बुधवार, 19 अगस्त 2026 | 23:53 ISTFollow us at:
खेती-बाड़ी

गन्ने की आधुनिक खेती व मशीनीकरण पर मिलेगी सब्सिडी, 1 अक्टूबर से होंगे ऑनलाइन आवेदन

हरियाणा में गन्ना किसानों को आधुनिक तकनीक अपनाने पर प्रोत्साहन मिलेगा। चौड़ी कतार…

हरियाणा में गन्ने की खेती पर ₹5,000 प्रति एकड़ प्रोत्साहन, 1 अक्टूबर से आवेदन; जानें पूरी योजना

हरियाणा सरकार ने गन्ना किसानों को आधुनिक तकनीक अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने की दिशा में नई पहल की है। वर्ष 2026-27 के लिए गन्ना प्रौद्योगिकी मिशन के तहत अधिसूचित और अनुशंसित गन्ने की किस्मों पर अनुदान दिया जाएगा। इसके अलावा किसानों को आधुनिक तरीके से गन्ने की खेती के लिए प्रोत्साहित करने के लिए प्रदर्शन प्लॉट भी लगाए जाएंगे।

सरकार की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, प्रदर्शन प्लॉट लगाने के इच्छुक किसान 1 अक्टूबर से 31 दिसंबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। आवेदन कृषि विभाग के पोर्टल के माध्यम से किए जाएंगे।

गन्ना किसानों को नई तकनीक अपनाने पर मिलेगा प्रोत्साहन

हरियाणा सरकार गन्ने की खेती में आधुनिक तकनीकों को बढ़ावा दे रही है। इसके तहत किसानों को बेहतर और अनुशंसित किस्मों के इस्तेमाल के साथ नई तकनीक अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।

गन्ना प्रौद्योगिकी मिशन का उद्देश्य खेती की तकनीक में सुधार, उत्पादन बढ़ाने और किसानों की लागत को नियंत्रित करने में मदद करना है।

हरियाणा के किसानों के लिए बड़ा फैसला, 10 लाख एकड़ भूमि सुधारने को 25 हजार टन जिप्सम खरीदेगी सरकार

चौड़ी कतार में गन्ना लगाने पर ₹5,000 प्रति एकड़

2026-27 के बजट में हरियाणा सरकार ने गन्ने की 4 फीट की दूरी पर चौड़ी कतारों में रोपाई करने वाले किसानों के लिए प्रोत्साहन राशि बढ़ाने का फैसला किया था। यह राशि पहले ₹3,000 प्रति एकड़ थी, जिसे बढ़ाकर ₹5,000 प्रति एकड़ किया गया है।

इसका उद्देश्य किसानों को गन्ने की ऐसी आधुनिक रोपण तकनीक अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है, जिससे खेती में मशीनों का इस्तेमाल आसान हो सके।

एकल-आंख विधि से बिजाई पर भी ₹5,000

सरकार ने एकल-आंख विधि (Single Bud Technique) से गन्ने की बिजाई करने वाले किसानों के लिए भी प्रोत्साहन राशि ₹3,000 से बढ़ाकर ₹5,000 प्रति एकड़ कर दी है।

इसलिए लेख में इसे सामान्य “गन्ने की खेती पर ₹5,000 सब्सिडी” नहीं कहना चाहिए। ₹5,000 का प्रोत्साहन विशेष तकनीकों को अपनाने से जुड़ा है।

गन्ने की कटाई के लिए मशीनों की सुविधा भी मिलेगी

गन्ने की खेती में मशीनीकरण को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश की सहकारी चीनी मिलें अपने क्षेत्र के किसानों को शुगरकेन हार्वेस्टर मशीन उपलब्ध करवाएंगी। इसका उद्देश्य गन्ने की कटाई की लागत कम करना और किसानों को मशीनों की सुविधा उपलब्ध कराना है।

यहां एक जरूरी अंतर समझना होगा—उपलब्ध जानकारी में शुगरकेन हार्वेस्टर के लिए किसानों को अलग से ₹5,000 की मशीन सब्सिडी देने की बात नहीं है। इसलिए दोनों को एक ही सब्सिडी के रूप में पेश करना सही नहीं होगा।

प्रदर्शन प्लॉट लगाने के लिए कब से आवेदन होंगे?

गन्ना प्रौद्योगिकी मिशन के तहत प्रदर्शन प्लॉट लगाने के इच्छुक किसान 1 अक्टूबर 2026 से ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। आवेदन की अंतिम तारीख 31 दिसंबर 2026 बताई गई है।

किसानों को आवेदन कृषि विभाग के पोर्टल पर करना होगा। योजना का लाभ लेने के लिए ऑनलाइन पंजीकरण के बाद संबंधित विभागीय प्रक्रिया पूरी करनी होगी।

वहीं, 4 फीट की चौड़ी कतारों में गन्ना रोपण पर ₹5,000 प्रति एकड़ प्रोत्साहन के लिए उपलब्ध जानकारी में आवेदन की अवधि 15 अक्टूबर से 31 दिसंबर 2026 बताई गई है।

इस अंतर को स्पष्ट रखना जरूरी है, ताकि किसान प्रदर्शन प्लॉट की आवेदन तारीख और चौड़ी कतार वाली प्रोत्साहन योजना की तारीख को एक न समझें।

टिश्यू कल्चर से तैयार पौध भी किसानों को मिलेगी

गन्ने की उत्पादकता बढ़ाने के लिए सरकार टिश्यू कल्चर तकनीक को भी बढ़ावा दे रही है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार करनाल सहकारी चीनी मिल में तैयार की जाने वाली टिश्यू कल्चर से तैयार गन्ने की पौध किसानों को उपलब्ध कराई जाएगी। किसानों को यह पौध अक्टूबर से दिसंबर 2026 के दौरान मिलने की जानकारी दी गई है।

इस पहल का मकसद गन्ने की बेहतर गुणवत्ता वाली पौध उपलब्ध कराना और आधुनिक तकनीक के जरिए उत्पादन बढ़ाना है।

किसानों को क्या फायदा होगा?

सरकार की इन पहलों को अलग-अलग देखें तो गन्ना किसानों के लिए तीन प्रमुख स्तरों पर सहायता का रास्ता बनता है—

  • आधुनिक और अनुशंसित किस्मों को बढ़ावा
  • चौड़ी कतार और एकल-आंख विधि अपनाने पर ₹5,000 प्रति एकड़ प्रोत्साहन
  • गन्ने की कटाई में शुगरकेन हार्वेस्टर की सुविधा

इसके साथ प्रदर्शन प्लॉट और टिश्यू कल्चर पौध के जरिए किसानों तक नई तकनीक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।

किसानों के लिए जरूरी बात

1 अक्टूबर से शुरू होने वाले आवेदन को ₹5,000 प्रति एकड़ वाली हर सहायता का आवेदन नहीं समझना चाहिए। अलग-अलग घटकों की प्रक्रिया और तारीख अलग हो सकती है। इसलिए किसान आवेदन करने से पहले कृषि विभाग के पोर्टल पर संबंधित योजना के दिशा-निर्देश जरूर देखें।

लेखक

Sandeep Kumar

संदीप कुमार LocalHaryana.com के संस्थापक और संपादक हैं। वे वर्ष 2020 से डिजिटल पत्रकारिता और ऑनलाइन समाचार प्रकाशन के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं। वे मुख्य रूप से हरियाणा समाचार, सरकारी योजनाएं, नौकरियां, शिक्षा, खेतीबाड़ी और मौसम से जुड़े विषयों पर लेखन और संपादन करते हैं। उनका प्रयास पाठकों तक तथ्य आधारित, स्पष्ट और उपयोगी जानकारी सरल हिंदी में पहुँचाना है। LocalHaryana.com पर प्रकाशित सामग्री उपलब्ध आधिकारिक सूचनाओं और विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर तैयार की जाती है।

और पढ़ें

सभी देखें