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हरियाणा में चीनी के स्टॉक पर सरकार सख्त, तय सीमा से ज्यादा रखा तो होगा एक्शन; आज से जांच शुरू

हरियाणा में चीनी डीलरों के स्टॉक की जांच शुरू होगी। जानें कितनी चीनी रख सकेंगे व्यापारी, हर शुक्रवार क्या जानकारी देनी होगी और चीनी के भाव क्यों बढ़ रहे हैं।

हरियाणा में चीनी स्टॉक लिमिट और बढ़ते चीनी के भाव
हरियाणा में चीनी स्टॉक लिमिट और बढ़ते चीनी के भाव

हरियाणा में चीनी की जमाखोरी और स्टॉक नियमों की अनदेखी करने वाले कारोबारियों पर सख्ती बढ़ने जा रही है। चीनी डीलरों को तय सीमा के भीतर ही स्टॉक रखना होगा और अपने स्टॉक की जानकारी सरकारी पोर्टल पर नियमित रूप से अपडेट करनी होगी। नियमों का पालन नहीं करने पर आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

केंद्र सरकार ने देशभर में चीनी डीलरों के लिए स्टॉक रखने की सीमा लागू की है। यह व्यवस्था 1 अगस्त से 30 नवंबर 2026 तक प्रभावी रहेगी। इसका उद्देश्य जमाखोरी और सट्टेबाजी पर रोक लगाने के साथ बाजार में चीनी की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखना और बढ़ती कीमतों के बीच उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करना है।

हरियाणा में अब जिला स्तर पर भी इन नियमों की अनुपालना की जांच शुरू की जा रही है। डीलरों के पास मौजूद वास्तविक चीनी के स्टॉक का पोर्टल पर दर्ज जानकारी से मिलान किया जाएगा।

कितनी चीनी का स्टॉक रख सकेंगे डीलर?

नए नियमों के तहत कोई भी चीनी डीलर एक समय और किसी भी स्थान पर 4,000 क्विंटल से अधिक चीनी का स्टॉक नहीं रख सकता। इसके साथ ही प्राप्त की गई चीनी को 30 दिन से अधिक समय तक जमा रखने की अनुमति नहीं है।

ये पाबंदियां निजी चीनी डीलरों के लिए हैं। सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत राशन डिपो के माध्यम से चीनी वितरण करने वाले नामित डीलरों और सरकारी स्टॉक को इससे छूट दी गई है।

हर शुक्रवार देना होगा चीनी के स्टॉक का हिसाब

चीनी कारोबारियों के लिए केवल स्टॉक लिमिट का पालन करना ही पर्याप्त नहीं होगा।

डीलरों को भारत सरकार के खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के Food Stock Portal पर पंजीकरण कराना होगा। पंजीकरण के बाद वर्तमान स्टॉक की जानकारी दर्ज करनी होगी और इसके बाद नियमित रूप से स्टॉक की स्थिति अपडेट करनी होगी। केंद्र सरकार ने dealers के लिए weekly stock declaration अनिवार्य किया है।

हरियाणा में जारी जिला प्रशासन की सूचना के मुताबिक डीलरों को प्रत्येक शुक्रवार अपने चीनी स्टॉक की जानकारी पोर्टल पर अपडेट करनी होगी।

आज से शुरू होगी स्टॉक की जांच

जिला स्तर पर खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की संयुक्त टीमें चीनी डीलरों के पास मौजूद वास्तविक स्टॉक की जांच करेंगी। इसके बाद इसका मिलान सरकारी पोर्टल पर व्यापारी द्वारा दर्ज किए गए stock से किया जाएगा।

आपके उपलब्ध कराए जिला प्रशासन के आदेश में सहायक खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारियों के नेतृत्व में पांच संयुक्त जांच टीमों का गठन किया गया है और 22 अगस्त से नियमित जांच शुरू करने की जानकारी दी गई है।

जांच में मुख्य रूप से यह देखा जाएगा कि कारोबारी ने पोर्टल पर registration कराया है या नहीं, वास्तविक और घोषित stock में अंतर तो नहीं है और स्टॉक की जानकारी निर्धारित समय पर अपडेट की जा रही है या नहीं।

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नियम तोड़ा तो हो सकती है कानूनी कार्रवाई

पोर्टल पर पंजीकरण नहीं कराने, गलत या अधूरी जानकारी देने अथवा समय पर stock update नहीं करने वाले कारोबारियों पर कार्रवाई की जा सकती है।

केंद्र सरकार ने चीनी की stock limit Essential Commodities Act, 1955 और Sugar (Control) Order, 2025 के तहत लागू की है।

इसलिए निर्धारित सीमा से अधिक स्टॉक मिलने या नियमों का उल्लंघन सामने आने पर संबंधित डीलर के खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

चीनी का भाव क्यों बढ़ रहा है?

चीनी की कीमतों में हाल के हफ्तों में तेजी देखने को मिली है। जुलाई के अंत में देश में चीनी का औसत retail price करीब ₹49 प्रति किलो तक पहुंच गया था, जबकि एक महीने पहले यह करीब ₹46.50 प्रति किलो था।

अगस्त की शुरुआत तक wholesale बाजार में भी तेजी बनी रही। रिपोर्ट के मुताबिक एक महीने में all-India average wholesale price लगभग ₹3,960 से बढ़कर ₹4,620 प्रति क्विंटल हो गया था। यानी करीब 17 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज हुई।

हालांकि कीमतों में तेजी के कारणों को लेकर अलग-अलग industry explanations सामने आए हैं। सरकार ने 28 जुलाई के अपने आधिकारिक बयान में कहा था कि ex-mill prices में हाल की वृद्धि मौजूदा demand-supply fundamentals से समर्थित नहीं दिखती और इसी पृष्ठभूमि में जमाखोरी तथा speculative trading रोकने के लिए stock limit लगाई गई।

बाद की रिपोर्टों में केंद्र ने कीमतों में बढ़ोतरी के पीछे कम sugar output को भी एक प्रमुख कारण बताया है।

चीनी के दाम नियंत्रित करने के लिए सरकार ने और भी उठाए कदम

चीनी की कीमतों में तेजी को देखते हुए सरकार केवल dealer stock limit तक सीमित नहीं रही है।

20 अगस्त को सरकार ने घरेलू कीमतों को नियंत्रित करने के उद्देश्य से 10 लाख मीट्रिक टन raw sugar के duty-free import की अनुमति भी दी। यह कदम घरेलू बाजार में आपूर्ति बढ़ाने के लिए उठाया गया है।

इसके अलावा bulk consumers के लिए भी stockholding restrictions कड़ी की गई हैं। त्योहारों के दौरान चीनी की मांग बढ़ने को देखते हुए सरकार बाजार में उपलब्धता और कीमतों पर नजर बनाए हुए है।

आम लोगों से अनावश्यक भंडारण नहीं करने की अपील

जिला प्रशासन ने लोगों से चीनी की कमी की आशंका में घबराकर ज्यादा खरीदारी या अनावश्यक भंडारण नहीं करने की अपील की है।

अगर कहीं चीनी की जमाखोरी या अनुचित कीमत वसूली की जानकारी मिलती है तो इसकी शिकायत संबंधित जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक कार्यालय में की जा सकती है।

सरकार का कहना है कि stock limit लगाने का उद्देश्य बाजार में चीनी की उपलब्धता बनाए रखना, जमाखोरी रोकना और उपभोक्ताओं को उचित कीमत पर चीनी उपलब्ध कराने में मदद करना है।

लेखक

Sandeep Kumar

संदीप कुमार LocalHaryana.com के संस्थापक और संपादक हैं। वे वर्ष 2020 से डिजिटल पत्रकारिता और ऑनलाइन समाचार प्रकाशन के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं। वे मुख्य रूप से हरियाणा समाचार, सरकारी योजनाएं, नौकरियां, शिक्षा, खेतीबाड़ी और मौसम से जुड़े विषयों पर लेखन और संपादन करते हैं। उनका प्रयास पाठकों तक तथ्य आधारित, स्पष्ट और उपयोगी जानकारी सरल हिंदी में पहुँचाना है। LocalHaryana.com पर प्रकाशित सामग्री उपलब्ध आधिकारिक सूचनाओं और विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर तैयार की जाती है।

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