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योजना

हरियाणा में शामलात भूमि पर बने मकानों के लिए शुरू हुआ समाधान पोर्टल, जाने जरूरी डॉक्यूमेंट्स और आवेदन का तरीका

Samadhan Portal Haryana: हरियाणा सरकार ने शामलात (पंचायत) भूमि पर बसे ग्रामीण परिवारों को मालिकाना हक देने के लिए 'समाधान पोर्टल' (samadhan.haryanadp.gov.in) शुरू किया है। 31 मार्च 2004 से पहले पंचायत भूमि पर बने 500 वर…

Panchayat Land Ownership Samadhan Portal Haryana, समाधान पोर्टल शामलात भूमि मालिकाना हक

हरियाणा सरकार ने शामलात (पंचायत) भूमि पर बसे ग्रामीण परिवारों को उनके आवास का कानूनी मालिकाना हक देने के लिए ‘समाधान पोर्टल’ (SAMADHAN Portal) शुरू किया है। विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने इस पोर्टल का शुभारंभ किया। इस डिजिटल पहल के तहत 31 मार्च 2004 से पहले पंचायत भूमि पर बने 500 वर्ग गज तक के मकानों को नियमित करने की प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। पात्र ग्रामीण परिवार 16 जनवरी 2027 तक आधिकारिक पोर्टल samadhan.haryanadp.gov.in पर आवेदन कर सकते हैं

क्या है समाधान पोर्टल?

समाधान पोर्टल हरियाणा सरकार की एक डिजिटल पहल है, जिसका पूरा नाम ‘शामलात आवास मालिकियत धन योजना’ (SAMADHAN – Shamlat Awas Malikiyat Dhan Yojana) है। इस पोर्टल के माध्यम से दशकों से पंचायत भूमि पर रह रहे ग्रामीण परिवारों को उनके आवास का स्पष्ट, पारदर्शी और विवाद-रहित कानूनी मालिकाना हक दिया जाएगा

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सरकार का मानना है कि इस पोर्टल के शुरू होने से लोगों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन होने से समय की बचत होगी और मामलों के निपटारे में भी तेजी आएगी। सत्यापन के बाद आवेदकों को डिजिटल मालिकियत प्रमाण-पत्र (Government Order) जारी किया जाएगा

कौन कर सकता है आवेदन? (पात्रता शर्तें)

समाधान पोर्टल पर आवेदन के लिए कुछ पात्रता शर्तें निर्धारित की गई हैं:

इसके अलावा आवेदन के लिए परिवार पहचान पत्र से जुड़ा मोबाइल नंबर अनिवार्य है

आवेदन की अंतिम तिथि

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शामलात भूमि पर रहने वाले परिवारों के लिए आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाकर 16 जनवरी 2027 कर दी है। पात्र परिवार इस तिथि तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। जिन परिवारों ने शामलात भूमि पर 20 साल से अधिक समय से निवास किया है, वे वर्ष 2004 के कलेक्टर रेट पर तय भूमि मूल्य का डेढ़ गुना जमा करके मालिकाना हक के लिए पात्र होंगे

मुख्यमंत्री ने बताया कि कई पात्र लोग दस्तावेजों से जुड़ी कठिनाइयों के कारण आवेदन नहीं कर पा रहे थे, इसलिए सरकार ने राहत देते हुए आवेदन की अवधि बढ़ाई है

आवेदन प्रक्रिया: पांच चरणों में होगा काम

समाधान पोर्टल के माध्यम से मालिकाना हक पाने की प्रक्रिया पांच चरणों में पूरी होगी:

  1. ऑनलाइन आवेदन: पात्र परिवार समाधान पोर्टल (samadhan.haryanadp.gov.in) पर जाकर ऑनलाइन आवेदन करेंगे

  2. ग्राम पंचायत स्तर पर सत्यापन: आवेदन की जांच ग्राम पंचायत स्तर पर की जाएगी

  3. फील्ड सर्वे: क्षेत्रीय अधिकारी द्वारा निरीक्षण किया जाएगा

  4. मुख्यालय स्वीकृति: मुख्यालय अधिकारी द्वारा अनुमोदन दिया जाएगा

  5. प्रमाण-पत्र: डिजिटल प्रमाण-पत्र जारी किया जाएगा

सभी पांच चरणों की जांच और स्वीकृति के बाद आवेदक को ऑनलाइन मालिकियत प्रमाण-पत्र जारी किया जाएगा। हर चरण की स्थिति आवेदक को दृश्यमान रहती है

शामलात भूमि क्या है?

शामलात भूमि ग्राम पंचायत के स्वामित्व वाली सामुदायिक भूमि होती है, जिसका उपयोग गांव की सामूहिक जरूरतों के लिए किया जाता है। हरियाणा में शामलात भूमि का विनियमन ‘हरियाणा ग्राम शामलात (विनियमन) अधिनियम, 1961’ के तहत किया जाता है

वर्षों से कई ग्रामीण परिवार इन्हीं शामलात भूमियों पर अपने मकान बनाकर रह रहे थे, लेकिन उन्हें कानूनी मालिकाना हक नहीं मिल पाता था। समाधान पोर्टल इसी समस्या का समाधान करेगा और इन परिवारों को कानूनी अधिकार दिलाएगा

मालिकाना हक पाने के लिए कितनी राशि देनी होगी?

सरकारी निर्देशों के अनुसार, पात्र परिवारों को भूमि का मूल्य वर्ष 2004 अथवा उपलब्ध अगले वर्ष की कलेक्टर रेट के अनुसार देना होगा। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के अनुसार, 20 साल से अधिक समय से शामलात भूमि पर रहने वाले परिवार वर्ष 2004 के कलेक्टर रेट पर तय भूमि मूल्य का डेढ़ गुना जमा करके मालिकाना हक प्राप्त कर सकते हैं

हरियाणा ग्रामीण परियोजना प्रबंधन प्रणाली (HRPMS) भी शुरू

समाधान पोर्टल के साथ ही सरकार ने ‘हरियाणा ग्रामीण परियोजना प्रबंधन प्रणाली’ (HRPMS) पोर्टल भी शुरू किया है। इस डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से ग्रामीण विकास से जुड़ी परियोजनाओं और योजनाओं की ऑनलाइन निगरानी की जाएगी। इससे विकास कार्यों की प्रगति, खर्च और गुणवत्ता पर नजर रखना आसान होगा

जिलों में क्या है स्थिति?

अंबाला जिले में योजना शुरू होने के बावजूद अब तक केवल पांच आवेदन ही पोर्टल पर पहुंचे हैं। जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी दिनेश शर्मा ने सभी खंड विकास एवं पंचायत अधिकारियों को गांवों में मुनादी करवाकर पात्र परिवारों तक योजना की जानकारी पहुंचाने के निर्देश दिए हैं

कुरुक्षेत्र के उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि सरकार इस विषय को लेकर लगातार कार्य कर रही है

महत्वपूर्ण दस्तावेज

आवेदन के लिए निम्नलिखित दस्तावेजों की आवश्यकता होगी:

  • नवीनतम खसरा गिरदावरी की प्रति

  • नवीनतम जमाबंदी की प्रति

  • वर्ष 2004 या उससे पहले की जमाबंदी

  • मकान का साइट मैप (ढका और खुला क्षेत्र सहित)

  • मकान की सभी दिशाओं से ली गई रंगीन फोटो

  • 31 मार्च 2004 से पहले के कब्जे का प्रमाण

  • डिमार्केशन रिपोर्ट, फील्ड बुक तथा अक्स-शजरा

संपर्क सहायता

आवेदन से संबंधित किसी भी समस्या के लिए हेल्पडेस्क ईमेल helpdesk.samadhanhry@gmail.com पर संपर्क किया जा सकता है।

लेखक

Sandeep Kumar

संदीप कुमार LocalHaryana.com के संस्थापक और संपादक हैं। वे वर्ष 2020 से डिजिटल पत्रकारिता और ऑनलाइन समाचार प्रकाशन के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं। वे मुख्य रूप से हरियाणा समाचार, सरकारी योजनाएं, नौकरियां, शिक्षा, खेतीबाड़ी और मौसम से जुड़े विषयों पर लेखन और संपादन करते हैं। उनका प्रयास पाठकों तक तथ्य आधारित, स्पष्ट और उपयोगी जानकारी सरल हिंदी में पहुँचाना है। LocalHaryana.com पर प्रकाशित सामग्री उपलब्ध आधिकारिक सूचनाओं और विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर तैयार की जाती है।

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