हरियाणा में 12 सितंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत, चालान-बैंक लोन से पारिवारिक विवाद तक; जानें कौन से केस निपटेंगे और कैसे मिलेगा मौका
हरियाणा में 12 सितंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत लगेगी। जानें कौन से केस निपटेंगे, करनाल-गुरुग्राम-रोहतक समेत जिलों में कहां आयोजन होगा और चालान व बैंक मामलों की प्रक्रिया क्या है।

चंडीगढ़, 8 सितंबर। हरियाणा में अदालतों में लंबित और आपसी समझौते से सुलझ सकने वाले मामलों के निपटारे के लिए 12 सितंबर 2026 को राष्ट्रीय लोक अदालत लगाई जाएगी। हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यक्रम के अनुसार यह इस साल की तीसरी राष्ट्रीय लोक अदालत है। इससे पहले 14 मार्च और 9 मई को लोक अदालत आयोजित हो चुकी हैं, जबकि अगली राष्ट्रीय लोक अदालत 12 दिसंबर को होगी।
प्रदेश के अलग-अलग जिला और उपमंडलीय न्यायिक परिसरों में लोक अदालत के लिए तैयारियां की जा रही हैं। ट्रैफिक चालान, बैंक रिकवरी, मोटर दुर्घटना दावे, पारिवारिक विवाद, दीवानी मामले, समझौता योग्य फौजदारी मामले, श्रम विवाद, भूमि अधिग्रहण, बिजली-पानी बिल और राजस्व से जुड़े मामलों को आपसी सहमति से निपटाया जा सकेगा। रेवाड़ी, रोहतक, पलवल और कैथल की ताजा आधिकारिक सूचनाओं में इन श्रेणियों का स्पष्ट उल्लेख किया गया है।
लोक अदालत का फायदा यह है कि यहां किसी पक्ष पर फैसला थोपा नहीं जाता। समझौता दोनों पक्षों की सहमति से होता है और निपटारा होने के बाद मामला अंतिम रूप से समाप्त हो सकता है। यही वजह है कि 12 सितंबर की लोक अदालत को केवल एक दिन की खबर की तरह नहीं, बल्कि उन लोगों के लिए मौके के रूप में देखना चाहिए जिनका मामला लंबे समय से अटका हुआ है।
राष्ट्रीय लोक अदालत में कौन-कौन से केसों का निपटारा हो सकता है?
हर मामला लोक अदालत में नहीं लिया जाता। इसका सबसे बड़ा आधार यह है कि विवाद समझौते योग्य हो और दोनों पक्ष समाधान के लिए तैयार हों।
हरियाणा के अलग-अलग जिलों की 12 सितंबर वाली सूचनाओं में ट्रैफिक चालान, बैंक रिकवरी, मोटर वाहन दुर्घटना से जुड़े दावे, पारिवारिक विवाद, दीवानी मामले, श्रम विवाद, भूमि अधिग्रहण, बिजली-पानी बिल और राजस्व मामले शामिल किए गए हैं। कैथल की आधिकारिक सूचना में प्री-लिटिगेशन मामलों का भी उल्लेख है, यानी कुछ विवाद कोर्ट में केस दर्ज होने से पहले भी समझौते के लिए लोक अदालत तक पहुंच सकते हैं।
पलवल की सूचना में बैंक लोन, मोटर एक्सीडेंट, एनआई एक्ट, फौजदारी, रेवेन्यू और वैवाहिक विवाद जैसे मामलों का जिक्र है।
12 सितंबर को हरियाणा में कहां-कहां लगेगी राष्ट्रीय लोक अदालत?
अब तक जिन जिलों और उपमंडलों की ताजा आधिकारिक सूचना सामने आई है, वहां लोक अदालत का स्थान इस प्रकार है:
| जिला | 12 सितंबर को लोक अदालत कहां लगेगी |
|---|---|
| करनाल | जिला न्यायालय करनाल के साथ इंद्री, असंध और घरौंडा की अदालतों में |
| रेवाड़ी | रेवाड़ी, कोसली और बावल न्यायिक परिसर में |
| रोहतक | रोहतक न्यायिक परिसर और महम न्यायिक परिसर में |
| पलवल | पलवल, होडल और हथीन न्यायिक परिसर में; यहां कार्यक्रम सुबह 10 बजे से शुरू होगा |
| कैथल | कैथल न्यायिक परिसर में |
| गुरुग्राम | जिला न्यायालय परिसर में; ट्रैफिक चालान के लिए Tower of Justice में अलग हेल्प डेस्क भी बनाया गया है |
हरियाणा के दूसरे जिलों में भी राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन होना है, लेकिन हर जिले की bench, sub-division और exact location की ताजा सूचना एक साथ सार्वजनिक नहीं हुई है। इसलिए हिसार, सिरसा, सोनीपत, फरीदाबाद, पानीपत, झज्जर, भिवानी, फतेहाबाद, जींद, पंचकूला, कुरुक्षेत्र, यमुनानगर, नूंह या महेंद्रगढ़ में किसी खास कोर्ट में जाने से पहले संबंधित जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से स्थान और समय की पुष्टि करना बेहतर रहेगा।
करनाल में 12 सितंबर को लगेगी लोक अदालत, इंद्री-असंध-घरौंडा में भी निपटेंगे केस
ट्रैफिक चालान का निपटारा कैसे होगा?
12 सितंबर की राष्ट्रीय लोक अदालत को लेकर सबसे ज्यादा interest ट्रैफिक चालान में है। गुरुग्राम में इसके लिए अलग व्यवस्था भी की गई है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने 3 से 12 सितंबर तक Tower of Justice के ग्राउंड फ्लोर पर हेल्प डेस्क बनाया है, जहां लोग अपने लंबित चालान की जानकारी ले सकते हैं।
गुरुग्राम में नागरिक वाहन नंबर के जरिए भी अपने चालान की जानकारी पता कर सकते हैं। पहचान पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन के दस्तावेजों की कॉपी लेकर हेल्प डेस्क पर जाने की सलाह दी गई है। वहां से संबंधित व्यक्ति को केस और रोल नंबर की जानकारी दी जाती है, जिसके आधार पर वह संबंधित अदालत में अपना मामला रख सकता है।
यह समझना जरूरी है कि लोक अदालत में हर चालान अपने आप माफ नहीं होता और न ही पूरे हरियाणा के लिए कोई तय प्रतिशत छूट घोषित की गई है। निपटारा चालान की प्रकृति और संबंधित अदालत की प्रक्रिया के अनुसार होगा।
कोर्ट में केस दर्ज नहीं है तो भी लोक अदालत का फायदा मिल सकता है
लोक अदालत केवल अदालतों में पहले से लंबित मामलों तक सीमित नहीं है। प्री-लिटिगेशन मामलों को भी इसमें लिया जा सकता है।
इसका मतलब है कि अगर कोई विवाद अभी नियमित कोर्ट केस नहीं बना है, लेकिन दोनों पक्ष आपसी समझौते से समाधान चाहते हैं, तो संबंधित विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से मामला लोक अदालत तक पहुंच सकता है। कैथल की 12 सितंबर की आधिकारिक सूचना में प्री-लिटिगेशन मामलों को स्पष्ट रूप से शामिल किया गया है।
लोक अदालत में केस लगवाने के लिए कहां संपर्क करें?
अगर आपका मामला पहले से अदालत में चल रहा है तो संबंधित अदालत या जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) से संपर्क किया जा सकता है।
पलवल में प्रशासन ने साफ किया है कि पक्षकार स्वयं या अपने अधिवक्ता के माध्यम से लोक अदालत में अपने मामले का निपटारा करा सकते हैं।
किसी व्यक्ति को यह पता नहीं है कि उसका मामला लोक अदालत में लिया जा सकता है या नहीं, तो वह अपने जिले के DLSA कार्यालय से जानकारी ले सकता है। मुफ्त कानूनी सहायता और सामान्य मार्गदर्शन के लिए NALSA की टोल-फ्री हेल्पलाइन 15100 भी उपलब्ध है।
लोक अदालत में फीस और फैसले का क्या नियम है?
लोक अदालत का मकसद विवाद को कम खर्च और कम समय में सुलझाना है। हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण इसे ऐसा वैकल्पिक विवाद समाधान माध्यम बताता है जहां पक्षकारों के बीच सहमति से मामलों का त्वरित और अंतिम निपटारा किया जाता है और इसके लिए अलग से अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाता।
अगर समझौता हो जाता है तो लोक अदालत का award पक्षकारों पर बाध्यकारी होता है। इसी वजह से अधिकारियों की ओर से बार-बार कहा जा रहा है कि समझौते की शर्तों को समझकर ही सहमति दें।
12 सितंबर के बाद अगली राष्ट्रीय लोक अदालत कब लगेगी?
12 सितंबर 2026 की लोक अदालत इस साल की तीसरी राष्ट्रीय लोक अदालत है। इसके बाद वर्ष की अगली और अंतिम राष्ट्रीय लोक अदालत 12 दिसंबर 2026 को होगी।
इसलिए जो मामला 12 सितंबर को सूचीबद्ध नहीं हो पाता या जिसमें अभी समझौते की स्थिति नहीं बनती, उसके लिए आगे भी मौका रहेगा। हालांकि किसी केस की पात्रता और listing संबंधित अदालत या DLSA ही तय करेगा।








