हरियाणा में किसान ID को लेकर बड़ा अपडेट, BPL-पेंशन और PM-Kisan पर नहीं पड़ेगा असर, जाने पूरी डिटेल
हरियाणा में Farmer ID को लेकर किसानों का भ्रम दूर किया गया है। इसे बनवाने से BPL, वृद्धावस्था पेंशन या PM-Kisan पर असर नहीं पड़ेगा। जानें कहां और कैसे बनवाएं।

Local Haryana, Palwal, 6 सितंबर। हरियाणा में एग्रीस्टैक के तहत किसान आईडी बनवाने को लेकर किसानों के लिए जरूरी अपडेट आया है। पलवल के उपायुक्त डॉ. जयेन्द्र सिंह छिल्लर ने जिले के किसानों से जल्द Farmer ID बनवाने की अपील की है। यह किसान की डिजिटल पहचान होगी, जिसके जरिए उसकी कृषि भूमि और उससे संबंधित जानकारी को डिजिटल रिकॉर्ड से जोड़ा जाएगा।
प्रशासन के अनुसार किसान आईडी भविष्य में कृषि योजनाओं, सब्सिडी, फसल बीमा, फसल मुआवजा और दूसरी किसान हितैषी सेवाओं का लाभ लेने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। किसानों के बीच चल रहे एक भ्रम को भी प्रशासन ने साफ किया है। किसान आईडी बनवाने से BPL कार्ड, वृद्धावस्था पेंशन, PM-Kisan सम्मान निधि या अभी मिल रहे दूसरे सरकारी लाभों पर कोई प्रतिकूल असर नहीं पड़ेगा।
पलवल में किसान नजदीकी CSC/अधिकृत केंद्र, पटवारी या कृषि विभाग कार्यालय से संपर्क कर Farmer ID बनवा सकते हैं। इसके लिए आधार कार्ड, मोबाइल नंबर और जरूरी भूमि संबंधी दस्तावेज साथ ले जाने को कहा गया है।
किसान ID क्या है और इससे क्या फायदा होगा?
Farmer ID एग्रीस्टैक के Farmer Registry सिस्टम में किसान की एक यूनिक डिजिटल पहचान है। इसका उद्देश्य किसान, उसकी भूमि और कृषि से जुड़ी जानकारी को एक डिजिटल व्यवस्था में जोड़ना है।
केंद्र सरकार के अनुसार Farmer ID का इस्तेमाल PM-Kisan, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, MSP आधारित खरीद, कृषि ऋण, इनपुट वितरण और आपदा राहत जैसी सेवाओं को आपस में जोड़ने के लिए किया जा रहा है।
हरियाणा में 20 जुलाई 2026 तक 12,05,181 Farmer ID तैयार की जा चुकी थीं।
क्या किसान ID और PM-Kisan रजिस्ट्रेशन नंबर एक ही है?
नहीं। Farmer ID और PM-Kisan का रजिस्ट्रेशन अलग व्यवस्था है।
Farmer ID किसान की एग्रीस्टैक आधारित डिजिटल पहचान है, जबकि PM-Kisan एक अलग केंद्रीय योजना है जिसके तहत पात्र किसानों को सालाना ₹6,000 दिए जाते हैं।
हालांकि दोनों व्यवस्थाओं को अब आपस में जोड़ा जा रहा है। केंद्र सरकार ने Farmer Registry शुरू हो चुके राज्यों में PM-Kisan के नए रजिस्ट्रेशन के लिए Farmer ID को अनिवार्य करने की व्यवस्था शुरू की है।
क्या किसान ID बनवाने से BPL कार्ड या वृद्धावस्था पेंशन बंद हो जाएगी?
नहीं। पलवल प्रशासन ने किसानों को खास तौर पर स्पष्ट किया है कि Farmer ID बनवाने से BPL कार्ड, वृद्धावस्था पेंशन, PM-Kisan सम्मान निधि और वर्तमान में मिल रहे दूसरे सरकारी लाभों पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।
इसलिए पहले से मिल रही किसी दूसरी योजना के बंद होने के डर से Farmer ID नहीं बनवाना सही नहीं है।
किसान ID नहीं बनवाई तो क्या PM-Kisan या सब्सिडी रुक जाएगी?
इसमें दो बातें अलग-अलग समझना जरूरी है।
पलवल प्रशासन के ताजा निर्देश में यह नहीं कहा गया है कि Farmer ID नहीं बनवाते ही वर्तमान BPL, पेंशन या PM-Kisan लाभ तुरंत बंद हो जाएंगे।
हालांकि केंद्र सरकार Farmer ID को कृषि योजनाओं के साथ लगातार जोड़ रही है। Farmer Registry शुरू हो चुके राज्यों में PM-Kisan के नए रजिस्ट्रेशन के लिए Farmer ID अनिवार्य की जा चुकी है। Farmer ID का इस्तेमाल PM-Kisan, फसल बीमा, MSP खरीद, ऋण, सब्सिडी और आपदा राहत जैसी सेवाओं के एकीकरण में भी किया जा रहा है।
इसलिए भविष्य में किसी योजना का लाभ लेने में दिक्कत से बचने के लिए किसानों को Farmer ID बनवा लेने की सलाह दी गई है।
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हरियाणा में किसान ID कहां बनवा सकते हैं?
पलवल के किसान Farmer ID बनवाने के लिए इनमें से किसी जगह संपर्क कर सकते हैं:
नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC)
अधिकृत Farmer Registry केंद्र
संबंधित पटवारी
कृषि विभाग कार्यालय
हरियाणा सरकार ने CSC के जरिए Farmer Registry और PM-Kisan से जुड़ी e-KYC सेवाओं को गांव स्तर तक उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की है।
हरियाणा का आधिकारिक Farmer Registry portal hrfr.agristack.gov.in है। इसमें Farmer login के साथ Enrollment Status चेक करने की सुविधा भी दी गई है।
Farmer ID बनवाने के लिए कौन-कौन से दस्तावेज लेकर जाएं?
पलवल प्रशासन ने किसानों को मुख्य रूप से ये चीजें साथ लेकर जाने को कहा है:
- आधार कार्ड
- मोबाइल नंबर
- कृषि भूमि से संबंधित जरूरी दस्तावेज
किसान जिस जमीन से जुड़ी Farmer ID बनवा रहा है, उसके भूमि रिकॉर्ड की जानकारी सही होना जरूरी है। यदि आधार और भूमि रिकॉर्ड की जानकारी में अंतर है तो पंजीकरण के दौरान पहले रिकॉर्ड सत्यापन या सुधार की जरूरत पड़ सकती है।
क्या CSC से Farmer ID बनवाने की फीस लगेगी?
हरियाणा सरकार ने मई 2026 में CSC के माध्यम से Farmer Registry प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए थे। इसी व्यवस्था में PM-Kisan e-KYC की ₹15 सर्विस फीस सरकार द्वारा वहन करने और किसान से राशि नहीं लेने के स्पष्ट निर्देश दिए गए थे।
हालांकि Farmer ID से जुड़ी किसी अन्य सेवा के नाम पर यदि कोई शुल्क मांगा जाता है तो किसान भुगतान करने से पहले CSC या कृषि विभाग से उसकी पुष्टि कर लें।
Farmer ID का स्टेटस ऑनलाइन कैसे चेक करें?
हरियाणा Farmer Registry के आधिकारिक portal पर Check Enrollment Status का विकल्प मौजूद है। जिन किसानों ने Farmer ID के लिए रजिस्ट्रेशन करा दिया है, वे यहां अपने आवेदन की स्थिति देख सकते हैं।
पोर्टल पर Farmer Details देखने और Farmer login की सुविधा भी उपलब्ध है। किसी तकनीकी समस्या के लिए Haryana Farmer Registry portal पर 1800-180-2117 हेल्पलाइन नंबर दिया गया है।
जमीन अपने नाम नहीं है तो क्या Farmer ID बन सकती है?
केंद्र सरकार के अनुसार Farmer Registry में भूमिधारक किसानों के साथ tenant farmer यानी किरायेदार किसान और sharecropper यानी बटाईदार को शामिल करने का प्रावधान भी रखा गया है।
लेकिन ऐसे मामलों में जमीन और खेती से जुड़े रिकॉर्ड का सत्यापन जरूरी हो सकता है। हरियाणा में जमीन अपने नाम न होने की स्थिति में किसान को अपने स्थानीय पटवारी, CSC या कृषि विभाग से अपने मामले के अनुसार प्रक्रिया की पुष्टि करानी चाहिए।








