हरियाणा सरकार ने शामलात भूमि आवेदन की डेडलाइन बढ़ाई, जाने अब कब तक कर सकते है आवेदन। Haryana Samadhan portal Registration
Haryana Samadhan portal: हरियाणा सरकार ने शामलात भूमि पर बने मकानों के नियमितीकरण के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 16 जनवरी 2027 तक बढ़ा दी है। समाधान पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन की पूरी प्रक्रिया, जरूरी दस्तावेज और पात्रता की जान…
करनाल/चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने ग्राम पंचायत की शामलात भूमि पर 31 मार्च 2004 या उससे पहले बने 500 वर्ग गज तक के आवासीय मकानों के नियमितीकरण और भूमि विक्रय से जुड़े आवेदनों की अंतिम तिथि 16 जनवरी 2027 तक बढ़ा दी है। यह फैसला उन हजारों पात्र परिवारों को राहत देने के लिए किया गया है, जो सीमांकन रिपोर्ट में देरी, दस्तावेजों की कमी और प्रशासनिक अड़चनों के कारण पहले निर्धारित समय पर आवेदन नहीं कर पाए थे। अब सभी आवेदन केवल ‘समाधान’ (SAMADHAN) ऑनलाइन पोर्टल के जरिए ही किए जाएंगे, किसी भी तरह का ऑफलाइन या भौतिक आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा।
16 जनवरी 2027 तक बढ़ी आवेदन की आखिरी तारीख
करनाल के उपायुक्त डॉ. आनंद कुमार शर्मा ने बताया कि हरियाणा सरकार के विकास एवं पंचायत विभाग ने इस आशय के दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। सरकार ने नियम 15बी में संशोधन कर आवेदन की अवधि एक साल के लिए बढ़ाने का फैसला लिया है। पूर्व में कई पात्र नागरिक वास्तविक और प्रक्रियागत कठिनाइयों के कारण समय पर आवेदन नहीं कर पाए थे। खास तौर पर डिमार्केशन (सीमांकन) रिपोर्ट प्राप्त करने में देरी, जरूरी दस्तावेजों की उपलब्धता और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं के चलते बड़ी संख्या में योग्य आवेदक आवेदन करने से वंचित रह गए थे।
क्या है ‘समाधान’ पोर्टल और कैसे करें आवेदन?
विकास एवं पंचायत विभाग ने नागरिकों को पारदर्शी, सरल और समयबद्ध सेवाएं देने के लिए ‘समाधान’ ऑनलाइन पोर्टल विकसित किया है। इस पोर्टल का पूरा नाम ‘शामलात आवास मालिकियत धन योजना’ (SAMADHAN – Shamlat Awas Malikiyat Dhan Yojana) है। आवेदक इस पोर्टल के जरिए घर बैठे अपना आवेदन और सभी जरूरी दस्तावेज अपलोड कर सकते हैं।
आवेदन की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है। आवेदक को सबसे पहले समाधान पोर्टल (samadhan.haryanadp.gov.in) पर जाकर अपने जिला, ब्लॉक और ग्राम पंचायत का चयन करना होगा। इसके बाद फैमिली आईडी, आधार संख्या या पंजीकृत मोबाइल नंबर के जरिए पंजीकरण करना होगा। मोबाइल पर आए ओटीपी की पुष्टि के बाद आवेदन पत्र में मांगी गई सारी जानकारी भरकर दस्तावेज अपलोड करने होंगे।
आवेदन के लिए किन दस्तावेजों की जरूरत?
शामलात भूमि पर बने 500 वर्ग गज तक के मकानों के नियमितीकरण के लिए आवेदन करते समय कई दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड करने होंगे। इनमें नवीनतम खसरा गिरदावरी की प्रति, नवीनतम जमाबंदी की प्रति, वर्ष 2004 या उससे पहले की जमाबंदी की प्रति, मकान का साइट प्लान (कवर्ड और खुला क्षेत्र दिखाते हुए), मकान के सभी दिशाओं से खींचे गए रंगीन फोटोग्राफ, 31 मार्च 2004 से पहले कब्जा साबित करने वाले दस्तावेज, सीमांकन (डिमार्केशन) रिपोर्ट और उसकी फील्ड बुक तथा अक्स-शजरा शामिल हैं। आवेदक को आवेदन से पहले सभी दस्तावेज तैयार और सत्यापित कर लेने चाहिए।
कब तक और कितने पैसे जमा करने होंगे?
पात्र परिवारों को 2004 में लागू कलेक्टर रेट के आधार पर तय जमीन की कीमत का डेढ़ गुना राशि जमा करनी होगी। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पहले ही यह साफ कर दिया था कि 20 साल से शामलात जमीन पर मकान बना रह रहे परिवार ही इस योजना के पात्र हैं।
सत्यापन से लेकर स्वीकृति तक कैसी रहेगी प्रक्रिया?
आवेदन की प्रक्रिया पांच चरणों में पूरी होगी। पात्र परिवार पहले ऑनलाइन आवेदन करेंगे, फिर ग्राम सचिव द्वारा केस अग्रेषित किए जाएंगे। इसके बाद ग्राम पंचायत और ग्राम सभा की कार्यवाही होगी, फिर बीडीपीओ (खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी) की अनुशंसा के बाद अंतिम मंजूरी उपायुक्त स्तर पर दी जाएगी। आवेदक को हर स्तर पर एसएमएस के जरिए जानकारी दी जाएगी। इससे सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं रहेगी।
उपायुक्त को मिली अंतिम मंजूरी की शक्ति
सरकार ने लंबित मामलों के जल्द निपटारे के लिए हरियाणा विलेज कॉमन लैंड्स (रेगुलेशन) अधिनियम, 1961 में संशोधन किया है। अब पात्र मामलों में अंतिम स्वीकृति देने की शक्ति संबंधित उपायुक्त को सौंप दी गई है। इससे मामलों का त्वरित और प्रभावी निपटारा हो सकेगा। पहले यह अधिकार विकास एवं पंचायत विभाग के निदेशक के पास था, जिससे कई मामले लंबित रह जाते थे।
क्या ऑफलाइन आवेदन मान्य होंगे?
अब सभी नए और लंबित मामलों का निपटारा केवल ‘समाधान’ पोर्टल के जरिए ही किया जाएगा। किसी भी तरह का ऑफलाइन या भौतिक आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा। जिन मामलों में पहले से भौतिक आवेदन मिल चुके हैं, उन्हें भी आगे की कार्यवाही से पहले सभी जरूरी दस्तावेज, ग्राम पंचायत और ग्राम सभा के प्रस्तावों सहित समाधान पोर्टल पर अपलोड करना होगा।








