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खेती-बाड़ी

हरियाणा में किसानों को Farmer ID बनाने का एक और मौका, जाने क्या है जरूरी डॉक्यूमेंट्स और क्या मिलेगा फायदा

Haryana Farmer ID: हरियाणा में AgriStack पर किसानों का targeted registration 24 अगस्त तक पूरा करने के आदेश दिए गए हैं। जानें Farmer ID के फायदे, रजिस्ट्रेशन और हेल्पलाइन।

Haryana Farmer ID AgriStack Registration 2026
Haryana Farmer ID AgriStack Registration 2026

चंडीगढ़। हरियाणा में Farmer ID बनाने का अभियान 24 अगस्त का सरकारी लक्ष्य बीतने के बाद भी जारी है। कृषि विभाग की टीमें गांवों में जाकर किसानों का पंजीकरण करवा रही हैं। ताजा स्थिति यह है कि अकेले पलवल जिले में PM Kisan Yojana का लाभ ले रहे 93,333 किसानों में से अभी तक 45,520 की Farmer ID बनी है। इस हिसाब से जिले के 47,813 लाभार्थियों का पंजीकरण अभी बाकी है।

पलवल के मानपुर गांव में आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम के दौरान उपमंडल कृषि अधिकारी सुनील शर्मा ने किसानों से जल्द Farmer ID बनवाने की अपील की। उन्होंने बताया कि कृषि विभाग की टीमें गांव-गांव जाकर किसानों को इसकी जानकारी दे रही हैं। PM-Kisan का लाभ नहीं लेने वाले जमीन मालिक किसानों को भी Farmer ID बनवाने के लिए कहा गया है।

ब्लॉक कृषि अधिकारी प्रदीप के अनुसार आगे PM-Kisan Samman Nidhi के साथ यूरिया और DAP लेने में भी Farmer ID की जरूरत पड़ेगी। इसलिए विभाग उन किसानों का पंजीकरण भी करवा रहा है, जो अभी किसी कृषि योजना के लाभार्थी नहीं हैं।

24 अगस्त किसानों के आवेदन की अंतिम तारीख नहीं थी

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 21 अगस्त को एग्रीस्टैक, डिजिटल क्रॉप सर्वे और ऑटो म्यूटेशन के काम की समीक्षा करते हुए सभी जिलों को 24 अगस्त की शाम तक पंजीकरण का निर्धारित लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए थे। यह समयसीमा जिला अधिकारियों और कर्मचारियों को दिए गए लक्ष्य के लिए थी।

सरकार ने 24 अगस्त के बाद Farmer ID का पंजीकरण बंद करने की घोषणा नहीं की है। हरियाणा का Farmer Registry Portal अभी उपलब्ध है और इसमें Farmer Login, आवेदन की स्थिति देखने तथा किसान का विवरण जांचने के विकल्प मौजूद हैं।

पलवल में 28 अगस्त तक कृषि विभाग द्वारा किसानों को पंजीकरण के लिए जागरूक किया जाना भी साफ करता है कि 24 अगस्त के बाद अभियान बंद नहीं हुआ है।

Farmer ID के साथ जुड़ेंगे किसान के सभी खेत

मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक के बाद सभी जिलों को प्रत्येक पात्र किसान की Farmer ID बनाने के साथ उसके नाम दर्ज कृषि भूमि के सभी भूखंडों को डिजिटल रिकॉर्ड से जोड़ने के निर्देश दिए गए हैं। खेत में कौन-सी फसल बोई गई है, उसका रिकॉर्ड भी एग्रीस्टैक और डिजिटल क्रॉप सर्वे के माध्यम से तैयार किया जाएगा।

Farmer ID का इस्तेमाल आगे PM-Kisan, फसल बीमा, कृषि ऋण, MSP पर सरकारी खरीद और खाद-बीज वितरण जैसी सेवाओं में किसान तथा उसकी जमीन की पहचान के लिए किया जाएगा। सरकार का कहना है कि इससे पात्र किसानों को योजनाओं का लाभ देने और रिकॉर्ड की जांच करने में आसानी होगी।

इसका यह मतलब नहीं है कि Farmer ID बनते ही किसान हर योजना के लिए अपने-आप पात्र हो जाएगा। प्रत्येक योजना की आय, जमीन, फसल और दूसरी पात्रता शर्तें पहले की तरह लागू रहेंगी। Farmer ID मुख्य रूप से किसान और उसके भूमि रिकॉर्ड की सत्यापित डिजिटल पहचान बनेगी।

पहले से मिल रहे लाभ बंद होने की बात पर सरकार ने दी सफाई

पानीपत के उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने Farmer ID को लेकर स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि पंजीकरण कराने से किसानों को वर्तमान में मिल रही PM-Kisan, पेंशन, बीमा या दूसरी योजनाओं पर कोई प्रतिकूल असर नहीं पड़ेगा। पात्र किसानों को मौजूदा लाभ पहले की तरह मिलते रहेंगे।

राजस्व विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने भी अधिकारियों से किसानों को यह बताने को कहा है कि एग्रीस्टैक पर पंजीकरण के कारण उन्हें किसी दूसरी योजना से वंचित नहीं किया जाएगा। हालांकि Farmer ID नहीं बनवाने वाले किसानों को भविष्य में केंद्र और प्रदेश की कृषि योजनाओं का लाभ लेने में परेशानी आ सकती है।

Farmer ID बनवाने के लिए कहां जाएं किसान

किसान अपने गांव में कृषि और राजस्व विभाग द्वारा लगाए जाने वाले शिविर में Farmer ID बनवा सकते हैं। इसके अलावा नजदीकी CSC या आधिकारिक Haryana Farmer Registry Portal से भी प्रक्रिया पूरी की जा सकती है।

पंजीकरण के लिए किसान को आधार कार्ड, आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर और जमीन की फर्द साथ रखनी चाहिए। जमीन के रिकॉर्ड में नाम या भूखंड से जुड़ी गलती मिलने पर पटवारी अथवा संबंधित राजस्व अधिकारी से सत्यापन कराना पड़ सकता है।

सरकार ने CSC के माध्यम से Farmer Registry और PM-Kisan e-KYC का काम निशुल्क कराने की व्यवस्था की है। निर्धारित सेवा शुल्क सरकार वहन करेगी। किसी CSC द्वारा इसके लिए पैसे मांगने या पंजीकरण में परेशानी होने पर किसान कृषि विभाग के हेल्पलाइन नंबर 1800-180-2117 पर संपर्क कर सकते हैं।

किसान आधिकारिक पोर्टल पर मौजूद Check Enrollment Status विकल्प से यह भी देख सकते हैं कि उनका आवेदन पूरा हुआ है या अभी सत्यापन में अटका है।

केंद्रीय कृषि मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार 20 जुलाई 2026 तक हरियाणा में 12,05,181 Farmer ID बनाई जा चुकी थीं। अब प्रदेश सरकार का जोर बाकी किसानों का पंजीकरण पूरा करने और उनके नाम दर्ज सभी कृषि भूखंडों को Farmer ID से जोड़ने पर है।

लेखक

Kuldeep Singh

कुलदीप सिंह LocalHaryana.com पर लेखक के रुप में कार्यरत हैं। वे वर्ष 2021 से डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं। वे मुख्य रूप से हरियाणा समाचार, सरकारी योजनाएं, नौकरियां, शिक्षा, खेतीबाड़ी और मौसम से जुड़े विषयों पर लेखन करते हैं। उनका प्रयास पाठकों तक तथ्य आधारित, स्पष्ट और उपयोगी जानकारी सरल हिंदी में पहुँचाना है। LocalHaryana.com पर प्रकाशित सामग्री उपलब्ध आधिकारिक सूचनाओं और विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर तैयार की जाती है।

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