हरियाणा के किसानों के लिए बड़ी अपडेट, समय पर मिलेगा गेहूं का बीज और खाद; पराली मशीनों की सब्सिडी पर भी आदेश
चंडीगढ़। हरियाणा में आगामी रबी सीजन की तैयारियों को लेकर कृषि विभाग ने काम तेज कर दिया है। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि किसानों को गेहूं का गुणवत्तापूर्ण बीज और खाद समय पर उपलब्ध कराया जाए। इसके साथ ही पराली प्रबंधन के लिए सब्सिडी पर दी जाने वाली कृषि मशीनों की फिजिकल वेरिफिकेशन जल्द पूरी कर किसानों के खातों में सब्सिडी भेजने को कहा गया है।
अक्टूबर की बुआई के लिए गेहूं का पर्याप्त बीज
कृषि मंत्री ने 20 अगस्त को अपने कार्यालय में खाद और बीज की उपलब्धता को लेकर समीक्षा बैठक की। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में करीब 40.64 लाख क्विंटल गेहूं का कच्चा बीज (रॉ-सीड) उपलब्ध है।
वहीं, हरियाणा में सामान्य तौर पर गेहूं की बुआई के लिए करीब 17 से 18 लाख क्विंटल बीज की जरूरत होती है। फिलहाल इस बीज की प्रोसेसिंग और सर्टिफिकेशन की प्रक्रिया चल रही है और विभाग के अनुसार इसे सितंबर तक तैयार कर लिया जाएगा।
इसका मतलब है कि अक्टूबर में शुरू होने वाली गेहूं की बुआई के लिए प्रदेश में बीज की पर्याप्त उपलब्धता रहने की उम्मीद है।
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चना और मसूर के बीज पर भी सरकार का फोकस
सिर्फ गेहूं ही नहीं, कृषि मंत्री ने अधिकारियों को चना और मसूर के अच्छे गुणवत्ता वाले बीज की भी पर्याप्त व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं।
सरकार का फोकस किसानों को बेहतर गुणवत्ता का बीज उपलब्ध कराने पर है, ताकि इन दलहनी फसलों की पैदावार और किसानों की आमदनी में सुधार हो सके।
हरियाणा में कितना खाद स्टॉक उपलब्ध है?
रबी सीजन को देखते हुए सरकार ने यूरिया, डीएपी, एनपीके और एसएसपी का पर्याप्त स्टॉक रखने के निर्देश दिए हैं।
कृषि विभाग की बैठक में उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के मुताबिक फिलहाल प्रदेश में:
- यूरिया: 2,34,712 मीट्रिक टन
- डीएपी: 55,081 मीट्रिक टन
- एनपीके: 35,049 मीट्रिक टन
- एसएसपी: 59,610 मीट्रिक टन
स्टॉक में उपलब्ध है। कृषि मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि किसानों को बुआई और फसल की शुरुआती बढ़वार के समय खाद के लिए परेशानी न हो, इसके लिए पर्याप्त स्टॉक बनाए रखा जाए।
‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ से खाद वितरण को जोड़ने का फायदा
कृषि मंत्री ने बताया कि खाद वितरण व्यवस्था को ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ पोर्टल से जोड़ने का फायदा किसानों को मिला है। उनके अनुसार इससे खाद की उपलब्धता में सुधार हुआ और केंद्र सरकार की सब्सिडी में करीब 863 करोड़ रुपये की बचत हुई।
पराली मशीनों की सब्सिडी पर क्या आदेश दिए गए?
बैठक में फसल अवशेष प्रबंधन योजना की भी समीक्षा की गई। सरकार किसानों को पराली प्रबंधन के लिए विभिन्न कृषि मशीनों पर सब्सिडी देती है।
कृषि मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों द्वारा मशीन खरीदने के बाद उसकी फिजिकल वेरिफिकेशन तुरंत की जाए और सत्यापन पूरा होते ही सब्सिडी की राशि जल्द से जल्द किसान के बैंक खाते में भेजी जाए।
इन मशीनों में प्रमुख रूप से:
- सुपर सीडर
- बेलिंग मशीन
- हैप्पी सीडर
- श्रेडर मास्टर
- जीरो टिल सीड कम फर्टिलाइजर ड्रिल
शामिल हैं।
किसानों के लिए क्या मायने रखता है?
इस समीक्षा बैठक का सीधा फोकस अक्टूबर में शुरू होने वाली रबी बुआई से पहले कृषि इनपुट की उपलब्धता सुनिश्चित करना है। गेहूं के बीज की प्रोसेसिंग-सर्टिफिकेशन सितंबर तक पूरी करने, खाद का पर्याप्त स्टॉक बनाए रखने और पराली प्रबंधन मशीनों की वेरिफिकेशन के बाद सब्सिडी भुगतान में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं।








