हरियाणा के अस्पतालों में मां-बच्चे के इलाज की बदलेगी व्यवस्था, 1 नवंबर तक शुरू होंगी नई सुविधाएं
हरियाणा में 1 नवंबर तक 29 नवजात देखभाल इकाइयों को MNCU में बदला जाएगा। सभी जिला अस्पतालों में Child Care Centre भी बनेंगे। जानें मरीजों को क्या फायदा होगा।
हरियाणा के सरकारी अस्पतालों में मां और नवजात बच्चों के इलाज की व्यवस्था में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने प्रदेश की सभी 29 Special Newborn Care Units (SNCU) को 1 नवंबर 2026 तक Mother-Newborn Care Units (MNCU) में बदलने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही सभी जिला अस्पतालों में बाल देखभाल केंद्र स्थापित किए जाएंगे और 8 नए मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य विंग के निर्माण में तेजी लाई जाएगी।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) की राज्य स्वास्थ्य समिति की कार्यकारी समिति की 12वीं बैठक में ये निर्देश दिए। नई व्यवस्था का फोकस मां और नवजात को इलाज के दौरान साथ रखने, गर्भवती महिलाओं के लिए रेफरल सुविधाएं मजबूत करने और महिला-केंद्रित स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने पर है।
29 नवजात देखभाल इकाइयों में क्या बदलेगा?
हरियाणा में अभी 29 Special Newborn Care Units संचालित हैं। इनमें बीमार और विशेष देखभाल की जरूरत वाले नवजात बच्चों का इलाज किया जाता है।
अब इन्हें Mother-Newborn Care Units में बदला जाएगा। नई व्यवस्था में इलाज के दौरान मां को अपने नवजात बच्चे के करीब रहने का अवसर मिलेगा और मां-बच्चे की देखभाल को एक साथ आगे बढ़ाया जा सकेगा। विभाग ने इस बदलाव को 1 नवंबर तक पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
हरियाणा में 29 SNCU होने की पुष्टि केंद्र सरकार के संसदीय आंकड़ों में भी होती है। इसके अलावा राज्य में 62 Newborn Stabilization Units (NBSU) भी दर्ज हैं।
सभी जिला अस्पतालों में बनेंगे बाल देखभाल केंद्र
प्रदेश के सभी जिला अस्पतालों में Child Care Centres स्थापित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
इन केंद्रों का उद्देश्य अस्पतालों में महिलाओं के लिए बेहतर माहौल उपलब्ध कराना है। खास तौर पर अस्पतालों में काम करने वाली महिला कर्मचारियों और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए आने वाली उन महिलाओं को सुविधा मिलेगी, जिन्हें इस दौरान अपने छोटे बच्चों की देखभाल की जरूरत पड़ती है।
इस तरह यह सुविधा SNCU से MNCU में होने वाले बदलाव से अलग है। MNCU बीमार नवजात और उसकी मां की चिकित्सा देखभाल से जुड़ी व्यवस्था है, जबकि Child Care Centre छोटे बच्चों की देखभाल की सुविधा के लिए होगा।
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8 नए मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य विंग का काम होगा तेज
स्वास्थ्य विभाग ने प्रदेश में 8 Maternal and Child Health (MCH) Wings के निर्माण में भी तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।
इन विंग के माध्यम से महिलाओं और बच्चों के लिए समर्पित स्वास्थ्य ढांचा मजबूत किया जाएगा। गर्भावस्था, प्रसव और बच्चों से जुड़ी स्वास्थ्य सेवाओं को एकीकृत तरीके से उपलब्ध कराने की दिशा में इनका इस्तेमाल किया जाएगा।
गर्भवती महिलाओं के लिए 100 First Referral Units
मां-बच्चे की स्वास्थ्य व्यवस्था में एक और महत्वपूर्ण बदलाव First Referral Units (FRU) का विस्तार है।
हरियाणा में इनकी संख्या 40 से बढ़ाकर 100 किए जाने की जानकारी दी गई है। इन इकाइयों का उद्देश्य ऐसी गर्भवती महिलाओं को समय पर उचित अस्पताल और विशेषज्ञ उपचार उपलब्ध कराना है, जिन्हें विशेष या आपातकालीन चिकित्सा देखभाल की आवश्यकता होती है।
इसके अलावा 38 विशेषज्ञ डॉक्टरों की भर्ती की गई है। इनमें बाल रोग, स्त्री रोग, मेडिसिन और एनेस्थीसिया जैसे क्षेत्रों के विशेषज्ञ शामिल हैं।
हाई रिस्क प्रेग्नेंसी पर भी रहेगा फोकस
स्वास्थ्य विभाग ने ASHA workers के प्रशिक्षण को भी मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। खास तौर पर High-Risk Pregnancy की पहचान, समय पर referral और follow-up care पर ध्यान दिया जाएगा।
डॉक्टरों, नर्सों, रेडियोग्राफर और अन्य paramedical कर्मचारियों के लिए जरूरत और कौशल के आधार पर Continuous Medical Education का वार्षिक कैलेंडर तैयार करने को भी कहा गया है।
इसके साथ Women Clinics की सेवाओं को अधिक प्रभावी और सुलभ बनाने पर काम किया जाएगा, ताकि महिलाओं को गर्भावस्था, reproductive health, maternal care और प्रसव के बाद की स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर तरीके से मिल सकें।
हरियाणा में मातृ और नवजात मृत्यु दर में आई कमी
स्वास्थ्य विभाग की बैठक में राज्य के मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य से जुड़े आंकड़े भी सामने रखे गए। ताजा जानकारी के मुताबिक मातृ मृत्यु अनुपात 127 से घटकर 94 और नवजात मृत्यु दर 26 से घटकर 17 हुई है।
सरकार अब MNCU, MCH Wings, First Referral Units और specialist doctors के जरिए इस स्वास्थ्य ढांचे को और मजबूत करने पर काम कर रही है।
एक नजर में क्या-क्या बदलेगा?
| नई व्यवस्था | जानकारी |
|---|---|
| SNCU | 29 इकाइयां |
| बदलाव | SNCU को MNCU बनाया जाएगा |
| समय सीमा | 1 नवंबर 2026 |
| Child Care Centre | सभी जिला अस्पतालों में |
| नए MCH Wings | 8 |
| First Referral Units | 40 से बढ़ाकर 100 |
| विशेषज्ञ डॉक्टर | 38 की भर्ती |
मरीजों को क्या फायदा होगा?
इन बदलावों का सबसे बड़ा असर गर्भवती महिलाओं, नवजात बच्चों और छोटे बच्चों के साथ सरकारी अस्पताल आने वाली महिलाओं पर पड़ेगा।
विशेष देखभाल की जरूरत वाले नवजात को इलाज के दौरान मां के करीब रखने की व्यवस्था मजबूत होगी। वहीं First Referral Units बढ़ने से जटिल गर्भावस्था के मामलों में समय पर referral और treatment की सुविधा बेहतर करने का लक्ष्य है। जिला अस्पतालों में Child Care Centres बनने से छोटे बच्चों के साथ आने वाली महिलाओं को भी अस्पताल परिसर में नई सुविधा मिलेगी।








