शुक्रवार, 31 जुलाई 2026 | 19:40 ISTFollow us at:
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क्या है PM सूर्य सरोवर योजना जिसको 5,070 करोड़ के बजट के साथ मिली मंजूरी, जाने आम आदमी क्या मिलेगा लाभ

PM Surya Sarovar Yojana Benefits: प्रधानमंत्री सूर्य सरोवर योजना (PM-SSY) केंद्र सरकार की एक नई योजना है, जिसे 31 जुलाई 2026 को कैबिनेट ने मंजूरी दी है। 5,070 करोड़ रुपये के बजट वाली इस योजना के तहत देश के तालाबों, झीलो…

PM Surya Sarovar Yojana Floating Solar
PM-SSY: फ्लोटिंग सोलर से मिलेगी सस्ती बिजली, जानें क्या है योजना और कैसे होगा काम

PM Surya Sarovar Yojana Benefits: केंद्रीय कैबिनेट ने 31 जुलाई 2026 को प्रधानमंत्री सूर्य सरोवर योजना (PM-SSY) को मंजूरी दे दी है। 5,070 करोड़ रुपये के बजट वाली इस योजना के तहत देश के तालाबों, झीलों और जलाशयों पर 5,000 मेगावाट क्षमता के फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट लगाए जाएंगे। योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि हर प्रोजेक्ट के साथ 10,000 मेगावाट-घंटे (MWh) की बैटरी स्टोरेज क्षमता भी जोड़ी जाएगी, जिससे रात के समय या बादल वाले मौसम में भी बिजली मिल सकेगी

PM सूर्य सरोवर योजना क्या है और इसका उद्देश्य क्या है?

प्रधानमंत्री सूर्य सरोवर योजना केंद्र सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है, जिसका मकसद देश के मौजूदा जलाशयों, तालाबों और औद्योगिक तालाबों का बेहतर इस्तेमाल करके स्वच्छ ऊर्जा का उत्पादन बढ़ाना है। इस योजना के तहत जमीन की बजाय पानी की सतह पर सौर पैनल लगाए जाएंगे, जिससे दो बड़े फायदे होंगे – पहला, महंगी और सीमित जमीन की जरूरत नहीं पड़ेगी, और दूसरा, तालाबों और जलाशयों का पानी भी बचेगा क्योंकि पैनल पानी की सतह को ढककर वाष्पीकरण कम करते हैं

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ सोलर एनर्जी (NISE) के आकलन के अनुसार, देश के जलाशयों और दूसरे जल स्रोतों पर करीब 102.18 गीगावाट पीक (GWp) फ्लोटिंग सोलर लगाने की संभावना है। इस योजना से देश की फ्लोटिंग सोलर क्षमता मौजूदा 700 मेगावाट से बढ़कर 5,700 मेगावाट हो जाएगी

इस योजना में सबसे खास क्या है – बैटरी स्टोरेज की सुविधा

PM-SSY की सबसे बड़ी खासियत यह है कि हर फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट के साथ एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (ESS) लगाना अनिवार्य होगा। हर प्रोजेक्ट में कम से कम दो घंटे की बिजली स्टोर करने की क्षमता होनी चाहिए, जो कुल मिलाकर 10,000 मेगावाट-घंटे (MWh) की स्टोरेज क्षमता बनाती है

इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि दिन में धूप निकलने पर जो बिजली बनेगी, उसे बैटरी में स्टोर किया जा सकेगा और रात के समय या बादल वाले मौसम में इस्तेमाल किया जा सकेगा। इससे राज्यों को पीक डिमांड (ज्यादा बिजली की जरूरत) के समय भी बिजली प्रबंधन में काफी मदद मिलेगी

PM सूर्य सरोवर योजना के मुख्य फायदे

इस योजना से कई स्तरों पर फायदा होगा:

1. पर्यावरणीय लाभ: इस योजना से सालाना करीब 10 मिलियन टन कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) उत्सर्जन कम होने का अनुमान है। यह जलवायु परिवर्तन से निपटने में बड़ी मदद होगी।

2. जमीन की बचत: फ्लोटिंग सोलर के लिए जमीन की जरूरत नहीं पड़ती, इसलिए कृषि या दूसरे कामों के लिए जमीन बचती है

3. पानी की बचत: तालाबों और जलाशयों की सतह पर पैनल लगने से पानी का वाष्पीकरण कम होता है, जिससे पानी बचता है। अध्ययनों के अनुसार, फ्लोटिंग सोलर से पानी का वाष्पीकरण 23 फीसदी तक कम किया जा सकता है

4. सस्ती बिजली: फ्लोटिंग सोलर से पैदा होने वाली बिजली की कीमत करीब 3.5 रुपये प्रति यूनिट आंकी गई है, जो काफी सस्ती है। इससे आम उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी।

5. ग्रिड स्थिरता: बैटरी स्टोरेज होने से पावर ग्रिड अधिक स्थिर रहेगा और बिजली आपूर्ति में उतार-चढ़ाव कम होगा

रोजगार और व्यापार के अवसर

PM-SSY से रोजगार के बड़े अवसर पैदा होंगे। सरकार के अनुसार, इस योजना से करीब 16,000 से 17,000 फुल-टाइम समकक्ष (पूर्णकालिक) रोजगार के अवसर बनेंगे। ये रोजगार फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट की पूरी वैल्यू चेन – यानी निर्माण, स्थापना, संचालन और रखरखाव – में पैदा होंगे

इसके अलावा, योजना से घरेलू विनिर्माण को भी बड़ा बढ़ावा मिलेगा। फ्लोटेशन सिस्टम (तैरने वाले प्लेटफॉर्म), सोलर सेल, मॉड्यूल और एनर्जी स्टोरेज सिस्टम जैसी चीजों का उत्पादन देश में ही बढ़ेगा, जिससे ‘आत्मनिर्भर भारत’ के सपने को ताकत मिलेगी। योजना से करीब 28,500 करोड़ रुपये का निवेश आने की भी उम्मीद है

क्या आम आदमी को सीधे तौर पर कोई पैसा मिलेगा?

यह सवाल कई लोगों के मन में आता है, इसलिए इसका सीधा और साफ जवाब – नहीं, PM सूर्य सरोवर योजना के तहत आम आदमी को सीधे तौर पर कोई पैसा नहीं मिलता है।

इस योजना और PM सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना में बहुत अंतर है। PM सूर्य घर योजना घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाने के लिए है, जिसमें घरेलू उपभोक्ताओं को 78,000 रुपये तक की केंद्रीय वित्तीय सहायता (सब्सिडी) मिलती है

जबकि PM सूर्य सरोवर योजना (PM-SSY) एक बड़े पैमाने की इंफ्रास्ट्रक्चर योजना है, जिसमें राज्य सरकारें और डेवलपर कंपनियां तालाबों और जलाशयों पर फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट लगाएंगी। इसका फायदा आम आदमी को अप्रत्यक्ष रूप से मिलेगा – जैसे सस्ती बिजली, कम प्रदूषण, और बेहतर बिजली आपूर्ति। सरकारी योजनाओं में सीधा आर्थिक लाभ मिलने वाली योजनाएं अलग हैं, जैसे PM-KISAN (किसानों को 6,000 रुपये सालाना)। PM-SSY में आम आदमी को कोई सीधा भुगतान नहीं होता।

PM-SSY से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

सवाल: PM सूर्य सरोवर योजना का बजट कितना है?
PM सूर्य सरोवर योजना का कुल बजट 5,070 करोड़ रुपये है

सवाल: इस योजना के तहत कितनी बिजली क्षमता जोड़ी जाएगी?
योजना के तहत 5,000 मेगावाट फ्लोटिंग सोलर क्षमता और 10,000 मेगावाट-घंटे (MWh) बैटरी स्टोरेज क्षमता जोड़ी जाएगी

सवाल: योजना कब तक लागू रहेगी?
परियोजनाओं को वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 के बीच मंजूरी दी जाएगी और वित्तीय सहायता 2032-33 तक जारी रहेगी

सवाल: क्या इस योजना से आम आदमी को सीधे पैसे मिलेंगे?
नहीं, यह एक इंफ्रास्ट्रक्चर योजना है, जिसमें आम आदमी को सीधे पैसे नहीं मिलते। फायदा अप्रत्यक्ष रूप से – सस्ती बिजली और कम प्रदूषण के रूप में – मिलता है।

सवाल: फ्लोटिंग सोलर कहां लगाए जाएंगे?
ये प्रोजेक्ट तालाबों, झीलों, बांधों, जलाशयों और औद्योगिक तालाबों की सतह पर लगाए जाएंगे

सवाल: PM-SSY और PM सूर्य घर योजना में क्या अंतर है?
PM-SSY तालाबों/जलाशयों पर बड़े पैमाने पर फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट के लिए है, जबकि PM सूर्य घर योजना घरेलू छतों पर रूफटॉप सोलर लगाने और सब्सिडी देने के लिए है

लेखक

Sandeep Kumar

संदीप कुमार LocalHaryana.com के संस्थापक और संपादक हैं। वे वर्ष 2020 से डिजिटल पत्रकारिता और ऑनलाइन समाचार प्रकाशन के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं। वे मुख्य रूप से हरियाणा समाचार, सरकारी योजनाएं, नौकरियां, शिक्षा, खेतीबाड़ी और मौसम से जुड़े विषयों पर लेखन और संपादन करते हैं। उनका प्रयास पाठकों तक तथ्य आधारित, स्पष्ट और उपयोगी जानकारी सरल हिंदी में पहुँचाना है। LocalHaryana.com पर प्रकाशित सामग्री उपलब्ध आधिकारिक सूचनाओं और विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर तैयार की जाती है।

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