हरियाणा में 19.35 लाख मतदाताओं को SIR नोटिस, 30 अगस्त तक का मौका; जानें दावा-आपत्ति कैसे करें
हरियाणा SIR-2026 में 19.35 लाख नोटिस जारी हुए हैं। 30 अगस्त तक दावा-आपत्ति का मौका है। जानें नो…
हरियाणा में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR-2026) को लेकर बड़ी अपडेट सामने आई है। प्रदेश में सत्यापन और जांच के दौरान 14 अगस्त तक 19,35,126 मतदाताओं को सुनवाई के नोटिस जारी किए जा चुके हैं। जिन लोगों को नोटिस मिला है, उन्हें अपना पक्ष रखने और जरूरी दस्तावेज जमा करने का मौका दिया जा रहा है। वहीं मतदाता सूची में नाम या विवरण को लेकर दावा-आपत्ति दर्ज कराने की अंतिम तारीख 30 अगस्त 2026 है।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि सिर्फ SIR का नोटिस मिलना यह नहीं है कि मतदाता का नाम वोटर लिस्ट से काट दिया गया है। यह सत्यापन और सुनवाई की प्रक्रिया का हिस्सा है, जिसमें संबंधित व्यक्ति को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाता है।
19.35 लाख लोगों को क्यों भेजे गए SIR नोटिस?
हरियाणा में SIR के दौरान पुराने मतदाता रिकॉर्ड से मौजूदा मतदाताओं की जानकारी का मिलान और सत्यापन किया गया। इस प्रक्रिया में बड़ी संख्या में ऐसे मामले सामने आए जिनमें रिकॉर्ड का पुरानी मतदाता सूची से मिलान नहीं हो पाया या अन्य तरह की विसंगतियां मिलीं।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी के अनुसार, 18.56 लाख से अधिक मतदाताओं के मामले “No Mapping/Unmapped” श्रेणी में पाए गए। इसके अलावा 26.31 लाख से अधिक मतदाताओं के रिकॉर्ड में अलग-अलग प्रकार की विसंगतियां मिली हैं।
इन मामलों की निर्धारित प्रक्रिया के तहत जांच की जा रही है।
क्या नोटिस मिलने का मतलब नाम वोटर लिस्ट से कट गया?
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि सुनवाई का नोटिस मिलने का मतलब यह नहीं है कि संबंधित मतदाता का नाम अंतिम रूप से मतदाता सूची से हटाने का फैसला हो चुका है।
नोटिस इसलिए दिया जा रहा है ताकि संबंधित व्यक्ति अपना पक्ष, जरूरी दस्तावेज और उपलब्ध साक्ष्य प्रस्तुत कर सके। इसके बाद संबंधित अधिकारी मामले की जांच कर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार निर्णय लेगा।
इसलिए जिन लोगों को नोटिस मिला है, उन्हें इसे नजरअंदाज करने के बजाय निर्धारित तारीख और प्रक्रिया के अनुसार जवाब देना चाहिए।
30 अगस्त तक क्या कर सकते हैं मतदाता?
हरियाणा में SIR-2026 की ड्राफ्ट मतदाता सूची 31 जुलाई 2026 को प्रकाशित की गई थी। इसके बाद दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू हुई।
मतदाता 30 अगस्त 2026 तक अपने नाम और विवरण की जांच कर दावा या आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। यह प्रक्रिया संबंधित निर्वाचन कार्यालय में की जा सकती है और निर्धारित मामलों में ऑनलाइन भी आवेदन किया जा सकता है।
अगर आपका नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में नहीं है तो क्या करें?
यदि कोई पात्र व्यक्ति ड्राफ्ट मतदाता सूची में अपना नाम नहीं पाता है, तो वह Form-6 के माध्यम से नाम शामिल करने के लिए दावा कर सकता है।
हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट के अनुसार Form-6 नए मतदाता के नाम को शामिल करने तथा कुछ परिस्थितियों में पहले से नामांकित व्यक्ति के नाम को संबंधित निर्वाचन क्षेत्र में शामिल करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
SIR के दौरान भी पात्र मतदाता निर्धारित प्रक्रिया के तहत Form-6 के माध्यम से नाम शामिल कराने का दावा कर सकते हैं। 14 अगस्त तक 25,315 Form-6 आवेदन प्राप्त होने की जानकारी दी गई थी।
SIR नोटिस मिलने पर कौन से दस्तावेज देने होंगे?
यह हर व्यक्ति के मामले और नोटिस में मांगी गई जानकारी पर निर्भर करेगा। विशेष रूप से Unmapped/No Mapping मामलों में संबंधित मतदाता से अपने, परिवार के सदस्यों, माता-पिता या पुराने संबंधित रिकॉर्ड से जुड़े उपलब्ध दस्तावेज मांगे जा सकते हैं।
अधिकारी इन दस्तावेजों के आधार पर उपलब्ध रिकॉर्ड का सत्यापन करेंगे और फिर नियमों के अनुसार मामले पर निर्णय लिया जाएगा।
इसलिए नोटिस मिलने वाले व्यक्ति को सबसे पहले नोटिस में दी गई जानकारी और मांगे गए दस्तावेजों को ध्यान से देखना चाहिए।
ऑनलाइन दावा-आपत्ति कैसे करें?
मतदाता ऑनलाइन प्रक्रिया के लिए भारत निर्वाचन आयोग के Voter Services Portal का इस्तेमाल कर सकते हैं। आयोग के पोर्टल पर SIR-2026 के लिए “Submit Document Against Notice” और Form-6 जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं।
प्रक्रिया के लिए:
- भारत निर्वाचन आयोग के Voter Services Portal पर जाएं।
- SIR-2026 से संबंधित विकल्प चुनें।
- यदि नोटिस जारी हुआ है तो Submit Document Against Notice विकल्प देखें।
- मांगी गई जानकारी और दस्तावेज जमा करें।
- पात्र नए मतदाता नाम जोड़ने के लिए Form-6 का विकल्प इस्तेमाल कर सकते हैं।
- आवेदन जमा करने के बाद उसकी स्थिति को उपलब्ध सुविधा के माध्यम से जांचें।
ऑफलाइन सहायता के लिए मतदाता अपने BLO, ERO या AERO कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं। हरियाणा CEO की जानकारी के अनुसार मतदाता सहायता के लिए 1950 हेल्पलाइन का भी उपयोग कर सकते हैं।
अगर वोटर लिस्ट में नाम या जानकारी गलत है तो क्या करें?
अगर नाम मौजूद है लेकिन मतदाता सूची में किसी जानकारी में गलती है, तो संबंधित सुधार के लिए Form-8 का इस्तेमाल किया जाता है। इसमें मौजूदा प्रविष्टि में सुधार और पता बदलने जैसी सुविधाएं शामिल हैं।
वहीं किसी नाम को हटाने या किसी नाम के शामिल किए जाने पर आपत्ति दर्ज कराने के लिए Form-7 का प्रावधान है।
इसलिए समस्या के अनुसार सही Form चुनना जरूरी है।
SIR के बाद हरियाणा की अंतिम वोटर लिस्ट कब आएगी?
SIR-2026 के कार्यक्रम के अनुसार हरियाणा में दावे और आपत्तियों के बाद उनकी जांच और निपटारे की प्रक्रिया आगे चलेगी। उपलब्ध चुनाव आयोग के कार्यक्रम में अंतिम मतदाता सूची 22 सितंबर 2026 को प्रकाशित करने का कार्यक्रम दिया गया है।
इससे पहले मतदाताओं के लिए 30 अगस्त तक अपने नाम और विवरण की जांच कर जरूरी दावा या आपत्ति दर्ज कराना महत्वपूर्ण है।
हरियाणा के मतदाताओं के लिए अभी सबसे जरूरी काम क्या है?
अगर आपने अभी तक अपना नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची में चेक नहीं किया है तो इसे जरूर जांच लें।
खासकर यदि SIR का नोटिस मिला है, तो उसे नजरअंदाज न करें। नोटिस अपने आप में नाम कटने का अंतिम फैसला नहीं है, लेकिन यह संकेत है कि आपके रिकॉर्ड का सत्यापन या सुनवाई प्रक्रिया में है। संबंधित व्यक्ति को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार अपना पक्ष और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने का मौका दिया जा रहा है।








