Haryana Farmer ID: 24 अगस्त तक रजिस्ट्रेशन पूरा करने के आदेश, किसानों के लिए क्यों है जरूरी?
Haryana Farmer ID: हरियाणा में AgriStack पर किसानों का targeted registration 24 अगस्त तक पूरा करने के आदेश दिए गए हैं। जानें Farmer ID के फायदे, रजिस्ट्रेशन और हेल्पलाइन।
Haryana Farmer ID: हरियाणा में किसानों की Farmer ID बनाने के काम में तेजी लाई जाएगी। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सभी जिलों को AgriStack प्लेटफॉर्म पर किसानों के निर्धारित पंजीकरण लक्ष्य को 24 अगस्त 2026 की शाम तक पूरा करने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए राजस्व और कृषि विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों को लक्ष्य देकर अभियान तेज करने को कहा गया है।
AgriStack के तहत Farmer Registry में पंजीकरण होने पर किसान की एक यूनिक Farmer ID तैयार होती है। इसे किसान और उसकी कृषि भूमि से जुड़े डिजिटल रिकॉर्ड के साथ जोड़ा जाता है, जिससे सरकारी योजनाओं और कृषि सेवाओं का लाभ अधिक व्यवस्थित तरीके से पहुंचाने में मदद मिल सके।
24 अगस्त तक रजिस्ट्रेशन पूरा करने के आदेश
मुख्यमंत्री ने उपायुक्तों को निर्देश दिए हैं कि वे राजस्व और कृषि विभाग के अधिकारियों तथा कर्मचारियों को निर्धारित लक्ष्य सौंपकर Farmer Registry के काम को तेज करें।
जिलों को 24 अगस्त की शाम तक targeted registration पूरा करने का लक्ष्य दिया गया है। सरकार चाहती है कि अधिक से अधिक पात्र किसानों का रिकॉर्ड AgriStack पर दर्ज हो और उन्हें केंद्र तथा राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ प्रभावी तरीके से मिल सके।
यहां किसानों के लिए एक बात महत्वपूर्ण है। 24 अगस्त की तारीख प्रशासन को दिए गए targeted registration को पूरा करने के निर्देश से जुड़ी है। उपलब्ध सूचना के आधार पर इसे सभी किसानों के लिए घोषित सामान्य अंतिम आवेदन तिथि कहना सही नहीं होगा।
Farmer ID क्या है और किसानों के लिए क्यों जरूरी है?
AgriStack की Farmer Registry में प्रत्येक पंजीकृत किसान को एक Unique Farmer ID दी जाती है। केंद्र सरकार के आधिकारिक AgriStack framework के अनुसार यह Aadhaar आधारित functional ID होती है और Farmer Registry को किसान के farmland plot records से जोड़ा जा सकता है।
इस व्यवस्था का उद्देश्य अलग-अलग सरकारी रिकॉर्ड में मौजूद किसान और उसकी भूमि से संबंधित जानकारी को व्यवस्थित डिजिटल ढांचे में लाना है।
हरियाणा सरकार ने भी Farmer Registry को प्रदेश के किसानों के लिए महत्वपूर्ण पहल के रूप में शुरू किया है। राज्य का आधिकारिक Farmer Registry portal वर्तमान में किसानों के लिए उपलब्ध है।
Farmer ID बनने से किसानों को क्या फायदा होगा?
Farmer Registry का प्रमुख उद्देश्य सरकारी कृषि सेवाओं और योजनाओं की delivery को आसान और प्रभावी बनाना है। पंजीकरण के बाद किसान की पहचान और उससे जुड़े भूमि रिकॉर्ड को डिजिटल रूप में सत्यापित करने में मदद मिलती है।
सरकार के मौजूदा अभियान में भी AgriStack पर पंजीकृत किसानों तक केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ प्रभावी ढंग से पहुंचाने पर जोर दिया गया है।
इससे भविष्य में पात्रता और भूमि संबंधी रिकॉर्ड की जांच वाली कृषि सेवाओं में Farmer ID महत्वपूर्ण डिजिटल पहचान बन सकती है।
Farmer Registry में क्या जानकारी जुड़ती है?
AgriStack के आधिकारिक framework के मुताबिक Farmer Registry किसान की डिजिटल पहचान को उसके farmland plot records से जोड़ने की व्यवस्था करती है। यह linkage योजना वितरण, planning और advisory जैसे उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।
हरियाणा के Farmer Registry ऐप में पंजीकृत किसान login करके अपनी land linkages और संबंधित जमीन पर हुए crop survey की जानकारी भी देख सकता है।
इससे Farmer ID केवल एक नंबर तक सीमित नहीं रहती, बल्कि किसान से संबंधित डिजिटल कृषि रिकॉर्ड का हिस्सा बनती है।
Farmer ID के लिए कैसे करें रजिस्ट्रेशन?
हरियाणा सरकार का आधिकारिक Farmer Registry (AgriStack) portal उपलब्ध है। किसान Farmer Registry के माध्यम से पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। राज्य के लिए Farmer Registry HR मोबाइल ऐप भी उपलब्ध है, जिसमें eKYC के जरिए पंजीकरण और user credentials बनाने की सुविधा दी गई है।
आधिकारिक पोर्टल:
Haryana Farmer Registry – AgriStack
किसानों को पंजीकरण करते समय अपनी जानकारी सही दर्ज करनी चाहिए और जमीन से संबंधित रिकॉर्ड का मिलान ध्यान से करना चाहिए।
Farmer ID और मेरी फसल मेरा ब्यौरा एक ही हैं?
दोनों को एक ही व्यवस्था समझना सही नहीं है।
Farmer Registry/AgriStack के तहत किसान की Unique Farmer ID और उससे जुड़े डिजिटल कृषि रिकॉर्ड तैयार किए जाते हैं। वहीं मेरी फसल मेरा ब्यौरा (MFMB) हरियाणा में फसल पंजीकरण से संबंधित अलग portal है।
MFMB के आधिकारिक पोर्टल पर खरीफ 2026 के लिए crop registration की प्रक्रिया अलग से दी गई थी।
इसलिए Farmer ID बनवाने को केवल “मेरी फसल मेरा ब्यौरा” में फसल दर्ज करवाने के बराबर नहीं समझना चाहिए।
रजिस्ट्रेशन में परेशानी आए तो कहां संपर्क करें?
हरियाणा के आधिकारिक Farmer Registry portal पर किसानों की सहायता के लिए हेल्पडेस्क नंबर 1800-180-2117 दिया गया है।
रजिस्ट्रेशन, Farmer Registry या इससे संबंधित तकनीकी समस्या आने पर किसान इस हेल्पलाइन से जानकारी ले सकते हैं।
किसानों के लिए अभी क्या जरूरी है?
प्रदेश सरकार ने जिलों को Farmer Registry का निर्धारित लक्ष्य 24 अगस्त की शाम तक पूरा करने के निर्देश दिए हैं। ऐसे में जिन किसानों की Farmer ID अभी तक नहीं बनी है, वे अपने पंजीकरण की स्थिति की जांच कर सकते हैं और जरूरत होने पर आधिकारिक Farmer Registry portal के माध्यम से प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।
Farmer ID आने वाले समय में किसानों की डिजिटल पहचान और सरकारी कृषि योजनाओं से जुड़ी सेवाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इसलिए पंजीकरण के दौरान Aadhaar, किसान की पहचान और जमीन से संबंधित रिकॉर्ड में सही जानकारी होना महत्वपूर्ण है।








