम सभा नहीं लगेगी।
जिला और पंचायत स्तर पर अलग-अलग शेड्यूल जारी किए जा रहे हैं। राज्य सरकार ने पहले चरण को 2 अक्टूबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है।
पलवल जिले के हथीन ब्लॉक में पंचायतवार कार्यक्रम 7 सितंबर से शुरू होगा।
हथीन में किस गांव में कब लगेगी फैमिली आईडी वेरिफिकेशन ग्राम सभा?
| तारीख | ग्राम पंचायत |
|---|---|
| 7 सितंबर | आली ब्राह्मण, आली मेव |
| 8 सितंबर | अंधोप, अंधरोला |
| 9 सितंबर | बाबूपुर हथीन, बहीन |
| 10 सितंबर | बजादा पहाड़ी, भमरौला जोगी |
| 11 सितंबर | भंगुरी पलवल, भीमसिका |
| 14 सितंबर | भुढ़पुर, बिचपुरी |
| 15 सितंबर | बिघावली, बुराका हथीन |
| 16 सितंबर | छायंसा, चिल्ली |
| 17 सितंबर | धाकलपुर, धिरंकी |
| 18 सितंबर | दुरेंची, फिरोजपुर राजपूत |
| 21 सितंबर | गढ़ी विनोदा, गहलब |
| 22 सितंबर | घर्रोट, घिगड़ाका |
| 24 सितंबर | घुडावली, गोहपुर |
| 25 सितंबर | गुराकसर, हुचपुरी कलां |
| 28 सितंबर | हुडीथल, जैनपुर |
| 29 सितंबर | जलालपुर हथीन, जनाचोली |
| 30 सितंबर | जरारी, कलसाड़ा |
| 1 अक्टूबर | कानोली, खाइका |
ज्यादातर ग्राम सभाएं संबंधित गांव की राजकीय प्राथमिक पाठशाला में होंगी। फिरोजपुर राजपूत में ग्राम सभा ग्राम सचिवालय में आयोजित की जाएगी।
यह तारीखवार शेड्यूल केवल हथीन ब्लॉक का है। हरियाणा के दूसरे जिलों के लोगों को अपनी पंचायत का अलग शेड्यूल देखना होगा।
हरियाणा में अभी फैमिली आईडी का वेरिफिकेशन क्यों कराया जा रहा है?
सरकार के सामने सबसे बड़ी समस्या परिवारों की आय और दूसरी जानकारियों की अलग-अलग वेरिफिकेशन रिपोर्ट रही है।
कई मामलों में सरकारी टीम और लोकल ऑपरेटर द्वारा बताई गई आय में अंतर था। इसके कारण वास्तविक आय तय करने और योजनाओं की पात्रता में परेशानी आ रही थी।
इसी वजह से अब ग्राम सभा के जरिए स्थानीय स्तर पर परिवार की वास्तविक स्थिति की पुष्टि कराई जा रही है। बाद में इसमें परिवार संरचना, एएवाई परिवार, 1.80 लाख रुपये से कम आय, कच्ची छत और व्यवसाय को भी शामिल कर दिया गया।
इसलिए जिन परिवारों की फैमिली आईडी में आय ज्यादा दर्ज है, सदस्य गलत हैं, फैमिली अलग हो चुकी है लेकिन रिकॉर्ड एक है, व्यवसाय गलत है या दूसरी जानकारी वास्तविक स्थिति से मेल नहीं खाती, उनके लिए यह ग्राम सभा अभियान महत्वपूर्ण हो सकता है।








