हरियाणा के गन्ना किसानों के लिए सब्सिडी, 30 सितंबर तक करें आवेदन; इन 9 कृषि यंत्रों पर भी मिलेगा अनुदान
हरियाणा के गन्ना किसान 30 सितंबर तक सब्सिडी के लिए आवेदन कर सकते हैं। जानें किन 9 कृषि यंत्रों पर अनुदान मिलेगा और शरद बिजाई की आखिरी तारीख क्या है।

कैथल, 3 सितंबर। हरियाणा में गन्ने की खेती करने वाले किसानों के लिए कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने सब्सिडी और आधुनिक कृषि यंत्रों का लाभ लेने का मौका दिया है। बसंत-ग्रीष्म सीजन में गन्ना लगा चुके किसान योजना के तहत 30 सितंबर 2026 तक आवेदन कर सकते हैं। इसके साथ गन्ने की खेती में काम आने वाले 9 कृषि यंत्रों पर अनुदान लेने के लिए भी आवेदन की आखिरी तारीख 30 सितंबर रखी गई है।
वहीं शरद ऋतु में गन्ने की बिजाई करने वाले किसानों के लिए आवेदन की तारीख अलग है। ऐसे किसान 1 अक्टूबर से 31 दिसंबर 2026 तक कृषि विभाग के पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।
कृषि विभाग वर्ष 2026-27 में गन्ना तकनीकी उद्देश्य परियोजना के तहत किसानों को नोटिफाइड और सिफारिश की गई किस्मों के प्रदर्शन प्लाट लगाने के साथ नई तकनीक अपनाने के लिए सहायता दे रहा है। इससे पहले 19 अगस्त को जारी सरकारी जानकारी में भी वाइड रो स्पेसिंग, सिंगल बड, बड चिप, फाउंडेशन सीड नर्सरी और रैटून मैनेजमेंट जैसी तकनीकों को योजना में शामिल बताया गया था।
30 सितंबर तक कौन से किसान कर सकते हैं आवेदन?
ताजा जानकारी के मुताबिक जिन किसानों ने बसंत-ग्रीष्म ऋतु में गन्ना लगाया है, वे योजना का लाभ लेने के लिए 30 सितंबर तक आवेदन कर सकते हैं।
इसके अलावा गन्ने की खेती के लिए योजना में शामिल कृषि यंत्र खरीदने पर अनुदान लेने के इच्छुक किसानों के लिए भी 30 सितंबर आवेदन की आखिरी तारीख है।
यहां किसानों को एक बात का खास ध्यान रखना चाहिए कि शरदकालीन बिजाई की आवेदन अवधि अलग है। शरद ऋतु में गन्ना लगाने वाले किसान 1 अक्टूबर से 31 दिसंबर तक आवेदन करेंगे।
यानी सभी गन्ना किसानों के लिए एक ही अंतिम तारीख नहीं है।
गन्ने की किन तकनीकों पर मिलेगी सहायता?
गन्ना किसानों को केवल मशीन खरीदने पर ही मदद नहीं मिलेगी। सरकार नई बिजाई और फसल प्रबंधन तकनीकों को अपनाने के लिए भी प्रोत्साहित कर रही है।
योजना में मुख्य रूप से ये तरीके शामिल हैं—
- 4 फीट की दूरी वाली चौड़ी कतार विधि
- सिंगल बड विधि
- बड चिप विधि
- फाउंडेशन सीड नर्सरी और बीज उपचार
- रैटून मैनेजमेंट
कृषि विभाग का कहना है कि इन तकनीकों का उद्देश्य गन्ने की खेती में बेहतर बीज, फसल प्रबंधन और मशीनीकरण को बढ़ावा देना है। चौड़ी कतार होने पर खेत में कई कृषि यंत्र चलाना भी आसान हो सकता है।
4 फीट दूरी और सिंगल बड पर कितनी मिलेगी सहायता?
हरियाणा सरकार ने 2026-27 के बजट में गन्ना प्रौद्योगिकी मिशन के तहत 4 फीट की दूरी पर चौड़ी कतार में गन्ना लगाने की प्रोत्साहन राशि 3,000 रुपये से बढ़ाकर 5,000 रुपये प्रति एकड़ करने की घोषणा की थी।
इसी तरह सिंगल बड यानी एकल आंख विधि से गन्ना लगाने पर मिलने वाली राशि भी 3,000 रुपये से बढ़ाकर 5,000 रुपये प्रति एकड़ की गई है।
लेकिन यहां एक जरूरी फर्क है। इसका मतलब यह नहीं है कि गन्ना योजना के हर घटक या हर कृषि यंत्र पर 5,000 रुपये की ही सब्सिडी मिलेगी। अलग-अलग तकनीक और मशीन के लिए सहायता के नियम अलग हो सकते हैं।
इन 9 कृषि यंत्रों पर मिलेगा अनुदान
गन्ने की खेती में मशीनीकरण को बढ़ावा देने के लिए कृषि विभाग ने 9 तरह के कृषि यंत्रों को योजना में शामिल किया है।
- पावर ऑपरेटेड गन्ना सैट ट्रीटमेंट डिवाइस
- इंजन चालित पावर वीडर
- गन्ना रैटून मैनेजर
- वाइड रो रिजर
- 4 फीट रोटावेटर
- ट्रैक्टर चालित स्प्रेयर
- सबसॉइलर या चिसलर
- गन्ना कटर
- मिनी ट्रैक्टर
इन मशीनों पर किसानों को निर्धारित मानदंड के अनुसार अनुदान दिया जाएगा।
क्या सभी 9 मशीनों पर 50 प्रतिशत सब्सिडी मिलेगी?
हरियाणा की दूसरी कृषि यंत्र योजनाओं में कई मशीनों पर 50 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाता है, लेकिन गन्ना तकनीकी उद्देश्य परियोजना की ताजा जानकारी में इन 9 मशीनों के सामने एक समान सब्सिडी प्रतिशत नहीं बताया गया है।
19 अगस्त की सरकारी रिलीज में भी इन मशीनों पर केवल “निर्धारित मानदंडों के अनुसार अनुदान” की बात कही गई है।
इसलिए किसान यह मानकर मशीन न खरीदें कि हर मशीन पर अपने आप 50 प्रतिशत सब्सिडी मिल जाएगी। आवेदन करते समय संबंधित मशीन के सामने उपलब्ध अनुदान राशि और शर्त जरूर देखनी चाहिए।
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गन्ना सब्सिडी के लिए आवेदन कहां करना है?
किसानों को आवेदन हरियाणा कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के पोर्टल एग्री हरियाणा के माध्यम से ऑनलाइन करना होगा।
पुराने सरकारी नोट में भी प्रदर्शन प्लाट और गन्ना योजना के लिए इसी विभागीय पोर्टल से ऑनलाइन आवेदन करने की जानकारी दी गई थी।
किसान आवेदन करने से पहले पोर्टल पर अपने संबंधित घटक का नाम ध्यान से देखें। मशीन सब्सिडी, प्रदर्शन प्लाट और किसी खास बिजाई तकनीक के लिए आवेदन की तारीख या शर्त अलग हो सकती है।
क्या मशीन पहले खरीद लें और बाद में सब्सिडी के लिए आवेदन करें?
किसानों को ऐसा करने से बचना चाहिए जब तक संबंधित योजना की शर्त में इसकी साफ अनुमति न हो।
हरियाणा की कृषि यंत्र सब्सिडी योजनाओं में आमतौर पर पहले आवेदन, पात्रता जांच या चयन और उसके बाद परमिट जारी होने की प्रक्रिया रहती है। उदाहरण के लिए दूसरी कृषि यंत्र योजनाओं में किसान को परमिट मिलने के बाद अधिकृत निर्माता या डीलर से मशीन खरीदने की प्रक्रिया बताई गई है।
इसलिए गन्ना योजना में भी किसान मशीन खरीदने से पहले पोर्टल पर दिए गए नियम और संबंधित कृषि अधिकारी से जानकारी जरूर ले लें। बिना प्रक्रिया पूरी किए पहले खरीदी गई मशीन पर बाद में अनुदान मिलेगा ही, ऐसा मानना सही नहीं होगा।
शरद ऋतु में गन्ना लगाने वाले किसानों के लिए क्या तारीख है?
अगर किसान ने अभी गन्ना नहीं लगाया है और शरद ऋतु में बिजाई करने की तैयारी कर रहा है, तो उसके लिए आवेदन 1 अक्टूबर से शुरू होंगे।
ऐसे किसान 31 दिसंबर 2026 तक आवेदन कर सकते हैं।
19 अगस्त की सरकारी जानकारी में भी प्रदर्शन प्लाट और योजना के तहत आवेदन के लिए 1 अक्टूबर से 31 दिसंबर की अवधि बताई गई थी।
यह तारीख 30 सितंबर वाली मौजूदा डेडलाइन से अलग है। इसलिए बसंत-ग्रीष्म में गन्ना लगा चुके किसान और शरद बिजाई वाले किसान अपनी-अपनी तारीख के हिसाब से आवेदन करें।
आवेदन से पहले किसान क्या चेक करें?
किसान सबसे पहले यह तय करें कि वे बिजाई तकनीक/प्रदर्शन प्लाट के लिए आवेदन कर रहे हैं या कृषि यंत्र पर सब्सिडी के लिए।
इसके बाद पोर्टल पर संबंधित योजना में पात्रता, मशीन की कैटेगरी, सब्सिडी राशि और जरूरी दस्तावेज चेक करें। ट्रैक्टर से चलने वाली मशीन के मामले में ट्रैक्टर की आरसी जैसी शर्त भी लागू हो सकती है। दूसरी कृषि यंत्र योजनाओं में फैमिली आईडी, ट्रैक्टर आरसी और पहले ली गई सब्सिडी से जुड़ी शर्तें रखी जाती रही हैं।
हालांकि इन शर्तों को गन्ना योजना के हर यंत्र पर अपने आप लागू नहीं मानना चाहिए। किसान अंतिम आवेदन से पहले पोर्टल पर मौजूद गन्ना योजना के दिशा-निर्देश जरूर देखें।
इस समय सबसे जरूरी तारीख 30 सितंबर है। बसंत-ग्रीष्म में गन्ना लगा चुके किसान और योजना में शामिल कृषि यंत्रों पर अनुदान लेने वाले किसान अंतिम दिन का इंतजार करने के बजाय समय रहते ऑनलाइन आवेदन पूरा कर सकते हैं।








