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हरियाणा में स्टार्टअप्स को 147 करोड़ की मदद की तैयारी, महिला उद्यमियों को ज्यादा फायदा

हरियाणा में ₹147 करोड़ के प्रस्तावित स्टार्टअप पैकेज और महिला उद्यमियों के लिए प्रोत्साहन
हरियाणा में स्टार्टअप्स के लिए ₹147 करोड़ के प्रस्तावित विस्तार में महिला उद्यमियों को अतिरिक्त प्रोत्साहन देने की योजना है।

हरियाणा सरकार स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए ₹147 करोड़ के प्रस्तावित विस्तार पर काम कर रही है। इसमें महिला नेतृत्व वाले स्टार्टअप्स के लिए ज्यादा प्रोत्साहन, निजी निवेश जुटाने पर मैचिंग ग्रांट, सरकारी खरीद में हिस्सेदारी, तकनीकी सहायता और कॉरपोरेट साझेदारी जैसे प्रस्ताव शामिल हैं।

हरियाणा में स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए यह प्रस्ताव Haryana State Startup Policy 2022 के पूरक के तौर पर सामने आया है। प्रस्तावित बदलावों का उद्देश्य स्टार्टअप्स के लिए फंडिंग, बाजार, तकनीक और कारोबार के नए अवसर बढ़ाना है।

147 करोड़ रुपये के प्रस्ताव में क्या-क्या शामिल है?

प्रस्तावित विस्तार में पात्र हरियाणा आधारित स्टार्टअप्स के लिए सरकारी विभागों की सालाना खरीद में 10 प्रतिशत हिस्सेदारी आरक्षित करने का प्रस्ताव है। इससे स्टार्टअप्स को सरकारी बाजार में अपने उत्पाद और सेवाएं उपलब्ध कराने का अवसर मिल सकता है।

इसके अलावा निजी या एंजल निवेशकों से पूंजी जुटाने वाले स्टार्टअप्स को ₹25 लाख तक की मैचिंग ग्रांट देने का प्रस्ताव है।

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महिला स्टार्टअप्स को कितना ज्यादा फायदा मिलेगा?

प्रस्तावित बदलावों में महिला नेतृत्व वाले स्टार्टअप्स पर विशेष जोर दिया गया है।

महिला नेतृत्व वाले स्टार्टअप्स के लिए लीज रेंटल सब्सिडी को मौजूदा 45 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत करने का प्रस्ताव है। इसकी सालाना अधिकतम सीमा भी ₹5 लाख से बढ़ाकर ₹10 लाख करने की बात कही गई है।

इसके साथ ही महिला नेतृत्व वाले स्टार्टअप्स को 7 साल तक 100 प्रतिशत नेट SGST प्रतिपूर्ति देने का प्रस्ताव है। सामान्य स्टार्टअप्स के लिए यह प्रतिपूर्ति 50 प्रतिशत प्रस्तावित है। यह लाभ मौजूदा फिक्स्ड कैपिटल इन्वेस्टमेंट से जुड़ी सीमा और अन्य शर्तों के अधीन रहेगा।

ग्रामीण और पारंपरिक कारोबार करने वाली महिलाओं के लिए क्या है?

प्रस्तावित पैकेज में महिला नेतृत्व वाले उद्यमों के लिए ₹50 हजार से ₹1 लाख तक के थीम आधारित माइक्रो-ग्रांट का भी प्रस्ताव है।

इनमें पारंपरिक टेक्सटाइल, पर्यावरण अनुकूल ग्रामीण शिल्प, स्थानीय खाद्य उत्पाद और आयुर्वेद आधारित वेलनेस जैसे क्षेत्र शामिल हैं। इससे पारंपरिक और ग्रामीण कारोबार को शुरुआती स्तर पर वित्तीय सहायता मिलने का रास्ता खुल सकता है।

स्टार्टअप्स को बाजार में पहुंच बनाने के लिए क्या मिलेगा?

प्रस्तावित व्यवस्था में घरेलू प्रदर्शनियों में हिस्सा लेने के लिए पात्र स्टार्टअप्स को ₹5 लाख तक की सहायता देने की बात कही गई है। महिला नेतृत्व वाले स्टार्टअप्स के लिए यह सहायता ₹7 लाख तक हो सकती है।

इसके अलावा तकनीक को कारोबार में लाने के लिए ₹10 लाख तक की टेक्नोलॉजी ट्रांसफर सहायता का प्रस्ताव है। गुणवत्ता प्रमाणन की लागत की 50 प्रतिशत तक एकमुश्त प्रतिपूर्ति का भी प्रस्ताव है, जिसकी अधिकतम सीमा ₹25 लाख प्रति स्टार्टअप रखी गई है।

विद्यार्थियों को स्टार्टअप्स से जोड़ने की क्या योजना है?

प्रस्तावित पैकेज में राज्य के विश्वविद्यालयों और पॉलीटेक्निक संस्थानों के विद्यार्थियों को स्टार्टअप्स में अप्रेंटिसशिप देने पर स्टाइपेंड लागत की 50 प्रतिशत तक प्रतिपूर्ति का प्रावधान प्रस्तावित है। इसकी सीमा ₹7,500 प्रति अप्रेंटिस बताई गई है।

स्कूल स्तर पर उद्यमिता और तकनीकी रुचि बढ़ाने के लिए हर साल 10,000 DIY टेक्नोलॉजी किट वितरित करने का प्रस्ताव भी है। इसमें खासतौर पर छात्राओं को तकनीक और नवाचार से जोड़ने पर जोर दिया गया है।

H-Hub से स्टार्टअप्स को क्या फायदा हो सकता है?

प्रस्ताव में एक H-Hub इनक्यूबेटर विकसित करने की योजना भी शामिल है। इसका उद्देश्य स्टार्टअप्स, कॉरपोरेट कंपनियों और शैक्षणिक संस्थानों को एक मंच पर जोड़ना है।

कॉरपोरेट कंपनियों के साथ पायलट प्रोजेक्ट चलाने वाले स्टार्टअप्स को ₹10 लाख तक की मैचिंग ग्रांट देने का प्रस्ताव भी सामने आया है।

147 करोड़ की राशि किन कामों में प्रस्तावित है?

उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार प्रस्तावित अतिरिक्त वित्तीय आवश्यकता में अलग-अलग गतिविधियों के लिए राशि रखी गई है। इसमें सीड-फंड मैचिंग और गुणवत्ता प्रमाणन के लिए ₹25-₹25 करोड़, प्रदर्शनियों के लिए ₹22 करोड़, अप्रेंटिसशिप के लिए ₹22.5 करोड़ तथा टेक्नोलॉजी ट्रांसफर और कॉरपोरेट पायलट कार्यक्रमों के लिए ₹10-₹10 करोड़ शामिल हैं।

क्या 147 करोड़ रुपये अभी मंजूर हो चुके हैं?

नहीं। यह बात स्पष्ट रूप से समझना जरूरी है।

₹147 करोड़ को अभी स्टार्टअप्स के खातों में पहुंची या मंजूर सहायता राशि नहीं माना जाना चाहिए। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार यह Haryana State Startup Policy 2022 के प्रस्तावित विस्तार के लिए अतिरिक्त वित्तीय आवश्यकता है। प्रस्तावित बदलावों को लागू करने से पहले संबंधित सरकारी प्रक्रिया पूरी होना जरूरी होगा।

हरियाणा की आधिकारिक Startup Haryana वेबसाइट पर वर्तमान में Haryana State Startup Policy 2022 ही नीति के रूप में उपलब्ध है। इस नीति में महिला उद्यमिता, इनक्यूबेशन, वित्तीय सहायता और स्टार्टअप इकोसिस्टम को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया है।

अभी मौजूदा स्टार्टअप नीति में क्या लाभ मिलते हैं?

Startup Haryana के अनुसार मौजूदा नीति में पात्र स्टार्टअप्स के लिए कई वित्तीय प्रोत्साहन हैं। इनमें सीड ग्रांट के तौर पर ₹10 लाख तक की सहायता, पेटेंट लागत की प्रतिपूर्ति, लीज रेंटल सब्सिडी, नेट SGST प्रतिपूर्ति, क्लाउड स्टोरेज खर्च की प्रतिपूर्ति और एक्सेलेरेशन कार्यक्रमों के लिए सहायता शामिल है।

मौजूदा व्यवस्था में सामान्य स्टार्टअप्स के लिए लीज रेंटल सब्सिडी 30 प्रतिशत और केवल महिला संस्थापकों वाले स्टार्टअप्स के लिए 45 प्रतिशत तक, अधिकतम ₹5 लाख की सीमा के साथ उपलब्ध है। प्रस्तावित बदलाव में महिला नेतृत्व वाले स्टार्टअप्स के लिए इसे 50 प्रतिशत और ₹10 लाख तक बढ़ाने की बात कही गई है।

लेखक

Sandeep Kumar

संदीप कुमार LocalHaryana.com के संस्थापक और संपादक हैं। वे वर्ष 2020 से डिजिटल पत्रकारिता और ऑनलाइन समाचार प्रकाशन के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं। वे मुख्य रूप से हरियाणा समाचार, सरकारी योजनाएं, नौकरियां, शिक्षा, खेतीबाड़ी और मौसम से जुड़े विषयों पर लेखन और संपादन करते हैं। उनका प्रयास पाठकों तक तथ्य आधारित, स्पष्ट और उपयोगी जानकारी सरल हिंदी में पहुँचाना है। LocalHaryana.com पर प्रकाशित सामग्री उपलब्ध आधिकारिक सूचनाओं और विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर तैयार की जाती है।

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