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हरियाणा में ट्रेन यात्रियों की सुरक्षा होगी और मजबूत, RPF के साथ GRP भी करेगी एस्कॉर्ट ड्यूटी

हरियाणा के फरीदाबाद सर्कल में अब GRP जवान RPF के साथ ट्रेन एस्कॉर्ट ड्यूटी करेंगे। राज्…

हरियाणा में ट्रेनों में RPF के साथ GRP भी करेगी एस्कॉर्ट ड्यूटी

फरीदाबाद/चंडीगढ़। हरियाणा में ट्रेन से सफर करने वाले यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में कदम उठाया गया है। फरीदाबाद सर्कल में अब Government Railway Police (GRP) के जवान भी RPF के साथ ट्रेनों में एस्कॉर्ट ड्यूटी करेंगे। इसका उद्देश्य चलती ट्रेन में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना और यात्रियों से जुड़ी घटनाओं पर पुलिस की मौजूदगी और प्रतिक्रिया को बेहतर करना है।

हरियाणा के लिए यह बदलाव इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि राज्य से रोजाना बड़ी संख्या में ट्रेनें गुजरती हैं। Haryana Police के मुताबिक हर दिन करीब 693 ट्रेनें हरियाणा से होकर गुजरती हैं। रेलवे पुलिस व्यवस्था के लिए राज्य में अंबाला, फरीदाबाद और हिसार तीन सब-डिवीजन हैं।

फरीदाबाद में क्या नई व्यवस्था शुरू हुई है?

फरीदाबाद सर्कल में GRP को RPF के साथ ट्रेन एस्कॉर्ट ड्यूटी में लगाया जा रहा है। यानी यात्रियों को ट्रेन के सफर के दौरान सुरक्षा से जुड़े मामलों में रेलवे पुलिस की मौजूदगी मिलेगी।

यहां एक बात समझना जरूरी है कि RPF और GRP एक ही बल नहीं हैं और दोनों की भूमिकाएं भी अलग हैं।

रेलवे के RPF Establishment Manual के अनुसार रेलवे में कानून-व्यवस्था, अपराध की रोकथाम और मामलों की जांच की प्राथमिक जिम्मेदारी राज्य सरकार के जरिए GRP/सिविल पुलिस की होती है। वहीं RPF यात्रियों और यात्री क्षेत्र की सुरक्षा में GRP के प्रयासों को सहयोग देती है। ट्रेन एस्कॉर्टिंग भी RPF की सुरक्षा जिम्मेदारियों में शामिल है।

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हरियाणा से रोज गुजरती हैं 693 ट्रेनें

ट्रेन यात्रियों के लिहाज से हरियाणा एक महत्वपूर्ण रेल कॉरिडोर है। Haryana Police के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार 693 ट्रेनें प्रतिदिन राज्य से गुजरती हैं।

राज्य में Railway Police का मुख्यालय अंबाला कैंट में है। इसके अलावा रेलवे पुलिस की तीन सब-डिवीजन अंबाला, फरीदाबाद और हिसार में हैं। राज्य में 16 Government Railway Police Stations और 24 Police Posts हैं।

इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि रेलवे सुरक्षा व्यवस्था हरियाणा के सिर्फ एक शहर तक सीमित नहीं है, बल्कि राज्य के कई प्रमुख रेल मार्गों और स्टेशनों से जुड़ी हुई है।

RPF और GRP में क्या अंतर है?

यात्रियों के लिए RPF और GRP की भूमिका समझना भी जरूरी है।

GRP यानी Government Railway Police राज्य पुलिस का हिस्सा है। रेलवे पुलिस के अधिकार क्षेत्र में आने वाले मामलों में कानून-व्यवस्था, अपराध की रोकथाम और जांच जैसे पुलिस कार्य GRP से जुड़े हैं।

वहीं RPF यानी Railway Protection Force रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। RPF यात्रियों और रेलवे परिसर की सुरक्षा के साथ-साथ ट्रेन एस्कॉर्टिंग, महिला एवं बच्चों की सुरक्षा और अन्य सुरक्षा गतिविधियों में भी काम करती है।

इसलिए फरीदाबाद सर्कल में दोनों की एस्कॉर्ट ड्यूटी का मतलब यह है कि रेलवे सुरक्षा में RPF और राज्य की GRP के बीच समन्वय और मजबूत होगा।

ट्रेन में GRP और RPF की मौजूदगी से यात्रियों को क्या फायदा होगा?

चलती ट्रेन में सुरक्षा बल की मौजूदगी से यात्रियों को किसी घटना की स्थिति में मौके पर सहायता मिलने की संभावना बेहतर होती है।

रेलवे के सुरक्षा दस्तावेजों में RPF और GRP एस्कॉर्ट स्टाफ को ट्रेन में निगरानी रखने और जरूरत पड़ने पर कार्रवाई के लिए जिम्मेदारियां दी गई हैं। रेलवे के एक आधिकारिक सुरक्षा दस्तावेज में RPF/GRP escort party को संदिग्ध वस्तु या सुरक्षा संबंधी घटना की स्थिति में संबंधित अधिकारियों को सूचना देने और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की प्रक्रिया का हिस्सा बताया गया है।

हालांकि, इस बदलाव को यह कहकर पेश करना सही नहीं होगा कि इससे ट्रेन में अपराध पूरी तरह खत्म हो जाएंगे। इसका सीधा फायदा सुरक्षा निगरानी और पुलिस की मौजूदगी को मजबूत करने के रूप में देखा जाना चाहिए।

हरियाणा में Railway Police का नेटवर्क कितना बड़ा है?

Haryana Police के मुताबिक राज्य में Railway Police की व्यवस्था कई स्तरों पर काम करती है।

  • Railway Police मुख्यालय: अंबाला कैंट
  • Railway Police Sub-Divisions: अंबाला, फरीदाबाद और हिसार
  • Government Railway Police Stations: 16
  • Police Posts: 24
  • हरियाणा से प्रतिदिन गुजरने वाली ट्रेनें: 693

राज्य के रेलवे पुलिस नेटवर्क में फरीदाबाद, गुरुग्राम, रोहतक, पानीपत, सोनीपत, जींद, रेवाड़ी और सिरसा समेत कई जगहों पर GRP की मौजूदगी है। Haryana Police की मौजूदा सूची में इन स्थानों के GRP थानों की जानकारी उपलब्ध है।

क्या हरियाणा की सभी ट्रेनों में GRP एस्कॉर्ट करेगी?

ऐसा कहना अभी सही नहीं होगा।

फरीदाबाद सर्कल में GRP को RPF के साथ एस्कॉर्ट ड्यूटी में शामिल किए जाने की जानकारी सामने आई है, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि हरियाणा से गुजरने वाली सभी 693 ट्रेनों में अब GRP जवान तैनात होंगे।

693 का आंकड़ा राज्य से रोज गुजरने वाली ट्रेनों की कुल संख्या बताता है। इसे GRP एस्कॉर्ट वाली ट्रेनों की संख्या नहीं समझना चाहिए।

यही अंतर यात्रियों और खबर पढ़ने वाले लोगों के लिए समझना जरूरी है।

ट्रेन में सुरक्षा समस्या होने पर यात्री क्या करें?

अगर सफर के दौरान चोरी, छेड़छाड़, मारपीट या किसी दूसरी सुरक्षा संबंधी समस्या का सामना करना पड़े तो यात्री ट्रेन में मौजूद RPF/GRP कर्मियों को सूचना दे सकते हैं।

रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था में RPF और GRP के बीच समन्वय की व्यवस्था पहले से है। रेलवे के आधिकारिक दस्तावेजों में ट्रेन एस्कॉर्ट और यात्री सुरक्षा से जुड़ी जिम्मेदारियों का उल्लेख किया गया है।

इसके अलावा यात्री रेलवे की उपलब्ध शिकायत और सहायता सेवाओं का इस्तेमाल कर सकते हैं।

यात्रियों के लिए इसका सीधा मतलब क्या है?

फरीदाबाद सर्कल में GRP को RPF के साथ ट्रेन एस्कॉर्ट ड्यूटी में शामिल करने का मतलब है कि ट्रेन में सुरक्षा के लिए राज्य की रेलवे पुलिस और RPF के बीच जमीन पर समन्वय बढ़ेगा।

हरियाणा जैसे बड़े रेल नेटवर्क वाले राज्य में यह व्यवस्था यात्रियों की सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण है। हालांकि, अभी इसे पूरे राज्य की हर ट्रेन पर लागू हुई व्यवस्था मानना सही नहीं होगा। फरीदाबाद सर्कल में शुरू हुई व्यवस्था की वास्तविक पहुंच संबंधित पुलिस और रेलवे के निर्देशों के अनुसार ही तय होगी।

लेखक

Kuldeep Singh

कुलदीप सिंह LocalHaryana.com पर लेखक के रुप में कार्यरत हैं। वे वर्ष 2021 से डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं। वे मुख्य रूप से हरियाणा समाचार, सरकारी योजनाएं, नौकरियां, शिक्षा, खेतीबाड़ी और मौसम से जुड़े विषयों पर लेखन करते हैं। उनका प्रयास पाठकों तक तथ्य आधारित, स्पष्ट और उपयोगी जानकारी सरल हिंदी में पहुँचाना है। LocalHaryana.com पर प्रकाशित सामग्री उपलब्ध आधिकारिक सूचनाओं और विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर तैयार की जाती है।

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