हरियाणा में सफाईकर्मियों पर कार्रवाई तेज, 30 बर्खास्त; हड़ताल 9 सितंबर तक बढ़ी, अब ESMA की तैयारी
हरियाणा में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के बीच 30 कर्मचारियों को बर्खास्त किया गया है। हड़ताल 9 सितंबर तक बढ़ी है और सरकार ESMA पर विचार कर रही है।

चंडीगढ़, 7 सितंबर। हरियाणा में एक महीने से अधिक समय से जारी सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के बीच सरकार और कर्मचारी संगठनों का टकराव और बढ़ गया है। शहरी स्थानीय निकाय विभाग ने कार्रवाई तेज करते हुए पालिका/पेरोल और हरियाणा कौशल रोजगार निगम (HKRN) से जुड़े करीब 30 कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया है। विभाग ने कुछ दिन पहले हड़ताली कर्मचारियों को ड्यूटी पर लौटने का अंतिम मौका दिया था। इसके बाद कुछ कर्मचारी काम पर लौटे, लेकिन बड़ी संख्या में कर्मचारी अभी भी आंदोलन पर डटे हैं।
दूसरी ओर नगर पालिका कर्मचारी संघ ने हड़ताल को 9 सितंबर तक बढ़ा दिया है। कर्मचारी अनुबंधित और पालिका रोल कर्मचारियों के नियमितीकरण की मांग पर कायम हैं और सरकार की जॉब सिक्योरिटी वाली पेशकश को पर्याप्त नहीं मान रहे। हालात को देखते हुए शहरी स्थानीय निकाय निदेशालय अब ESMA के तहत कार्रवाई पर भी विचार कर रहा है, हालांकि अभी ESMA लागू किए जाने की पुष्टि नहीं हुई है। सरकार ने सफाई व्यवस्था बनाए रखने के लिए निकायों को वैकल्पिक कर्मचारियों की व्यवस्था और जरूरत पड़ने पर आउटसोर्सिंग के निर्देश भी दिए हैं।
30 कर्मचारियों को क्यों किया गया बर्खास्त
सरकार ने हड़ताली कर्मचारियों को 5 सितंबर तक काम पर लौटने की चेतावनी दी थी। निर्धारित समय में ड्यूटी ज्वाइन नहीं करने पर कानूनी और विभागीय कार्रवाई की बात कही गई थी।
7 सितंबर की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक इसके बाद करीब 30 कर्मचारियों को सेवा से हटा दिया गया है। इनमें पालिका/पेरोल और HKRN के तहत काम करने वाले कर्मचारी शामिल बताए गए हैं। हालांकि इन 30 कर्मचारियों का निकायवार और श्रेणीवार विस्तृत ब्योरा फिलहाल सार्वजनिक रिपोर्ट में नहीं दिया गया है।
इससे एक दिन पहले सामने आई जानकारी में विभाग 30 कर्मचारियों पर कार्रवाई की तैयारी में था। उस रिपोर्ट में 11 नियमित और 19 अनुबंधित कर्मचारियों का जिक्र था, जिनके खिलाफ पिछले एक महीने के दौरान कूड़ा उठाने में बाधा डालने से संबंधित एफआईआर दर्ज होने की बात कही गई थी।
सफाई कर्मचारियों की हड़ताल कब तक चलेगी
नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा ने आंदोलन को तीन दिन और बढ़ाते हुए 9 सितंबर तक हड़ताल जारी रखने का फैसला किया है।
संघ के राज्य प्रधान नरेश शास्त्री का कहना है कि कर्मचारियों की मुख्य मांग अनुबंधित कर्मियों का नियमितीकरण है। कर्मचारी संगठन ने सरकार की ओर से दी जा रही केवल जॉब सिक्योरिटी को स्वीकार नहीं किया है।
यानी बर्खास्तगी के बावजूद फिलहाल हड़ताल खत्म होने के संकेत नहीं हैं।
क्या हरियाणा में अब ESMA लागू होगा
फिलहाल ESMA लागू नहीं हुआ है। ताजा जानकारी के मुताबिक लंबे समय से हड़ताल जारी रहने और शहरों में सफाई व्यवस्था प्रभावित होने के कारण शहरी स्थानीय निकाय निदेशालय ESMA के तहत कार्रवाई करने पर विचार कर रहा है।
इसलिए इस समय इसे “ESMA लागू कर दिया गया” कहना सही नहीं होगा। आगे सरकार की तरफ से औपचारिक आदेश आने के बाद ही स्थिति साफ होगी।
सरकार ने सफाई कर्मचारियों को क्या ऑफर दिया है
सरकार और कर्मचारियों के बीच विवाद का बड़ा मुद्दा जॉब सिक्योरिटी बनाम नियमितीकरण है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विधानसभा में कहा था कि सफाई कर्मचारियों की 12 मांगें मानी जा चुकी हैं और न्यायालय में विचाराधीन मामलों में अदालत के निर्देशों के अनुसार आगे कार्रवाई होगी।
सरकार पालिका रोल के पात्र कर्मचारियों को Haryana Contractual Employees (Security of Service) Act, 2024 के दायरे में लाकर सेवा सुरक्षा देने की बात भी कह चुकी है। दूसरी तरफ कर्मचारी संगठन सीधी नियमित सरकारी नौकरी की मांग कर रहा है।
यही वजह है कि सरकार की पेशकश के बावजूद आंदोलन जारी है।
हड़ताल के बीच शहरों में सफाई कैसे होगी
लंबी हड़ताल के कारण कई शहरों में कूड़ा उठान और सफाई व्यवस्था प्रभावित हुई है। सरकार ने स्थानीय निकायों को हड़ताली या अनुपस्थित कर्मचारियों की जगह आउटसोर्सिंग के जरिए वैकल्पिक मैनपावर और मशीनरी लगाने के निर्देश दिए हैं।
कुछ नगर निगमों में इसके लिए आपात टेंडर प्रक्रिया भी शुरू करने को कहा गया है। सरकार का तर्क है कि कर्मचारियों और सरकार के बीच विवाद के कारण आम लोगों की सफाई जैसी जरूरी सेवा लंबे समय तक प्रभावित नहीं होने दी जा सकती।
हिसार-फरीदाबाद में भी बढ़ा टकराव
हड़ताल के दौरान अलग-अलग जिलों में कर्मचारी संगठनों और प्रशासन के बीच तनाव भी बढ़ा है।
हिसार में कूड़ा उठाने वाली नगर निगम की गाड़ी पर हमले और सरकारी काम में बाधा डालने के मामले में सफाई कर्मचारी यूनियन के प्रधान को गिरफ्तार किया गया। वहीं फरीदाबाद में एक प्रदर्शन से जुड़े मामले में यूनियन पदाधिकारी के निलंबन और कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर की कार्रवाई सामने आई है।
अग्निशमन विभाग में भी कार्रवाई हुई है। गुरुग्राम में एक पालिका रोल कर्मचारी को निलंबित और तीन HKRN कर्मचारियों को बर्खास्त करने के आदेश दिए गए हैं।








