गुरुग्राम: 670 एकड़ जमीन पर बनेगा Greater SPR, जानें कौन से 14 गांव से कितनी ली जाएगी जमीन और कितना मिलेगा मुआवजा
गुरुग्राम के Greater SPR के लिए 14 गांवों की करीब 670 एकड़ जमीन अधिग्रहित होगी। देखें किस गांव से कितनी जमीन ली जाएगी और मुआवजा कितना मिल सकता है।

Local Haryana, Greater SPR, गुरुग्राम। गुरुग्राम की लंबे समय से अटकी ग्रेटर सदर्न पेरिफेरल रोड (Greater SPR) परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए 14 गांवों की करीब 670 एकड़ जमीन अधिग्रहित की जानी है। यह जमीन दो चरणों में ली जाएगी। पहले चरण में छह गांवों की करीब 276 एकड़ और दूसरे चरण में आठ गांवों की लगभग 394 एकड़ जमीन परियोजना के दायरे में आएगी। करीब 21 किलोमीटर लंबी यह सड़क सेक्टर-58 की तरफ से मानेसर तक विकसित की जानी है और नए गुरुग्राम के लिए बाहरी रिंग रोड जैसा विकल्प तैयार करेगी।
जमीन मालिकों के लिए सबसे बड़ा सवाल मुआवजे का है। पहले सामने आई रिपोर्टों में कुछ गांवों में करीब 6.5 से 8 करोड़ रुपये प्रति एकड़ और प्रीमियम लोकेशन वाले हिस्सों में 11 करोड़ रुपये प्रति एकड़ तक मुआवजा पहुंचने का अनुमान जताया गया है। हालांकि यह सभी 14 गांवों के लिए तय एक समान दर नहीं है। उपलब्ध आधिकारिक और विश्वसनीय रिपोर्टिंग में अंतिम गांववार मुआवजा दर अभी स्पष्ट रूप से घोषित नहीं हुई है। मुआवजा तय करने के लिए पुराने कलेक्टर रेट और जमीन की रजिस्ट्री दरों को आधार बनाया जा रहा है।
14 गांवों में किसकी कितनी जमीन आएगी प्रोजेक्ट में
भूमि अधिग्रहण का सबसे बड़ा हिस्सा बार गुर्जर, कादरपुर, सकतपुर और टीकली जैसे गांवों में आएगा। उपलब्ध भूमि अधिग्रहण विवरण के अनुसार गांववार जमीन इस प्रकार है:
| गांव | अधिग्रहित की जाने वाली जमीन |
|---|---|
| बहरामपुर | 26.38 एकड़ |
| उल्लावास | 17.181 एकड़ |
| कादरपुर | 76.937 एकड़ |
| मैदावास | 49.775 एकड़ |
| धुमसपुर | 54.481 एकड़ |
| बादशाहपुर | 51.681 एकड़ |
| अकलीमपुर | 5.95 एकड़ |
| टीकली | 62.95 एकड़ |
| सकतपुर | 68.60 एकड़ |
| शिकोहपुर | 15.92 एकड़ |
| नौरंगपुर | 48.41 एकड़ |
| बार गुर्जर | 99.13 एकड़ |
| मानेसर | 33.15 एकड़ |
| नैनवाल | 59.92 एकड़ |
इन आंकड़ों को जोड़ने पर कुल जमीन करीब 670.46 एकड़ बैठती है, जिसे परियोजना से जुड़ी रिपोर्टों में लगभग 670 या 671 एकड़ बताया जा रहा है।
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जमीन का मुआवजा किस आधार पर तय होगा
ग्रेटर SPR के लिए मुआवजा सभी गांवों में एक जैसा नहीं रहने वाला है। जमीन की लोकेशन, पुरानी रजिस्ट्री दर और उस समय लागू कलेक्टर रेट के आधार पर रकम अलग हो सकती है।
भूमि अधिग्रहण से जुड़ी प्रक्रिया में 2011 से 2013 के बीच कृषि भूमि की ऊंची रजिस्ट्री दरों का औसत और वर्ष 2013 का कलेक्टर रेट देखा जा रहा है। इनमें जो आधार ज्यादा लाभकारी होगा, उसके अनुसार मुआवजा तय करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जानी है।
यही वजह है कि कुछ स्थानों पर 6.5 से 8 करोड़ रुपये प्रति एकड़ और शिकोहपुर जैसे महंगे क्षेत्र में इससे ज्यादा मुआवजे की संभावना जताई गई है। ₹11 करोड़ प्रति एकड़ अभी अधिकतम संभावित आंकड़ा है, सभी किसानों के लिए घोषित दर नहीं।
12 साल तक अदालत में अटकी रही जमीन अधिग्रहण प्रक्रिया
Greater SPR की जमीन अधिग्रहण प्रक्रिया नई नहीं है। इसके खिलाफ जमीन मालिकों ने वर्ष 2013 में पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट का रुख किया था, जिसके बाद मामला लंबे समय तक अदालत में अटका रहा।
करीब 12 साल तक चली कानूनी प्रक्रिया के बाद 2025 में फैसला सरकार के पक्ष में आने पर जमीन अधिग्रहण की कार्रवाई फिर आगे बढ़ी। इसके बाद नोटिस और अधिग्रहण से जुड़ी प्रक्रिया दोबारा शुरू की गई।
इस कानूनी रुकावट की वजह से परियोजना वर्षों तक जमीन पर नहीं उतर पाई थी।
Sector-58 से Manesar तक बनेगा Greater SPR
ग्रेटर SPR को करीब 21 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर के रूप में विकसित करने की योजना है। इसका उद्देश्य गुरुग्राम के दक्षिणी हिस्से को मानेसर और आगे NH-48 नेटवर्क से बेहतर तरीके से जोड़ना है।
परियोजना पूरी होने पर गुरुग्राम-फरीदाबाद रोड, सोहना रोड और मानेसर की तरफ जाने वाले ट्रैफिक को एक अतिरिक्त बड़ा मार्ग मिलेगा। इससे मौजूदा सड़कों और NH-48 के कुछ हिस्सों पर दबाव कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
Golf Course Extension Road से भी जोड़ने की तैयारी
परियोजना में एक और महत्वपूर्ण बदलाव सामने आया है। प्रस्तावित Greater SPR और Golf Course Extension Road के बीच करीब 300 मीटर का अंतर पाया गया था।
इसे खत्म करने के लिए घाटा गांव के पास करीब छह एकड़ अतिरिक्त जमीन लेकर दोनों सड़कों को जोड़ने की योजना बनाई गई है। प्रस्तावित लिंक करीब 90 मीटर चौड़ा होगा।
इस कनेक्शन के बनने से Golf Course Extension Road की तरफ से आने वाला ट्रैफिक Greater SPR के जरिए मानेसर की दिशा में आगे बढ़ सकेगा और जयपुर की तरफ जाने वालों को भी नया विकल्प मिलेगा।
जमीन मिलने के बाद शुरू होगा सड़क निर्माण का अगला चरण
Greater SPR के लिए GMDA की ओर से DPR तैयार करने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई गई है। जमीन का अधिग्रहण और कब्जा मिलने के बाद निर्माण से जुड़ी अगली प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
यह परियोजना सिर्फ मानेसर की कनेक्टिविटी के लिहाज से महत्वपूर्ण नहीं है। इसके रास्ते में आने वाले नए सेक्टरों और आसपास के गांवों पर भी इसका सीधा असर पड़ेगा। बेहतर सड़क संपर्क बनने से इन इलाकों तक पहुंच आसान होगी, हालांकि संपत्ति की कीमतों में भविष्य में कितना बदलाव होगा, इसे अभी निश्चित रूप से नहीं कहा जा सकता।








