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हरियाणा के वीरेंद्र कुमार को बड़ा सम्मान, द्रोणाचार्य पुरस्कार के लिए हुआ चयन, CM सैनी ने दी बधाई

झज्जर के वीरेंद्र कुमार को द्रोणाचार्य पुरस्कार (लाइफटाइम) के लिए चुना गया है। वे Deafl…

झज्जर के वीरेंद्र कुमार को मिलेगा द्रोणाचार्य पुरस्कार, CM सैनी ने दी बधाई

हरियाणा के झज्जर जिले के वीरेंद्र कुमार को खेल जगत में उनके लंबे योगदान के लिए द्रोणाचार्य पुरस्कार (लाइफटाइम) से सम्मानित किया जाएगा। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने उनकी इस उपलब्धि पर बधाई देते हुए कहा है कि वीरेंद्र कुमार ने अपनी प्रतिभा, मेहनत और समर्पण से देश और प्रदेश का नाम रोशन किया है।

वीरेंद्र कुमार की पहचान सिर्फ एक खिलाड़ी के तौर पर नहीं है। Deaflympics में तीन स्वर्ण पदक जीतने वाले पहलवान के रूप में उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का गौरव बढ़ाया और बाद में खिलाड़ियों को तैयार करने में भी योगदान दिया।

झज्जर के वीरेंद्र कुमार को मिलेगा द्रोणाचार्य पुरस्कार, CM सैनी ने दी बधाई
झज्जर के वीरेंद्र कुमार को मिलेगा द्रोणाचार्य पुरस्कार, CM सैनी ने दी बधाई

कौन हैं झज्जर के वीरेंद्र कुमार?

वीरेंद्र कुमार का जन्म हरियाणा के झज्जर जिले के ससरोली गांव में हुआ। वे फ्रीस्टाइल कुश्ती में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं और Deaflympics में शानदार प्रदर्शन के कारण उनकी अलग पहचान बनी।

उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार उन्होंने 2005 मेलबर्न, 2013 सोफिया और 2017 सैमसन Deaflympics में स्वर्ण पदक जीते। 2009 में ताइपे में उन्होंने कांस्य पदक भी हासिल किया। इस तरह उनके Deaflympics खाते में 3 स्वर्ण और 1 कांस्य दर्ज हैं।

उनकी यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि वे Deaflympics में कई बार पदक जीतने वाले भारत के प्रमुख खिलाड़ियों में शामिल रहे हैं।

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Deaflympics में कब-कब जीता गोल्ड?

वीरेंद्र कुमार ने तीन अलग-अलग Deaflympics में कुश्ती का स्वर्ण पदक अपने नाम किया।

वर्ष स्थान उपलब्धि
2005 मेलबर्न  स्वर्ण
2009 ताइपे  कांस्य
2013 सोफिया  स्वर्ण
2017 सैमसन  स्वर्ण

इस प्रदर्शन के साथ वे Deaflympics में तीन स्वर्ण पदक जीतने वाले भारतीय खिलाड़ियों में खास स्थान रखते हैं।

खेल रत्न, अर्जुन पुरस्कार और पद्म श्री से भी सम्मानित

वीरेंद्र कुमार को अपने खेल करियर में कई बड़े सम्मान मिल चुके हैं। उन्हें अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। इसके अलावा उन्हें पद्म श्री भी मिला है।

अब उनके खाते में द्रोणाचार्य पुरस्कार (लाइफटाइम) जुड़ने जा रहा है। यह सम्मान उनके खिलाड़ी के रूप में प्रदर्शन के साथ-साथ खेल और खिलाड़ियों के लिए उनके योगदान को भी मान्यता देता है।

अब द्रोणाचार्य पुरस्कार से होगा सम्मान

द्रोणाचार्य पुरस्कार देश में खिलाड़ियों को तैयार करने वाले उत्कृष्ट प्रशिक्षकों को दिया जाने वाला प्रमुख खेल सम्मान है। वीरेंद्र कुमार का चयन लाइफटाइम कैटेगरी के लिए किया गया है।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने उन्हें बधाई देते हुए कहा कि यह सम्मान उनकी वर्षों की साधना, समर्पण और खिलाड़ियों को तराशने में दिए योगदान का सम्मान है।

झज्जर के ससरोली गांव से निकलकर अंतरराष्ट्रीय खेल मंच पर तीन स्वर्ण पदक जीतने और अब कोच के रूप में सम्मान हासिल करना हरियाणा के खेल इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

हरियाणा के लिए क्यों खास है यह उपलब्धि?

हरियाणा लंबे समय से कुश्ती और अन्य खेलों में देश को बड़े खिलाड़ी देता रहा है। ऐसे में झज्जर के वीरेंद्र कुमार का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उपलब्धियां हासिल करने के बाद कोचिंग के क्षेत्र में द्रोणाचार्य पुरस्कार पाना प्रदेश के खेल जगत के लिए भी बड़ी उपलब्धि है।

उनकी कहानी इस बात का उदाहरण है कि खेल में सफलता केवल पदक जीतने तक सीमित नहीं रहती। एक खिलाड़ी अपने अनुभव के जरिए अगली पीढ़ी के खिलाड़ियों को तैयार करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

लेखक

Kuldeep Singh

कुलदीप सिंह LocalHaryana.com पर लेखक के रुप में कार्यरत हैं। वे वर्ष 2021 से डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं। वे मुख्य रूप से हरियाणा समाचार, सरकारी योजनाएं, नौकरियां, शिक्षा, खेतीबाड़ी और मौसम से जुड़े विषयों पर लेखन करते हैं। उनका प्रयास पाठकों तक तथ्य आधारित, स्पष्ट और उपयोगी जानकारी सरल हिंदी में पहुँचाना है। LocalHaryana.com पर प्रकाशित सामग्री उपलब्ध आधिकारिक सूचनाओं और विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर तैयार की जाती है।

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