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हरियाणा के 50 हजार खिलाड़ियों तक पहुंचेगा ‘खेल-पे-चर्चा’ अभियान, 23 जिलों में मिलेगी ट्रेनिंग से लेकर करियर तक की जानकारी

हरियाणा में 24 अगस्त से खेल-पे-चर्चा अभियान शुरू होगा। 23 जिलों के करीब 50 हजार खिलाड़ियों को ट्रेनिंग, पोषण, डोपिंग नियम और सरकारी योजनाओं की जानकारी मिलेगी।

हरियाणा खेल-पे-चर्चा अभियान में युवा खिलाड़ियों के लिए प्रशिक्षण और खेल योजनाओं की जानकारी
हरियाणा खेल-पे-चर्चा अभियान में युवा खिलाड़ियों के लिए प्रशिक्षण और खेल योजनाओं की जानकारी

हरियाणा में युवा खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, सही पोषण, मानसिक मजबूती और खेल से जुड़ी सरकारी योजनाओं की जानकारी देने के लिए ‘खेल-पे-चर्चा: खिलाड़ियों के संग’ अभियान शुरू होने जा रहा है। इसका औपचारिक शुभारंभ 24 अगस्त 2026 को चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय, जींद से होगा। अभियान को चरणबद्ध तरीके से प्रदेश के सभी 23 जिलों तक ले जाने और करीब 50 हजार खिलाड़ियों को इससे जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।

इस अभियान में खास तौर पर खेल नर्सरियों में प्रशिक्षण ले रहे 12 से 18 वर्ष आयु वर्ग के खिलाड़ियों को प्राथमिकता दी जाएगी। हर जिले में लगभग 1,500 से 2,000 खिलाड़ियों को जोड़ने की योजना है। ओलंपियन, पैरालंपियन, प्रशिक्षक, शारीरिक शिक्षा शिक्षक, खेल विशेषज्ञ और विभागीय अधिकारी भी इन सत्रों में शामिल होंगे।

12 से 18 साल के खिलाड़ियों पर रहेगा खास फोकस

खेल विभाग का लक्ष्य केवल पहले से स्थापित खिलाड़ियों तक पहुंचना नहीं है। इस अभियान में उन युवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी जो अभी खेल नर्सरियों में प्रशिक्षण ले रहे हैं और अपने करियर की शुरुआती अवस्था में हैं।

इस उम्र में खिलाड़ियों को सही तकनीक, संतुलित आहार, शरीर की रिकवरी, चोटों से बचाव और प्रतियोगिता के दबाव से निपटने की जानकारी समय पर मिलना काफी महत्वपूर्ण होता है। इसी वजह से अभियान में 12 से 18 वर्ष के उभरते खिलाड़ियों को विशेष रूप से जोड़ा जाएगा।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेल चुके खिलाड़ी और अनुभवी प्रशिक्षक भी युवा खिलाड़ियों से संवाद करेंगे, ताकि उन्हें केवल किताबों या सामान्य प्रशिक्षण तक सीमित जानकारी न मिले बल्कि मैदान के वास्तविक अनुभव से भी सीखने का मौका मिले।

खिलाड़ियों को क्या-क्या सिखाया जाएगा?

अभियान के दौरान खिलाड़ियों के लिए व्यावहारिक सत्र आयोजित किए जाएंगे। इनमें केवल खेल तकनीक ही नहीं, बल्कि शरीर और मानसिक तैयारी से जुड़े कई विषय शामिल होंगे।

खिलाड़ियों को संतुलित आहार, पर्याप्त पानी पीने, अभ्यास के बाद शरीर को आराम देने, पूरक आहार के सही उपयोग और भोजन की सही योजना के बारे में बताया जाएगा। इसके साथ वार्म-अप, ताकत बढ़ाने वाले अभ्यास, शरीर की लचक, तेज प्रतिक्रिया, स्ट्रेचिंग और वैज्ञानिक प्रशिक्षण पद्धतियों पर भी विशेषज्ञ जानकारी देंगे।

प्रतियोगिताओं के दौरान दबाव से कैसे निपटें, लक्ष्य कैसे तय करें, आत्मविश्वास कैसे बनाए रखें और ध्यान केंद्रित रखने की तकनीकें भी सिखाई जाएंगी।

चोटों से बचाव के लिए प्राथमिक उपचार, कूल-डाउन, टेपिंग और चोट के बाद दोबारा अभ्यास में लौटने की प्रक्रिया पर भी जानकारी दी जाएगी।

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सरकारी योजनाओं और खेल करियर की भी मिलेगी जानकारी

कई खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन करने के बावजूद सरकारी खेल योजनाओं, पुरस्कारों और छात्रवृत्तियों की पूरी जानकारी नहीं होने के कारण उनका लाभ नहीं उठा पाते। इस कमी को दूर करने के लिए अभियान में खेल विभाग के अधिकारी सीधे खिलाड़ियों को सरकारी योजनाओं के बारे में बताएंगे।

इसमें उत्कृष्ट खिलाड़ी नीति, नकद पुरस्कार योजना, छात्रवृत्ति और खेल आरक्षण से जुड़ी जानकारी शामिल होगी। इससे युवा खिलाड़ियों को यह समझने में मदद मिलेगी कि बेहतर प्रदर्शन के बाद उनके लिए कौन-कौन से सरकारी अवसर उपलब्ध हो सकते हैं।

हरियाणा सरकार पहले से खिलाड़ियों के लिए नकद पुरस्कार, छात्रवृत्ति, खेल नर्सरियों और सरकारी नौकरी जैसी योजनाएं चला रही है। राज्य सरकार के मुताबिक 8 से 14 वर्ष के खिलाड़ियों के लिए 1,500 रुपये और 15 से 19 वर्ष तक के खिलाड़ियों के लिए 2,000 रुपये मासिक छात्रवृत्ति का प्रावधान है।

डोपिंग से बचाव पर भी रहेगा खास जोर

अभियान में स्वच्छ खेल को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी के विशेषज्ञ भी शामिल होंगे। वे खिलाड़ियों को प्रतिबंधित पदार्थों, डोप जांच और उससे जुड़े नियमों की जानकारी देंगे।

यह जानकारी खास तौर पर युवा खिलाड़ियों के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि कई बार खिलाड़ी बिना पूरी जानकारी के ऐसे पूरक आहार या दवाएं ले लेते हैं जिनमें प्रतिबंधित तत्व हो सकते हैं।

कार्यक्रम में खेल प्रश्नोत्तरी भी आयोजित की जाएगी, ताकि खिलाड़ी डोपिंग से जुड़े नियमों को आसान तरीके से समझ सकें। अच्छा प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र और स्मृति चिन्ह भी दिए जाएंगे।

दिग्गज खिलाड़ियों से सीधे सवाल पूछ सकेंगे युवा

अभियान का एक अहम हिस्सा ‘चैंपियंस स्टोरी’ सत्र होगा। इसमें अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता खिलाड़ी अपने संघर्ष, प्रशिक्षण, अनुशासन और सफलता की यात्रा युवा खिलाड़ियों के साथ साझा करेंगे।

युवा खिलाड़ियों को खेल मंत्री गौरव गौतम और अनुभवी खिलाड़ियों से सीधे संवाद करने का मौका भी मिलेगा। वे अपने खेल करियर, प्रशिक्षण, प्रतियोगिता के दबाव और आगे बढ़ने के रास्तों को लेकर सवाल पूछ सकेंगे।

इसका उद्देश्य युवा खिलाड़ियों को सिर्फ प्रेरित करना नहीं, बल्कि उन्हें अपने खेल करियर को ज्यादा समझदारी और वैज्ञानिक तरीके से आगे बढ़ाने में मदद करना है।

खिलाड़ियों की राय भी दर्ज करेगी सरकार

इस अभियान के दौरान खिलाड़ियों से सुझाव और अनुभव भी लिए जाएंगे। इन प्रतिक्रियाओं का एक डिजिटल फीडबैक रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा, ताकि भविष्य की खेल नीतियों और कार्यक्रमों में खिलाड़ियों की वास्तविक जरूरतों को शामिल किया जा सके।

खेल मंत्री गौरव गौतम के मुताबिक सरकार चाहती है कि खिलाड़ी केवल पदक जीतने तक सीमित न रहें, बल्कि वे प्रशिक्षण, पोषण, मानसिक तैयारी और खेल नियमों के बारे में भी जागरूक हों।

24 अगस्त को जींद से शुरुआत के बाद अभियान चरणबद्ध तरीके से हरियाणा के सभी 23 जिलों तक पहुंचाया जाएगा।

लेखक

Sandeep Kumar

संदीप कुमार LocalHaryana.com के संस्थापक और संपादक हैं। वे वर्ष 2020 से डिजिटल पत्रकारिता और ऑनलाइन समाचार प्रकाशन के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं। वे मुख्य रूप से हरियाणा समाचार, सरकारी योजनाएं, नौकरियां, शिक्षा, खेतीबाड़ी और मौसम से जुड़े विषयों पर लेखन और संपादन करते हैं। उनका प्रयास पाठकों तक तथ्य आधारित, स्पष्ट और उपयोगी जानकारी सरल हिंदी में पहुँचाना है। LocalHaryana.com पर प्रकाशित सामग्री उपलब्ध आधिकारिक सूचनाओं और विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर तैयार की जाती है।

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